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दिल के संकेतों को अनदेखा न करें – डॉ. वत्सल कयाल
विश्व हृदय दिवस 2026
इंदौर। विश्व हृदय दिवस 2026 के अवसर पर यूनिक हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वत्सल कयाल ने लोगों से दिल की तकलीफ़ के संकेतों को समय रहते पहचानने और उन पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है।
डॉ. कयाल ने कहा, “दिल का दौरा कभी सुविधाजनक समय देखकर नहीं आता। अपने काम के दौरान मैंने कई लोगों को इलाज लेने में देर करते देखा है। किसी को लगा कि तकलीफ़ अपने आप ठीक हो जाएगी, किसी ने उसे एसिडिटी समझा, तो किसी ने सोचा कि इस उम्र में दिल की बीमारी कैसे हो सकती है। मेरा संदेश सरल है—दिल की तकलीफ़ को समय रहते पहचानें और उस पर ध्यान दें।”
इस वर्ष विश्व हृदय दिवस का संदेश “Don’t Miss a Beat” है। यह संदेश दिल की बीमारी के उन संकेतों पर ध्यान दिलाता है जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। दिल के दौरे में सीने में दर्द, दबाव या भारीपन हो सकता है। इसके साथ साँस फूलना, पसीना आना, जी मिचलाना या बाँह, पीठ और जबड़े में तकलीफ़ भी हो सकती है। हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते। यदि ऐसी तकलीफ़ नई है, बनी हुई है या चिंता पैदा कर रही है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। घर पर बैठकर इसके ठीक होने का इंतज़ार न करें।
डॉ. कयाल ने आगे बताया कि दिल की देखभाल किसी आपात स्थिति से बहुत पहले शुरू होती है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल वर्षों तक बिना स्पष्ट लक्षणों के दिल का ख़तरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए नियमित जाँच कराएँ, अपनी रिपोर्ट के आँकड़ों को समझें और डॉक्टर की बताई दवाएँ नियमित रूप से लें—भले ही आप ठीक महसूस कर रहे हों।
रोज़मर्रा की आदतें भी मायने रखती हैं। तंबाकू के हर रूप से दूर रहें। नियमित शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालें। भोजन में फल, सब्ज़ियाँ, दालें और साबुत अनाज बढ़ाएँ तथा अधिक नमक और पैकेटबंद भोजन कम करें। सभी बदलाव एक साथ करना ज़रूरी नहीं है। रोज़ टहलना, भोजन में एक अच्छा बदलाव करना और समय पर स्वास्थ्य जाँच कराना—ये छोटी शुरुआत भी अहम है।
इस विश्व हृदय दिवस पर डॉ. कयाल ने परिवार के सदस्यों की सेहत का भी ख्याल रखने की सलाह दी। किसी अपने को ब्लड प्रेशर जाँचने के लिए प्रेरित करें, तंबाकू छोड़ने में उसका साथ दें और दिल के दौरे के संकेत पहचानकर सामने आने पर तुरंत कदम उठाएँ।
डॉ. कयाल ने निष्कर्ष में कहा, “दिल की सेहत रोज़ लिए गए छोटे-छोटे फैसलों से बनती है। और जब कोई ख़तरे का संकेत मिले, तो समय पर लिया गया फैसला जीवन बचा सकता है।


