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केयर सीएचएल हॉस्पिटल ने लॉन्च की प्रदेश की पहली 5G एंबुलेंस, अब एंबुलेंस में ही शुरू होगा मरीजों का इलाज
• इमरजेंसी मेडिसिन डे पर हॉस्पिटल ने अपग्रेडेड इमरजेंसी विभाग भी किया री – लॉन्च
• गंभीर मरीजों की लाइव मॉनिटरिंग करेंगे डॉक्टर्स, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही शुरू होगा उपचार
इंदौर, 27 मई 2025: केयर सीएचएल हॉस्पिटल ने इमरजेंसी मेडिसिन डे के अवसर पर शहर को दो बड़ी सोगात दी हैं। हॉस्पिटल ने न केवल अपने इमरजेंसी विभाग को तकनीकी रूप से अपग्रेड करके री – लॉन्च किया है, बल्कि मध्य प्रदेश की पहली 5G – सक्षम एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। यह एंबुलेंस गंभीर रूप से बीमार मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उपचार प्रदान करेगी और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की सुविधा देगी। इससे मरीज को जीवन बचाने का अधिक मौका मिलेगा और हॉस्पिटल पहुंचते ही उसे तुरंत आवश्यक उपचार दिया जा सकेगा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित सिंह उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि, “सीएचएल केयर हॉस्पिटल से लंबे समय से जुड़ा हुआ है, यहां मैंने आपरेशन भी करवाया है। यहां आधुनिक इलाज की सुविधा मिलती है। साथ ही बताया कि प्रदेश में हर वर्ष 14 हजार लोगों की मौत सड़क हादसे में होती है। इन हादसों में मरीज का हॉस्पिटल समय पर पहुंचना आवश्यक है। अब हॉस्पिटल की 5G एंबुलेंस में रास्ते में ही मरीज को उपचार मिलने लगेगा।”
इस दौरान डॉ मनीष पोरवाल, डॉ नीरज जैन, डॉ आशीष बागड़ी, डॉ प्रवीण अग्रवाल, डॉ सचिन अधिकारी, डॉ वैभव शुक्ला सहित केयर सीएचएल के सभी विशेषज्ञ मौजूद रहे।
एंबुलेंस में ही शुरू होगा इलाज
इस अत्याधुनिक 5G एंबुलेंस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मरीज की स्थिति की जानकारी हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों को मिल जाएगी। एंबुलेंस 5G तकनीक से लैस है, जिससे डॉक्टर वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज को देख सकेंगे और पैरामेडिकल स्टाफ को तुरंत निर्देश दे सकेंगे। साथ ही, मरीज की ईसीजी, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स भी तुरंत डॉक्टरों तक पहुंच जाएंगी।
हर सेकंड कीमती
हॉस्पिटल के रीजनल सीईओ श्री हरीश त्रिवेदी ने बताया, “यह सुविधा विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी आपात स्थितियों में कारगर साबित होगी, जहां हर सेकंड कीमती होता है। हमारी ‘पावर ऑफ 3’ प्रतिबद्धता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है — सभी इमरजेंसी कॉल 3 रिंग्स के भीतर उठाई जाती हैं, शहर के भीतर 30 मिनट में एंबुलेंस पिकअप सुनिश्चित किया जाता है, और मरीज के अस्पताल पहुंचने के 3 मिनट के भीतर ईआर डॉक्टर द्वारा देखभाल शुरू हो जाती है।” उन्होंने आगे कहा, “इस अत्याधुनिक तकनीक से मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तुरंत सिस्टम में अपलोड हो जाएगी, जिससे उसे हॉस्पिटल पहुंचते ही सीधे आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर या अन्य जरूरी विभाग में भेजा जा सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीज के बचने की संभावना भी कई गुना बढ़ेगी।”
इमरजेंसी विभाग भी हुआ अपग्रेड, केयर सीएचएल हॉस्पिटल में मिल रही अत्याधुनिक सुविधाएं
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के निदेशक श्री मनीष गुप्ता ने बताया, “केयर सीएचएल हॉस्पिटल हमेशा से नई तकनीकों को अपनाने में अग्रणी रहा है। इससे पहले हॉस्पिटल में वाइड-बोर एमआरआई मशीन लाई गई थी, जिसमें मरीज विडियो देखते हुए अपनी जांच करा सकते हैं। इसके अलावा यहां प्रदेश की पहली आधुनिक कैथ लैब की भी सुविधा दी गई थी। जल्द ही हॉस्पिटल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा भी शुरू की जा रही है, जिससे मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर लगातार ब्लड मिल सकेगा। यह प्रोटोकॉल 24 घंटे फॉलो किया जाएगा।”
हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर और एमरजेंसी हेड डॉ. निखिलेश जैन ने बताया कि, “हॉस्पिटल के इमरजेंसी विभाग में मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल रहा है। यदि कार्डियक का मरीज आता है और उसे स्टेंट डालने की जरूरत होती है तो 90 मिनट के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। वहीं स्ट्रोक के मरीजों का इलाज 60 मिनट के भीतर कर दिया जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार है।”
यह होती है 5G एंबुलेंस
• 5G एंबुलेंस एक अत्याधुनिक मेडिकल वैन होती है, जो 5G इंटरनेट से जुड़ी होती है।
• हाई स्पीड कनेक्टिविटी: एंबुलेंस से हॉस्पिटल तक तुरंत वीडियो और डेटा ट्रांसफर।
• रियल टाइम वीडियो कॉल: डॉक्टर मरीज को एंबुलेंस में बैठे-बैठे लाइव देख सकते हैं।
• रीयल टाइम रिपोर्ट ट्रांसफर: ईसीजी, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल जैसी रिपोर्ट तुरंत डॉक्टर को मिलती हैं।
• सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम: बड़े शहरों में स्थित विशेषज्ञ डॉक्टर भी मरीज की स्थिति पर नजर रखते हैं।
• प्रारंभिक इलाज की सुविधा: हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही इलाज शुरू हो जाता है, जिससे समय की बचत होती है और मरीज को जल्दी राहत मिलती है।
इस नई 5G एंबुलेंस के साथ, केयर सीएचएल हॉस्पिटल ने मध्य प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को एक नया आयाम दिया है, जिससे मरीजों के बचने की दर में सुधार होने की उम्मीद है।


