- अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक
- जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट की फिल्म 'डोरोथी' का टाइटल आउट, TIFF प्रीमियर से पहले बड़ा सरप्राइज
- सन नियो लेकर आ रहा है 'राजनंदिनी' : बदला, प्यार और रहस्यों से भरी एक नई कहानी
- Sun Neo Announces Raajnanndini: A Powerful Story of Revenge and Love
- दिल धोखा और डिज़ायर से लेकर लॉक अप सीज़न 2 तक… आकांक्षा चमोला का धमाकेदार सफर
विद्यार्थियों को सिखाये जागरूक मतदाता होने के गुर
उप निर्वाचन आयुक्त श्री चंद्रभूषण कुमार विद्यार्थियों से हुए रू-ब-रू
इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री चंद्र भूषण कुमार तथा डायरेक्टर (व्यय) श्री विक्रम बत्रा अपने एक दिवसीय प्रवास पर इंदौर आये। इंदौर आने के पश्चात सीधे वे एसजीएसटीआईएस महाविद्यालय पहुंचे। यहां वे विद्यार्थियों से रू-ब-रू हुए और उनसे सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होने विद्यार्थियों को जागरूक मतदाता होने के गुर सिखाए। वीवीपेट तथा ईवीएम की कार्यप्रणाली बताई इसके साथ ही उन्होने भारत के लोकतंत्र और चुनाव पद्धति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदा?धिकारी श्री बी.एल. कांताराव, संभागायुक्त इंदौर श्री राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े, अपर कलेक्टर श्रीमती निधि निवेदिता, एसजीएसटीआईएस के डायरेक्टर श्री आर.के. सक्सेना विशेष रूप से मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप निर्वाचन आयुक्त श्री चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा और सबसे मजबूत लोकतंत्र हैं। यहां का लोकतंत्र दिन-प्रतिदिन सुदृढ़ हो रहा हैं। भारत के लोकतंत्र की अनेक विशेषताएं हैं। इसके कारण विश्व में भारत के लोकतंत्र की विशेष पहचान हैं। लोकतंत्र की सुदृढ़ता में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की भी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। चुनाव में मतदाताओं का सबसे बड़ा योगदान होता हैं।
उन्होने युवाओं से आग्रह किया कि वे जागरूक मतदाता बने। इसके लिए मतदाता सूची में अपना नाम जुडवायें, फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र बनवाएं। मतदाता सूची का समय-समय पर अवलोकन भी करते रहें। वे यह देखे की उनका नाम मतदाता सूची से कहीं हट तो नहीं गया हैं। अगर उनका नाम नहीं है तो वे जुडवाए। मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाए। उन्होने कहा कि फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र होना ही काफी नहीं हैं बल्कि मतदाता सूची में नाम होना भी अनिवार्य होता हैं।
वीवीपेट और ईवीएम मशीन पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया
श्री चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि वीवीपेट और ईवीएम मशीन पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत कार्य करती हैं। वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती हैं। उन्होने बताया कि देश में सबसे पहली बार 1982 में केरल विधानसभा के एक उप चुनाव में ईवीएम का उपयोग किया गया था। वर्ष 2004 के पश्चात सभी चुनाव ईवीएम के माध्यम से हो रहें हैं। जुलाई 2017 के बाद से ईवीएम के साथ वीवीपेट भी जोड़ दी गई हैं। इस मशीन में मतदाता अपने द्वारा दिये गये मत को 07 सेकेण्ड तक देख सकते हैं। उन्होने बताया कि मतदान का प्रतिशत पिछले चुनाव से लगातार बढ़ रहा हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मतदान में सक्रिय भागीदारी करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बी.एल. कांताराव ने चुनाव पद्धति के संबंध में जानकारी दी। डायरेक्टर (व्यय) श्री विक्रम बत्रा ने निर्वाचन के दौरान उम्मीदवारों के व्यय सीमा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का संचालन कलेक्टर इंदौर श्री निशांत वरवड़े ने किया।


