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खुशनुमा माहौल में हुई आश्रम की तीन बेटियों की शादी
इंदौर. श्रद्धानन्द बाल आश्रम में एक साथ तीन बेटियों की शादी की शहनाइयां गूंजी. यह शादी समारोह शहर में अनेक दानवीर,समाजसेवियों और संस्था सदस्यों ने बेटियों को दानदाता आश्रम की बेटियों को आशीर्वाद देते हुए तोहफे दिए, जिससे आश्रम में जश्न का माहौल दोगुना बढ़ गया.
श्रद्धानन्द बाल आश्रम के मंत्री रामेश्वर त्रिवेदी ने बताया कि तीन लाडलियों के लिए सैकड़ों रिश्ते आए जिनमें से तीन का चयन किया गया. जिन तीन लाडलियों की शादी हुई उनमें आश्रम की बेटी एलिजा का विवाह चित्तौड़ के संजय जैन के साथ सम्पन्न हुआ. हाई स्कूल तक पढ़े 24 वर्षीय संजय पेशे से व्यापारी हैं।वही सुनीता सुखलिया निवासी दीपेश जैन के साथ परिणय सूत्र में बंधी. सुनीता 10वीं तक पढ़ी है वहीं दीपेश हायर सेकंडरी पास है.
बालिका राजकुमारी 29 अगस्त 2005 को आश्रम में भर्ती हुई।राजकुमारी की शादी कम्पेल निवासी सुमित चैधरी (पटेल) से हुई।सुमित प्राइवेट सर्विस में है. मंत्री रामेश्वर त्रिवेदी ने बताया कि संस्था 112 बालिकाओं की शादी करवा चुकी है. आश्रम का माहौल शादी के गानों से गूंज रहा था।वैवाहिक कार्यक्रम पारिवारिक माहौल में हुआ, बारातियों का स्वागत और स्वल्पाहार के बाद दोपहर विवाह संस्कार, प्रीतिभोज और शाम तक आशीर्वाद समारोह चला.
बेटी की तरह तीनों दुल्हनों को पारिवारिक माहौल में विदा किया।आश्रम के सभी सदस्य शादी की तैयारियों और व्यवस्था में जुटे थे.

माता-पिता से ज्यादा प्यार मिला
अनाथ बेटी की शादी में आश्रम की सभी बालिकाएं और संस्था पदाधिकारी जुटे। आश्रम में तीनों बारात एक साथ दोपहर 1 बजे पहुंची. जहां संस्था पदाधिकारियों ने बारातियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया. वैवाहिक संस्कारों के साथ तीनों युगल सात फेरों के बंधन में बंध गए. विदाई का वक्त आया तो आश्रम की बेटियों के गले भर आये.
उन्होंने कहा सब के प्यार का कर्ज कैसे चुकाएंगी। हमें माता-पिता से ज्यादा प्यार यहां मिला. फेरों के वक्त राजकुमारी के आंसू नहीं थम रहे थे। क्योंकि महज 6 साल की उम्र से वह आश्रम में पली-बढ़ी. समझ आई तो सहेलियों और सदस्यों को ही अपना परिवार समझा. कन्यादान में घरेलू उपयोग का हर सामान उपहार में मिला.


