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विद्यार्थियो ने नर्सरी में उत्पादन प्रक्रिया को जाना
इंदौर. पटेल कॉलेज में बी.एस.सी बायलॉजी, सीड टेक्नोलॉजी के प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के 55 विद्यार्थियों को तिरुपति नर्सरी सिरले बडवाह की विजिट करवाई गई. विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने सब्जियों की किस्में (मिर्च, बैंगन, प्याज आदि), चीनी-गन्ना, फूलों के हिस्सों व उनके उत्पादन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी ली.
विद्यार्थियों ने नर्सरी से संबधित कई बातो का अध्ययन किया जैसे – कुछ पौधे, जो बीजों के गुणन के माध्यम से उत्पादित नहीं होतेे हैं, उन्हें प्लान्ट टिशु कल्चर तकनीक सेे उत्पादित किया जा सकता है. व्यावसायिक नर्सरी में स्टाक किये गये पौधों की बढती जगह को कम करने के लिए भी टिशु कल्चर तकनीक का प्रयोग किया जाता हैं.
इस तकनीक से अधिक पौधों का उत्पादन कम समय में किया जा सकता है. टिशू कल्चर में जिन रसायनों का उपयोग किए जाते हैं वे उत्पादित पौधों की क्षमता को जैव रासायनिक रसायनों, पर्यावरणीय दबाव और खरपतवार से बचने के लिए प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता में वृद्धि करते हैं. विजिट के दौरान प्लांट के किशोर नामदेव और रवींद्र जी ने प्रोजेक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया व नर्सरी की कार्य प्रणाली से विद्यार्थियों को अवगत कराया.
विजिट के बारे में विद्यार्थियों ने कहा कि इस विजिट से हमें प्लाटं टिशु कल्चर सिडज़र्म व सिड़लीग के बारे में ज्यादा नॉलेज मिला तथा नर्सरी के प्रबंधन को समझने का मौका मिला. हेड एकेडेमिक्स हरीश शर्मा ने बताया कि इस दौरान विद्यार्थियों ने प्लान्ट टिशु कल्चर से संबधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे. इस दौरान बी.एस.सी विभाग के श्री मुकेश कुमार भादेे, सुश्री आरूषि तिवारी, और सुश्री शीतल झवर ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शित किया.


