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हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट द्वारा छात्रों में –मूल्य आधारित विचारधारा विकसित करने के लिए आयोजित निबंध लेखन कार्यक्रम के विजेताओं की घोषणा
हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी), अपोलो हॉस्पिटल की वाईस-चेयरपर्सन उपासना कामिनेनी, भूतपूर्व ओलम्पिक विजेता अभिनव बिंद्रा, चीफ नेशनल बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद और भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने छात्रों को भविष्य का नेतृत्व सँभालने के लिए प्रेरित किया|
फरवरी 2021: हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट ने ‘हार्टफुलनेस निबंध कार्यक्रम’ के 28 वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की जिसको सितम्बर 2020 में आरंभ किया गया था| बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर एक वर्चुअल उत्सव में हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी), अपोलो हॉस्पिटल की वाईस-चेयरपर्सन उपासना कामिनेनी, बैडमिंटन अकादमी के चीफ नेशनल बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद, अभिनव फ्यूचरिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ व भूतपूर्व ओलम्पिक विजेता अभिनव बिंद्रा, और भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी, वर्तमान विश्व विजेता एवं प्रेरक मानसी जोशी ने मिलकर 40 राष्ट्रीय विजेताओं और लगभग 280 राज्यस्तरीय विजेताओं के नामों की घोषणा की| इन नेतृत्वकर्ताओं ने उत्सव में अपने जीवन की घटनाओं का उल्लेख कर छात्रों को प्रेरित किया|
हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट, जो श्री रामचंद्र मिशन (SRCM) का एक हिस्सा है, यूनाइटेड नेशन्स इनफार्मेशन सेण्टर फॉर इंडिया एंड भूटान (UNIC) की सहभागिता से युवाओं में मूल्य-आधारित शिक्षा को जीवन के हिस्से के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम आयोजित करता है| महामारी के बावजूद देश भर के 5000 से अधिक संस्थानों के 30000 से अधिक छात्रों ने अंग्रेजी और 10 अन्य भाषाओँ में ‘वैचारिक प्रदूषण -सभी बीमारियों का मूल कारण’ तथा ‘धन की कमी ही निर्धनता नहीं होती’ जैसे विषयों पर निबंध लिखकर इस कार्यक्रम की निरंतरता को बनाए रखा|
हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा, “हम ऐसे वातावरण में रह रहे हैं जो जानकारी के बोझ से दबा हुआ है| हमने मनन, अंतरावलोकन और संवाद की कला को भुला दिया है जिसका गहरा असर युवा पीढ़ी की मानसिकता पर पड़ा है| यह निबंध कार्यक्रम आज के युवाओं में इन मूल्यों को विकसित करने और मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है| हार्टफुलनेस, शिक्षण के पारंपरिक, स्थायी और असरदार तरीकों को संजोते हुए युवा मन में बुद्धिमत्ता की चिंगारी प्रज्ज्वलित कर रहा है ताकि वे भविष्य में एक बेहतर समाज गढ़ सकें|”
URLife.co.in की संस्थापक, अपोलो हॉस्पिटल की वाईस-चेयरपर्सन (CSR) उपासना कामिनेनी ने कहा, “युवा मनों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस मूल्य- आधारित जीवनचर्या को बढ़ावा देने वाले 28 वर्ष पुराने आयोजन में निरंतर रूचि और लगन बनाए रखना अत्यंत प्रेरणास्पद है| मनन और अन्तरावलोकन बेहतर समाज के लिए ही नहीं बल्कि आत्म-कल्याण के लिए भी बहुत जरूरी हैं| मैं आप सभी को बधाई देती हूँ और आपके बेहतर भविष्य की कामना करती हूँ|”
अभिनव फ्यूचरिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ व भूतपूर्व ओलम्पिक विजेता अभिनव बिंद्रा ने कहा, “आज के समय युवा मन को पैना करने वाले कार्यक्रमों की बहुत जरूरत है| युवा हर क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ट कर सकें, इसके लिए बेहतर अवसर प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है| यह कार्यक्रम भी एक ऐसा ही मंच है जहाँ लाखों बच्चों को अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलता है|”
पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी के चीफ नेशनल बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, “उत्कृष्टता की नींव, चाहे खेलों में हो या जीवन में, हमेशा अच्छे गुणों पर ही रखी जाती है| हम अपने संस्थान में कई विश्वस्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी तैयार कर सके क्योंकि हमारा पूरा ध्यान शरीर और मन के अनुशासन पर रहता है| आज के युवाओं को मार्गदर्शन की आवश्यकता है कि अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ने के लिए अपने मन को किस तरह अनुशासित किया जाए|”
भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने कहा, “जब हम अपने भीतर की ताकत से सम्बन्ध जोड़ना सीख लेते हैं तो जीवन में आने वाली चुनौतियों को आसानी से पार कर लेते हैं| हमारे जीवन के शुरुआती वर्षों में ही यह तय हो जाता है कि हम अपनी जन्मजात क्षमता को किस तरह सर्वोच्च स्तर तक ले जाएँ| भीतर की ताकत से जुड़ने के लिए निरंतर आत्मावलोकन की जरूरत होती है और यह जरूरी है कि इस योग्यता को जितनी जल्दी हो सके, पा लिया जाए| मुझे ख़ुशी है कि इस कार्यक्रम के जरिये हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट देश भर के लाखों युवाओं को प्रेरित करने में अपना योगदान दे रहा है|”
वार्षिक “हार्टफुलनेस निबंध लेखन कार्यक्रम” एक अनूठा कार्यक्रम है| इसका आरम्भ सन 1992 में युवाओं एवं भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के मन को मनन, संवाद और चिंतन के जरिये गढ़ने एवं मूल्य आधारित वैचारिकता से उनका परिचय कराने के लिए, किया गया था| यह आयोजन अपने मित्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों से चर्चा करके विषय की गहराई में जाने के लिए छात्रों को पर्याप्त समय देता है| प्रतिभागी विषय पर मनन और विचार करके अपनी सोच के आधार पर निबंध की रूपरेखा तैयार करते हैं|
| हार्टफुलनेस निबंध–लेखन कार्यक्रम’ के राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं की सूची | ||||
| इंग्लिश श्रेणी 1 | प्रथम पुरस्कार | कु. स्वतंत्रा परमार | कक्षा 12 | सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल, सीतापुर, उ. प्र. |
| द्वितीय पुरस्कार | कु. देवांगना प्रसाद | कक्षा 12 | वेल्हैम गर्ल्स स्कूल, देहरादून, उत्तराखंड | |
| तृतीय पुरस्कार | श्री तैयब इस्माइल | कक्षा 10 | शारदा विद्यानिकेतन, मैंगलोर, कर्णाटक | |
| इंग्लिश श्रेणी 2 | प्रथम पुरस्कार | कु. मारुकुक्कू सुप्रिया | स्नातक छात्रा | कस्तूरबा गाँधी डिग्री एंड पीजी कॉलेज for वीमेन, मरेडपल्ली, तेलंगाना |
| द्वितीय पुरस्कार | श्री बाबूजी दंडीगुंटा | स्नातकोत्तर छात्र | बिट्स पिलानी, नेल्लोर, आन्ध्र प्रदेश | |
| तृतीय पुरस्कार | कु. लिएन ईवा सिक्वेरा | स्नातक छात्रा | डॉन बास्को कॉलेज, पंजिम, गोवा | |
| हिंदी श्रेणी 1 | प्रथम पुरस्कार | कु. प्रज्ञा जीडी | कक्षा 11 | गोयनका पब्लिक स्कूल, द्वारका, दिल्ली |
| द्वितीय पुरस्कार | आश्रय काला | कक्षा 12 | श्री सत्य साईं विद्या मंदिर, इंदौर, म.प्र. | |
| तृतीय पुरस्कार | कशिश चालना | कक्षा 11 | ब्लूमिंग डेल्स इंटरनेशनल स्कूल, श्री गंगानगर, राजस्थान | |
| हिंदी श्रेणी 2 | प्रथम पुरस्कार | कु. चेतना | स्नातकोत्तर छात्र | अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़, बल्लभगढ़, हरयाणा |
| द्वितीय पुरस्कार | कु. के. एम. श्वेता मिश्रा | स्नातक छात्रा | मनोहरलाल डिग्री कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन, ग्राम- सरोसी, उ. प्र. | |
| तृतीय पुरस्कार | कु. हर्षदा श्रवणकुमार | स्नातक छात्रा | विद्या प्रबोधिनी कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, एजुकेशन, कंप्यूटर एंड मैनेजमेंट, बर्देज़, गोवा |


