- Birla Studios announces June 18th as the theatrical release date of Kartik Aaryan starrer Ladaku, directed by Kabir Khan!
- Sanaraees Khan Shares Inside Pictures from Raveena Tandon’s Star-Studded Birthday Bash
- Dr. Acharya Vinod Kumar Ojha Highlights the Astrological and Spiritual Significance of Diwali 2026
- Netflix Pe Pitega Titu Mama Ka ‘Dhindora’: India’s First and Biggest Digital Creator Bhuvan Bam Brings Cult Favourite Back for Season 2 on November 20
- Kamyaabi Ki Kahaani, Hassi Ki Zubani: Zakir Khan, Pankaj Tripathi and Vikas Divyakirti to Bring Laughter and Life Lessons to The Great Indian Kapil Show
गहनों का वैज्ञानिक महत्व
डॉ श्रद्धा सोनी
औरतों का शरीर और मन पुरुषों की अपेक्षा कोमल, संवेदनशील माना गया है. औरतों के शरीर में हारमोंस के उतार चढाव का शरीर और मन, विचारों पर काफी प्रभाव होता है. घर परिवार की जिम्मेदारियों की बात की जाय तो औरतें तन-मन से समर्पित रहती है.

ऐसे में प्राचीन ऋषियों ने कुछ ऐसे उपकरण बनाये जिससे औरतों के मन और स्वास्थ्य की रक्षा हो सके. प्रचलन में बढ़ने पर इनको सुन्दर गहनों का रूप मिलने लगा और यह नियमपूर्वक पहने जाने लगे.
सोने के गहने गर्मी और चांदी के गहने ठंडी का असर शरीर में पैदा करते हैं. कमर के ऊपर के अंगों में सोने के गहने और कमर से नीचे के अंग में चांदी के आभूषण पहनने चाहिए. यह नियम शरीर में गर्मी और शीतलता का संतुलन बनाये रखता है.
चूड़ी पहनने के फायदे
– चूड़ी कलाई की त्वचा से घर्षण करके हाथों में रक्त संचार बढाती है. यह घर्षण ऊर्जा भी पैदा करता है जोकि थकान को जल्दी हावी नहीं होने देता.
– कलाई में गहने पहनने से श्वास रोग, ह्रदय रोग की सम्भावना घटती है. चूड़ी मानसिक संतुलन बनाने में सहायक है।
– चटकी हुई या दरार पड़ी हुई चूड़ियाँ नहीं पहननी चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा बढती है.
– लाल रंग और हरे रंग की चूड़ियाँ सबसे अच्छे असर वाली मानी जाती हैं.
बिछिया पहनने के फायदे
– विवाहित महिलाएं पैरो में बीच की 3 उँगलियों में बिछिया पहनती है. यह गहना सिर्फ साज-श्रृंगार की वस्तु नही है,
– दोनों पैरों में बिछिया पहनने से महिलाओं का हार्मोनल सिस्टम सही रूप से कार्य करता है, बिछिया पहनने से थाइराइड की संभावना कम हो जाती है।
– बिछिया एक्यूप्रेशर उपचार पद्दति पर कार्य करती है जिससे शरीर के निचले अंगों के तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियां सबल रहती हैं.
– बिछिया एक खास नस पर प्रेशर बनाती है जोकि गर्भाशय में समुचित रक्तसंचार प्रवहित करती है. इस प्रकार बिछिया औरतों की गर्भधारण क्षमता को स्वस्थ रखती है.
– मछली की आकार की बिछिया सबसे असरदार मानी जाती है. मछली का आकार मतलब बीच में गोलाकार और आगे पीछे कुछ नोकदार सी.
पायल पहनने के फायदे
– पायल पैरों से निकलने वाली शारीरिक विद्युत ऊर्जा को शरीर में संरक्षित रखती है.
– पायल महिलाओं के पेट और निचले अंगों में वसा (फैट) बढ़ने की गति को रोकती है. – वास्तु के अनुसार पायल की छनक निगेटिव ऊर्जा को दूर करती है.
– चांदी की पायल पैरो से घर्षण करके पैरों की हड्डियाँ मजबूत बनाती हैं.
– पैर में पायल पहनने से महिला की इच्छा-शक्ति मजबूत होती है.जिससे औरतें अपने स्वास्थ्य की चिंता किये बिना पूरी लगन से परिवार के भरण-पोषण में जुटी रहती हैं.
– पैरों में हमेशा चांदी की पायल पहने. सोने की पायल शारीरिक गर्मी का संतुलन खराब करके रोग उत्पन्न कर सकती हैं.


