धर्मशास्त्र की महत्ता (भारतीय संस्कृति) से जुड़ी कुछ जानने योग्य बातें
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिषाचार्य ,रतन विशेषज्ञ, वस्तु एक्सपर्ट (सनातन धर्म की जानकारी जनमानस तक पहुचने के लिये अधिक से अधिक शेयर करें) दो प्रकार का धर्म १. इष्ट अर्थात यज्ञ याग २. पूर्त अर्थात मंदिर जलाशय का निर्माण, वृक्षारोपण ,जीर्णोद्धार ! इन दोनों का निर्देश इष्टपूर्त शब्द से होता है। मुक्ति के दो साधन तत्वज्ञान एवं तीर्थक्षेत्र मे देहत्याग। दो पक्षकृष्ण पक्ष एवं शुक्ल पक्ष। तिथियों के दो प्रकार१. शुद्धा- सूर्योदय से सूर्यास्त तक…
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