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- प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री
- ईवी बसें बदल देंगी पूरे एमपी का ट्रांसपोर्ट सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- सम्युक्ता ने बताया इस साल कैसे मनाएंगी अपना बर्थडे, ‘आई वॉन्ट टू कीप इट सिंपल एंड क्लोज़ टू मायसेल्फ’
प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री
इंदौर 11 सितम्बर 2026. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी महीने 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति में हम 25 सितम्बर से नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड़ नेटवर्क है। यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने का स्कोप है। हमारे नागरिकों के अलावा प्रदेश में हर साल करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रृद्धालुओं द्वारा भी आवागमन के लिए बस का उपयोग किया जाता है। यह हमारे लिए चुनौती के साथ ही एक बड़ा अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी बस आपरेटर्स, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय में मप्र में बढ़ते अवसरों को पहचाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सरकार के साथ जुड़ें। प्रदेश में यात्रियों के हित में एक ऐसा फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माडल तैयार करें, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत ‘यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सासाराम (बिहार) के श्री सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये राशि के प्रथम पुरस्कार, दिल्ली के श्री चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय सांत्वना पुरस्कार और भोपाल की सुश्री गौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये राशि के तृतीय सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर ‘एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026’ का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पूर्व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर के जनप्रतिनिधियों और बस ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का आगमन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने गणेश स्थापना के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया था। इसी माह 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उनके नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी दूरदर्शी सोच से पूरा भारत गौरवान्वित है। श्री मोदी सर्वाधिक समय तक शासन करने वाले देश के इकलौते नेता हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देशभर से नक्सलवाद की समस्या खत्म हुई है। मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ रही है। हमारे एयरपोर्ट विश्वस्तरीय हो गए हैं। लोक जीवन में लोक परिवहन का विशेष महत्व है। आज से 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ मालवा से लेकर काशी और सनातन संस्कृति के चारों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रबंध किए थे। इंदौर की धरती से उन्होंने अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत से बाजार में अवसर बढ़ेंगे, जो हमें आगे बढ़ने का मौका देंगे। हमारी सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सुगम परिवहन बस सेवा की योजना तैयार की है। इसमें आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का भी ध्यान रखा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन से प्रदेश में ई-व्हीकल्स का संचालन प्रारंभ हो रहा है। अब हमारी धरती पर बने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन देश-दुनिया में सप्लाई हो रहे हैं। आज एक विशेष एमओयू भी किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्यप्रदेश में 8 लेन होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश भारत के मध्य में है। यहां से करीब 6 घंटे में दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं। आमजन के लिए सार्वजनिक सेवाओं में लोक परिवहन का खास महत्व है। प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क तैयार है। हमारी सुगम परिवहन सेवा सभी की जरूरतों को पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले उज्जैन में प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख श्रद्धालु आते थे। अब इनकी संख्या 8 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। इस वर्ष उज्जैन में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब प्रदेश में प्रतिवर्ष 20 करोड़ से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे समय में सुगम परिवहन की व्यवस्था हम सभी का दायित्व है। एक राज्य एक बस सेवा से यात्रियों के लिए आवागमन सुगम होगा और प्रदेश के अनेकों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश में दशकों से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को आज एक संजीवनी मिली है। यह 20 साल में 360 डिग्री बदलाव का अवसर है। सुगम परिवहन बस सेवा यात्रियों, ऑपरेटरों, सरकार और नई तकनीक अपनाने वालों को लाभान्वित करेगी। देशभर में हाईस्पीड ट्रेन, लॉजिस्टिक कॉरिडोर, डेडीकेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हाईस्पीड हाईवे का जाल बिछ रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश सरकार भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए तेज गति से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होने जा रही है। जनसेवा का यह अभियान 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा और इसी माह 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के जरिए ‘प्रदेश की अपनी बस सेवा’ की अनुपम सौगात मिलेगी।
*प्रदेश में यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर बनेगी यह समिट- मंत्री श्री सिंह*
परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-सक्षम यात्रा उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में यह समिट एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने परिवहन के क्रमिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 17वीं सदी की पारंपरिक व्यवस्था और बाद के पेट्रोल-डीजल युग से आगे बढ़कर आज हम ई-बसों के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदूषण-मुक्त परिवहन के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण अंचलों को शहरों से उत्कृष्ट व सुरक्षित सेवाओं के माध्यम से जोड़ना है।
परिवहन मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निजी बस संचालकों के साथ सहभागी बनकर एक संगठित और पारदर्शी व्यवस्था विकसित कर रही है। ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के माध्यम से आधुनिक बस टर्मिनलों का निर्माण, डिजिटल ट्रैकिंग, चालकों-परिचालकों की प्रभावी निगरानी और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। वर्ष 2004-05 में पुरानी राज्य परिवहन सेवा बंद होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस नवीन सेवा का संकल्प लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।
इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में यात्री परिवहन की समस्या को अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ समाधान करने का कार्य किया है। इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन बस योजना का लाभ मिलेगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से निर्मित होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहर से जोड़ेगा। परिवहन में ई-बस के उपयोग से प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। मध्यप्रदेश में पुन: राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। उन्होंने समिट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की आवश्यकता, पृष्ठभूमि, नवीन व्यवस्था के सृजन, व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ और संस्थागत संरचना का अपने संबोधन में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) की स्थापना कर बस संचालन, ITMS और परिवहन अधोसंरचना को PPP मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे किया जा चुका है तथा डेटा आधारित लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ EV और CNG बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सचिव श्री सिंह ने कहा कि समिट के माध्यम से बस ऑपरेशन, अधोसंरचना, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और ऑपरेटरों की वित्तीय साध्यता पर विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन कर PPP आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मॉडल और आधुनिक ITMS का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को “सही बस, सही मार्ग और सही समय” के अनुरूप विश्वसनीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।
समिट में तकनीकी नवाचारों और निवेश को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। यश टेक्नोलॉजी के सीएफओ श्री धर्मेंद्र जैन के कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग, तकनीक और रोजगार को आमजन से जोड़ते हुए विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य एक बड़ा विजन है। बसों की संख्या बढ़ने से आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर यश टेक्नोलॉजी की कर्मभूमि है और कंपनी इस दिशा में राज्य सरकार के साथ सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।
एका मोबिलिटी, पुणे के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री सुधीर मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का विजन प्रशंसनीय है और इसी दिशा में यात्री परिवहन विजन समिट का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि एका मोबिलिटी द्वारा मध्यप्रदेश में चौथे प्लांट के रूप में पीथमपुर में इलेक्ट्रिक बस निर्माण का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसका कार्य मात्र 14 माह में पूर्ण किया गया है। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 हजार ई-बसों की होगी, जो प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ सुगम एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऑल इंडिया बस एंड कार कम्फेडरेशन के प्रेसिडेंट श्री प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि हमारा बस परिवहन सिस्टम प्रतिदिन देशभर में 40 करोड़ लोगों को गंतव्य तक पहुंचाता है। यह अन्य सभी परिवहन सेवाओं से कहीं अधिक है। मध्यप्रदेश बस परिवहन सेवा में पीपीपी मॉडल का नवाचार करने वाला पहला राज्य है। इसे बस यात्रियों को अत्याधुनिक और तकनीक आधारित सुगम सुविधाएं मिलेगी।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री मधु वर्मा, श्री रमेश मेंदोला, श्री राकेश शुक्ला और एलेट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ और संपादक प्रमुख डॉ. रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियां और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हुए।
*प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श के लिए यात्री परिवहन विजन समिट 2026*
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विजन को प्रस्तुत करने और मध्य प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए 11-12 सितंबर 2026, दो दिवसीय राज्य स्तरीय समिट का आयोजन किया गया है। इसमें 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और 100 प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ भाग लें रहे है, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, ई-बस और बड़े वाहन निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां व आईटीएमएस एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, ऊर्जा कंपनियाँ और निजी बस संचालक जैसे प्रमुख हितधारक शामिल हैं।
समिट का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण कर ग्रामीण, अंतरज़िला एवं अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है। साथ ही डिजिटल टिकटिंग व रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है। यह संपूर्ण व्यवस्था ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है। जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से प्रभावी बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) द्वारा सेवाओं की तकनीक-आधारित निगरानी व प्रबंधन और आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो एवं स्टॉप सहित अन्य जरूरी अधोसंरचना का विकास शामिल है।
इस पहल से राज्य में एक एकीकृत और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन इकोसिस्टम का निर्माण होगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इससे ग्रामीण, क्षेत्रीय एवं ज़िला स्तरीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा संपूर्ण परिवहन संचालन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। इसके साथ ही, डिजिटल मोबिलिटी सेवाओं के विस्तार और आधुनिक, यात्री-अनुकूल अवसंरचना के विकास को नई गति मिलेगी। पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ परिवहन तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह व्यवस्था सरकार, उद्योग और निजी क्षेत्र के हितधारकों के बीच एक मजबूत एवं प्रभावी साझेदारी भी स्थापित करेगी।
*यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका*
यात्री परिवहन विज़न समिट 2026 स्मारिका प्रदेश में एक कनेक्टेड, तकनीक-सक्षम, सतत और भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन तंत्र के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान दस्तावेज़ और नीतिगत रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसमें जनप्रतिनिधियों, शासन और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रेरक विचार एवं साक्षात्कार संकलित किए गए हैं।
*मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका*
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका’ इस महत्वाकांक्षी पहल की रूपरेखा और भावी कार्ययोजना को रेखांकित करती है। पुस्तिका में योजना के तीन मुख्य स्तंभों—पीपीपी मॉडल के तहत पेशेवर बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) तथा आधुनिक परिवहन अधोसंरचना के विकास को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और अधोसंरचना लिमिटेड (MPYPIL), सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों और ज़िला स्तरीय समितियों पर आधारित त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे को समझाया गया है। इसके साथ-साथ डेटा-आधारित रूट प्लानिंग, रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और स्वच्छ मोबिलिटी तकनीकों के विस्तृत प्रावधानों को इसमें स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।
*MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित*
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के निर्धारण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। देशभर के क्रिएटिव डिजाइनर्स, विद्यार्थियों, फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल एजेंसियों से मिली कुल 135 प्रविष्टियों का परीक्षण कर तीन सर्वश्रेष्ठ डिजाइनों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में सासाराम (बिहार) के श्री सुधाकर कुमार ने 5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, दिल्ली के श्री चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय पुरस्कार और भोपाल की सुश्री गौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये के तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया।
*सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू*
प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट तथा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से MPYPIL और ‘रैपिडो’ के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफॉर्म से एकीकृत की जाएगी। इस साझेदारी में समावेशी मोबिलिटी को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस एकीकृत व्यवस्था को प्रारंभिक चरण में भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा, जो राज्य में एक आधुनिक और यात्री-अनुकूल मोबिलिटी इकोसिस्टम स्थापित करने में मददगार साबित होगी।
*एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026 का किया शुभारंभ*
‘एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026’ का उद्देश्य राज्य की वास्तविक परिवहन चुनौतियों के समाधान के लिए नवीन पद्धतियों व तकनीकों की पहचान करना और धरातल पर लागू करना है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पाँच प्रमुख क्षेत्रों एआई एवं डेटा-आधारित इंटेलिजेंट मोबिलिटी, वित्तीय व परिचालन स्थिरता, समावेशी मोबिलिटी, अवसंरचना एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, तथा ग्रीन मोबिलिटी पर केंद्रित है। यह पहल स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगी, जिससे प्रदेश में एक अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।


