- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची त्रुटिरहित बनाएं: उप निर्वाचन आयुक्त
इंदौर. आगामी विधासभा चुनाव-2018 के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया हैं. इसी तारतम्य में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार, डायरेक्टर (व्यय) भारत निर्वाचन आयोग विक्रम बत्रा और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश बी.एल. कांताराव ने इंदौर-उज्जैन संभाग के कमिश्नर और कलेक्टर तथा निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की.
बैठक को संबोधित करते हुए उप निर्वाचन आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने कहा कि निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी अभी से चुनाव की तैयारी में लग जाएं. चुनाव एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं. इस काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एंव चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सबसे पहले त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करें. बीएलओ कों निर्देशित करें कि वे घर-घर जाकर वर्तमान मतदाता सूची से मृत और विस्थापित व्यक्तियों के नाम हटाएं. इस अवसर पर आयुक्त इंदौर संभाग राघवेन्द्र सिंह और आयुक्त उज्जैन संभाग एम.बी. ओझा विशेष रूप से मौजूद थे.
मतदाता जागरूकता अभियान चलाएं
उप निर्वाचन आयुक्त श्री कुमार ने कहा कि निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारीगण स्वीप प्लान के तहत मतदाता जागरूकता अभियान चलाएं। इस अभियान के तहत अधिकाधिक मतदान कराने के लिए नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, वीवीपेट प्रचार रथ संचालन, स्वीप नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण और निर्वाचन साक्षरता प्रभारियों को प्रशिक्षित करें. निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों में सजगता और गंभीरता जरूरी हैं. जिला प्रशासन को पूरी तरह इलेक्शन मोड में कर दिया जाए.
चुनाव खर्च में पारदर्शिता बरतें
बैठक को संबोधित करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के डायरेक्टर विक्रम बत्रा ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. इसमें करोड़ों रूपये खर्च होते हैं. चुनाव से जुड़े लेखा अधिकारी का दायित्व है कि वे चुनाव खर्च में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतें तथा एक-एक पाई का हिसाब रखें. चुनाव खर्च पर नियंत्रण और निगरानी जरूरी हैं. इसी माह चुनाव से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को सघन प्रशिक्षण दिया जाये. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश भोपाल बी.एल. कांताराव ने कहा कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से कराना हैं। अधिकारीगण निर्वाचन आयोग द्वारा मोबाइल पर भेजे गये संदेश को प्रतिदिन पढ़े और निर्देशों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. बैठक में संभाग के कलेक्टर्स ने जिलेवार जानकारी प्रस्तुत की. इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एस.एस. बंसल, इंदौर-उज्जैन संभाग के सभी कलेक्टर्स और उप जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद थे.
वर्मा ने कांग्रेस का पक्ष रखा

सज्जन सिंह वर्मा जी के नेतृत्व में इलेक्शन कमिशन के उच्चअधिकारियों से फज़ऱ्ी वोटर लिस्ट का निराकरण करने हेतु कांग्रेस का पक्ष रखा. सज्जन वर्मा जी ने अपनी विधानसभा सोनकच्छ का उदाहरण देकर बताया की सोनकच्छ की वोटर लिस्ट में कई फज़ऱ्ी वोटर है. लगभग 25000 फज़ऱ्ी वोटर का डाटा पेनड्राइव में सबूत के तौर पेश किये. इसी तरह पूरे स्टेट में लाखों फज़ऱ्ी वोटर है. फज़ऱ्ी वोटर हटाए बिना निष्पक्ष चुनाव असंभव है. वर्मा ने अनुरोध किया कि कर्नाटक की ही तरह म.प्र. में भी एक ही चरण में चुनाव किए जाये इससे फज़ऱ्ी मतदान पर अंकुश लगेगा.


