सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को, जानिए 25 दान की सूची, कोई एक भी किया तो मिलेगी सफलता

डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिषाचार्य, रतन विशेषज्ञ, वास्तु एक्सपर्ट
30 अप्रैल 2022 शनिवार को वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि यह सोलर एक्लिप्स भारत में नहीं दिखाई देगा और न ही इसका सूतक मान्य होगा। फिर भी इस सूर्य ग्रहण का भारत में भी असर होगा। ऐसे में कुछ सावधानियां रखने के साथ ही आप 25 में से कोई एक दान जरूर करें।*
सूर्य ग्रहण का दान :-
सूर्य ग्रहण के बाद जूते, चप्पल या खड़ाऊ दान करने से जीवन में समृद्धि का आगमन होता और राहु-केतु का प्रभाव कम होता है।
इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना या गोशाला में चारा दान करना पुण्य का कार्य है।
इस दिन पक्षियों को दाना देना लाभकारी होता है।
इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों अन्य दान करने से अमोघ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।
इस दिन तर्पण के साथ पितरों के निमित्त पिंडदान जरूर करें क्योंकि इस दिन शनैश्चरी अमावस्या रहेगी। इससे पितरों को सद्गति की प्राप्ति होती है।
इस दिन कंबल दान करने से जहां राहु और केतु का बुरा प्रभाव नष्ट हो जाता है वहीं इससे करियर और कारोबार को सफलता मिलती है।
इस दिन पंचधान अनाज का दान करें। यानी गेहूं, जौ, मूंग, धान और तिल का दान करें।
इस दिन सीधा दान दान करें। यानी घी, आटा, नमक, गुड़, तेल, शक्कर।
इस दिन वस्त्र दान करें। यानी कुर्ता, पायजामा, धोति आदि का दान करें।
इस दिन दूध, दही, घी, चावल और शहद दान करें।
इस दिन टोपी या साफा दान करें।
इस दिन नदी किनारे या नदी में दीपदान करें।
सूर्य ग्रहण के बाद सफाई कर्मी को सिक्के दान जरूर करें।
इस दिन छाता दान करने से शनि का दूष्प्रभाव समाप्त हो जाता है।
इस दिन मसूल की दाल का दान करें।
गुड़ और गेहूं का दान करें। गुड़ के साथ गेहूं या आटे का दान करने से जीवनभर खुशहाल रहेंगे और लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। धन की कमी नहीं होगी।
मंदिर में बादाम का दान करें।
पलंग, रजाई, गादी और तकियों का दान करें।
गाया का दान करें।
मिट्टी का घड़ा दान करें।
बर्तन का दान भी कर सकते हैं।
ग्रहण के बाद मौसमी फलों का दान करने से सेहत संबंधी समस्या का निदान होता है।
ग्रहण के बाद सोना, चांदी या लोहे का दान करने से संतान और परिवार से संबंधित परेशानी का निदान होता है।
ग्रहण के बाद सुहागिनों को सुहाग और श्रृंगार की वस्तुओं का दान करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है।
ग्रहण के बाद औषधि का दान करना भी शुभ माना गया है।