- आरंभ गरबा महोत्सव 2026: इंदौर की सांस्कृतिक धरोहरों का भव्य उत्सव
- Hindi Zee 5 Unveils Trailer of Jio Studios, Fresh Lime Films and MA+TH Entertainment Networks’ Sumo Didi, A powerful story of grit, resilience, and breaking Stereotypes!
- Bollywood Actors Show Ways to Paint the Town Red this Navratri
- Karan D Kapadia Delves into the Mind of Hunkkaar: The Roar: The show acts as a small catalyst for change
- अक्षय कुमार और विपुल अमृतलाल शाह की ‘समुक’ ने यूके में पूरा किया शूटिंग शेड्यूल, अब मुंबई में होगा आखिरी पड़ाव
द पार्क इंदौर में पूर्वांचल फूड फेस्टिवल का आयोजन
इंदौर, 17 सितंबर 2026। शहर के खाने-पीने के शौकीनों के लिए आने वाले दस दिन खास होने वाले है। द पार्क इंदौर में 18 सितंबर से पूर्वांचल फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, जहां मेहमानों को पूर्वांचल की समृद्ध पाक-संस्कृति, उसके पारंपरिक व्यंजन और प्रामाणिक स्वादों का व्यापक अनुभव मिलेगा। दस दिनों तक चलने वाला यह उत्सव शहरवासियों को पूर्वांचल की भोजन विरासत से रूबरू कराने के लिए तैयार किया गया है। यह फेस्टिवल 27 सितंबर तक चलेगा और हर शाम 7:30 बजे से आयोजित किया जाएगा।
फूड फेस्टिवल के मेनू का क्यूरेशन द पार्क इंदौर के एग्जीक्यूटिव शेफ संतोष यादव ने किया है। उनके अनुसार, “मेनू में पारंपरिक व्यंजनों की विविधता और संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि परिवार और मित्रों के साथ आने वाले हर मेहमान को अपनी पसंद के अनुरूप प्रामाणिक विकल्प मिलें। फूड फेस्टिवल के लाइव स्टेशन्स में लिट्टी चोखा, सत्तू पराठा, निमोना / पूरी, दाल पूरी, दाल फरा, बेसन फुलौरी, मशरूम गलौटी, सकोड़ा, कटहल निहारी, खस्ता / कोहड़ा का लगड़वा, हरा चना बचका / आलू चॉप, कटहल की सब्जी, कढ़ी बड़ी, हरे मटर की शमी, दही जलेबी, मालपुए / खीर, खाजा, ठेकुआ, सत्तू शरबा, चाट काउंटर शामिल होंगे।”
द पार्क इंदौर के फ़ूड एंड बेवरेज डायरेक्टर सुदीप कांजीलाल ने कहा, “इस फेस्टिवल का उद्देश्य सिर्फ व्यंजन परोसना नहीं है, बल्कि शहरवासियों को पूर्वांचल के पारंपरिक और प्रामाणिक स्वादों से रूबरू कराना है। हमने हर व्यंजन को स्थानीय तौर-तरीकों और मसालों के अनुसार तैयार किया है, ताकि स्वाद में असली अनुभव आए। इसके अलावा, फ़ेस्टिवल में शामिल लाइव स्टेशन्स और डेज़र्ट्स भी यही कोशिश करते हैं कि लोग व्यंजन को सिर्फ खाने तक सीमित न समझें, बल्कि उसके बनने की प्रक्रिया और उसकी खुशबू, रंग और प्रस्तुति का आनंद भी ले सकें। हम चाहते हैं कि यह आयोजन स्वाद और अनुभव दोनों के मामले में यादगार साबित हो।”


