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स्वाती नक्षत्र, सिद्धि महायोग में मनेगी हनुमान जयंतीः आचार्य शर्मा
इंदौर. मंगलवार, स्वाती नक्षत्र, सिद्धि महायोग में हनुमान जयंती मनेगी. शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या वालों को लाभ होगा. राशि के अनुसार साधना करें. कोरोना से मुक्ति व भय नाश हेतु हनुमान चालीसा रामबाण अस्त्र है.
यह बात भारद्वाज ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान के शोध निदेशक आचार्य पं. रामचन्द्र शर्मा वैदिक ने कही. आचार्य शर्मा ने बताया कि रुद्र के ग्यारहवें अवतार हनुमानजी का अवतरण त्रेता युग मे चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को ब्रह्म मुहूर्त में हुआ था. इस वर्ष हनुमतजन्मोत्सव पर विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहे है. 27 अप्रैल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार, स्वाति नक्षत्र,सिद्धि महायोग, तुला राशि का चन्द्रमा, अपनी उच्च राशि मेष का सूर्य व स्वराशि का शनि इस पर्व को देश व दुनिया के लिए कुछ विशेष बना रहा है. आज देश और दुनिया को केवल और केवल दैवीय चमत्कार की आवश्यकता है. हनुमान जी सप्त चिरंजीवी देवताओं में एक हैं,, और यत्र तत्र सर्वत्र विद्यमान है. निश्चित ही मंगलवार व सिद्धि योग में की गई साधना सद्य फलदायी होगी.
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में सभी देश वासियों से प्रार्थना है कि वे इस महामारी से मुक्ति हेतु- कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुमसे नही जात है तारों, बैगी हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो… का जप करे. मुझे विश्वास है बाबा हमारी जरूर मदद करेंग. आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि शनि की साढ़ेसाती से पीड़ित धनु, मकर व कुम्भ एवम ढैय्या से पीड़ित मिथुन व तुला राशि के जातक ग्यारह हनुमान चालीसा के पाठ कर शनि की कृपा प्राप्त करें.
राशियों के अनुसार करें साधना
आचार्य पण्डित शर्मा वैदिक ने बताया कि देश की जनता अपनी राशि के अनुसार हनुमान जयंती पर प्रार्थना करेंगे तो निश्चित ही देश इस महामारी से शीघ्र ही मुक्त हो सकेगा. मेष- जय जय हनुमान गुंसाई कृपा करहु गुरुदेव की नाई, वृषभ- संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बल वीरा, मिथुन- संकट तै हनुमान छुड़ावै मन क्रम वचन ध्यान जो लावे, कर्क- जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीश तिहु लोक उजागर, सिंह- राम दूत अतुलित बल धामा अंजनी पुत्र पवनसुत नामा, कन्या- राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के दासा, तुला- नासै रोग हरे सब पीरा जपत निरन्तर हनुमत वीरा, वृश्चिक- भूत पिसाच निकट नही आवै, महावीर जब नाम सुनावै, धनु- सब सुख लहै तुम्हारी शरणा तुम रक्षक काहू को डरना, मकर- साधु संत के तुम रखवारे असुर निकन्दन राम दुलारे, कुम्भ- संकट कटे मिटै सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बल वीरा और मीन राशि- राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु पै सारे का जाप करें. श्रद्धा अनुसार शुद्धता व पवित्रता से प्रसाद अर्पित कर महमारी से मुक्ति एवं परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें.