जीत एआई (JEET AI) ने पेश किया भारत का पहला एआई ट्यूटर, जो सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि पढ़ाता भी है

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। जीत एआई ने भारत का पहला ऐसा एआई ट्यूटर पेश किया है, जो विद्यार्थियों को वास्तव में पढ़ाता है और निजी शिक्षक के साथ पढ़ने जैसा अनुभव प्रदान करता है। विद्यार्थियों के सवाल पूछने का इंतजार करने के बजाय, यह खुद कॉन्सेप्ट्स को समझाता है, वर्चुअल बोर्ड पर लिखता है और महत्वपूर्ण बिंदुओं को चिह्नित करता है। साथ ही, विषय को बेहतर ढंग से समझाने के लिए उपयोगी मल्टीमीडिया सामग्री और इंटरैक्टिव सिमुलेशन का इस्तेमाल करता है। उदाहरण के तौर पर, रसायन विज्ञान का कोई विषय पढ़ाते समय जीत एआई केमिकल रिएक्शंस को दिखा सकता है, दृश्य उदाहरणों के जरिये उनके पीछे का विज्ञान समझा सकता है और आगे बढ़ने से पहले यह भी जांच सकता है कि विद्यार्थी ने विषय को ठीक से समझा है या नहीं।

एक अच्छे शिक्षक की तरह यह पढ़ाई के दौरान लगातार विद्यार्थियों की समझ परखता है, सवाल पूछता है और उनकी प्रोग्रेस के अनुसार समझाने का तरीका बदलता है। विद्यार्थी किसी भी समय बीच में रोककर सवाल पूछ सकते हैं और बिना किसी झिझक या आलोचना के बार-बार स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। जीत एआई की शुरुआत हिंदी में पढ़ाने की सुविधा के साथ हुई है। आने वाले महीनों में तमिल और कन्नड़ समेत अन्य भारतीय भाषाओं का विकल्प भी जोड़ा जाएगा।

दशकों से विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों, रिकॉर्डेड लेक्चर और यूट्यूब वीडियो पर निर्भर रहे हैं। हालांकि, एक साथ सैकड़ों विद्यार्थियों को पढ़ाने की व्यवस्था में हर विद्यार्थी की जरूरत के मुताबिक पढ़ाई कराना लगभग असंभव हो जाता है। व्यक्तिगत ट्यूशन में विद्यार्थी पर अलग से ध्यान दिया जाता है, लेकिन इसकी अधिक फीस के कारण ज्यादातर परिवार इसका खर्च नहीं उठा पाते। AI चैटबॉट ने सवालों के जवाब पाना आसान बनाया है, लेकिन सवालों के जवाब देना और किसी विषय को वास्तव में पढ़ाना दो अलग-अलग बातें हैं। जीत एआई इसी अंतर को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके जरिये देशभर के विद्यार्थियों को मात्र 1,499 रुपये प्रति माह की शुरुआती कीमत पर व्यक्तिगत शिक्षक जैसी सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

जीत एआई के संस्थापक और एक्स्ट्रामार्क्स एजुकेशन के सीईओ रित्विक कुलश्रेष्ठ ने कहा, “सदियों से शिक्षा का सबसे अच्छा तरीका यही रहा है कि एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थी के पास बैठकर उसकी कठिनाइयों को समझे और उसकी जरूरत के अनुसार पढ़ाने का तरीका अपनाए। दुर्भाग्य से, व्यक्तिगत ध्यान देने वाली यह सुविधा हमेशा कुछ ही लोगों तक सीमित रही है। जीत एआई के जरिये हम टेक्नोलॉजी की मदद से इस स्थिति को बदलना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य सवालों के जवाब देने वाला एक और टूल बनाना नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी के लिए एक अच्छे व्यक्तिगत शिक्षक जैसी सुविधा सुलभ कराना है।”

एक्स्ट्रामार्क्स एजुकेशन के 15 वर्षों से अधिक के शैक्षणिक अनुभव, विशेष रूप से तैयार की गई अध्ययन सामग्री और शिक्षण पद्धतियों पर किए गए शोध के आधार पर जीत एआई पारंपरिक AI टूल से आगे बढ़कर पढ़ाई का एक ऐसा अनुभव देता है, जिसमें विद्यार्थी सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। यह व्यक्तिगत रूप से शिक्षक से पढ़ने जैसा माहौल तैयार करता है। किसी विषय की अवधारणा समझने, पूरा विषय पढ़ने या जेईई और स्कूली परीक्षाओं की तैयारी करने में यह व्यवस्थित, संवादात्मक और विद्यार्थी की जरूरत के अनुरूप पढ़ाई में मदद करता है। इसके बाद अभ्यास और व्यापक मूल्यांकन के जरिये यह उन विषयों और अवधारणाओं की पहचान करता है, जिनमें विद्यार्थी को अधिक मेहनत की जरूरत है। इसका उद्देश्य हर अवधारणा की पूरी समझ विकसित करना है।

मात्र 1,499 रुपये प्रति माह की शुरुआती कीमत पर जीत एआई का लक्ष्य व्यक्तिगत ट्यूशन को बड़े स्तर पर किफायती बनाना है। पारंपरिक कोचिंग कार्यक्रमों की फीस जहां लाखों रुपये तक पहुंच सकती है और वहां भी हर विद्यार्थी को व्यक्तिगत ध्यान मिलना सुनिश्चित नहीं होता, वहीं जीत एआई देशभर के परिवारों को कम खर्च में समर्पित AI शिक्षक की सुविधा उपलब्ध कराता है। कंपनी का लक्ष्य महंगी कोचिंग, रिकॉर्डेड लेक्चर और पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई अलग-अलग एआई टूल के विकल्प के रूप में एक ही किफायती मंच उपलब्ध कराना है।

कुलश्रेष्ठ ने कहा, “हमारा दृष्टिकोण सरल है। किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसके परिवार की आय, उसके रहने की जगह या उसकी भाषा के कारण सीमित नहीं होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि हर विद्यार्थी को एक अच्छा व्यक्तिगत शिक्षक उपलब्ध हो और हमारा मानना है कि AI अब इसे संभव बना सकता है।” जीत एआई की शुरुआत फिलहाल हिंदी में जेईई और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों के साथ की जा रही है। आने वाले हफ्तों और महीनों में इसमें नीट, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और अन्य पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, अन्य भारतीय भाषाओं में भी पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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