- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
इंदौर को एक्सपोर्ट और लॉजीस्टिक्स हब बनाने के लिए सांसद के बड़े प्रयास
उद्योगपतियों, एयरपोर्ट अधिकारियों और एयरलाइंस के साथ बैठक
किसी भी क्षेत्र के विकास में निर्यात का बड़ा हाथ होता है और सीधे इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा से एक्स्पोर्ट करना आसान हो जाता है। इंटरनेशनल कार्गो शुरू होने के बाद विदेश माल भेजने के लिए मुंबई और दिल्ली पर निर्भरता खत्म हो जाएगी, सीधे इंदौर से ही सामान विदेश भेजा जा सकेगा। इस कारण जल्द नष्ट होने वाले सब्जी, फल एवं अन्य कई सामानों को विदेश भेजना आसान हो जाएगा।
सांसद शंकर लालवानी ने इस बैठक में उद्योगपतियों से इंटरनेशनल कार्गो के संबंध में सुझाव मांगे, उनकी उम्मीदें समझी और समस्याएं सुनी। सांसद ने कारोबारियों से जाना कि इंटरनेशनल कार्गो के शुरू होने से तरक्की के अवसर कैसे मिलेंगे और उन्हें किन सुविधाओं की जरुरत होगी। उद्योगपतियों ने सांसद को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए और कई समस्याओं के समाधान भी इस बैठक में ही हो गए।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि मा.प्रधानमंत्री जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को हमें साकार करना है। प्रधानमंत्री जी कह चुके हैं कि जिन चीजों का आज देश इंपोर्ट करता है वो हम एक्सपोर्ट करने लगेंगे। प्रधानमंत्री जी कह चुके हैं कि एक्सपोर्ट ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मूलमंत्र है।
सांसद ने कहा कि साथ ही आज भले हालात विपरीत हो पर कोरोना का ये कठिन समय भी बीत जाएगा लेकिन इस समय का उपयोग हमें अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने के लिए करना है ताकि जैसे ही स्थितियां सामान्य हो हम अपना माल विदेश भेज सकें।
दरअसल, इंदौर से सीधे विदेश माल भेजने की सुविधा से इंदौर के उद्योगपतियों और किसानों के लिए लागत कम हो जाएगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतियोगिता कर पाएंगे। एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर आएंगे जिससे इंदौर में नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि भी आएगी। इंदौर से फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट की काफी संभावना है।
बैठक में पहुंचे कई एक्सपोर्टर्स ने बताया कि कोरोना के बावजूद उनका कामकाज लगातार बढ़ रहा है। ऑटो एंसिलरी से जुड़े एक कारोबारी ने बताया कि पूरी दुनिया में चीन के खिलाफ गुस्सा बढ़ा है और इसका फायदा भारतीय कंपनियों को मिल रहा है।
इंदौर में भी एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन मुफ्त में ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करेगा।
इंदौर की भौगोलिक स्थिति भी लॉजीस्टिक्स हब बनने के लिए उपयुक्त है। इंदौर के आसपास कई विकसित औद्योगिक क्षेत्र है। साथ ही गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि से रोड कनेक्टिविटी भी बेहतर है। ऐसे में सीधे इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा होने से यहां तक माल लाना आसान है।
सांसद ने कहा कि इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा शुरू होने से पहले सभी पक्षों के साथ बैठक जरुरी थी ताकि जरुरत के हिसाब से आवश्यक फेरबदल किया जा सके एवं सुविधाएं जुटाई जा सकें।
इस बैठक में बड़ी कूरियर एवं लॉजिस्टिक कंपनियों के प्रतिनिधी, नामी गिरामी उद्योगपति, व्यापारी एसोसिएशन के कर्ताधर्ता, एयरपोर्ट प्रबंधन और विभीन्न एयरलाइंस के अधिकारी मौजूद थे।
उद्योगपतियों ने सांसद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले हमें चीजें हो जाने के बाद पता चलता था लेकिन इतनी बड़ी सुविधा शुरू होने से पहले हमारी राय ली गई है, इससे हम खुश है।
एक फार्मा के कारोबारी ने कहा कि पिछले 15 सालों से इंदौर में कार्गो सुविधा है लेकिन इसे बढाने के लिए पहली बार किसी राजनेता ने उद्योगपतियों के साथ बैठक की है। साथ ही उद्योगपतियों ने सांसद को आश्वासन दिया कि वे प्रधानमंत्री जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
बैठक में कार्गो के महाप्रबंधक आरसी डबास, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के सुबेर रामपुरवाला, पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी, एआईएमपी के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया समेत कई कारोबारी उपस्थित थे।
सांसद लालवानी इससे पहले किसानों को एक्सपोर्ट प्रशिक्षण के लिए भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। जिसमें कई किसानों ने एक्सपोर्ट में अपनी रुचि दिखाई है। साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत चीन में बनी राखियों के विरोध में स्वदेशी सांसद राखी भी लांच कर चुके हैं।


