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अगले एक साल में 62% महिलाएँ क्रिप्टो में निवेश की योजना बना रही हैं: CoinSwitch सर्वे
भारत, 6 मार्च 2026: भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो ट्रेडिंग और निवेश प्लेटफॉर्म CoinSwitch ने आज अपनी महिला यूजर्स के बीच किए गए एक देशव्यापी सर्वे के निष्कर्ष जारी किए। यह सर्वे इस बात की नई झलक देता है कि भारतीय महिलाएँ क्रिप्टो निवेश को किस तरह देख रही हैं और इसमें कैसे भाग ले रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले जारी किए गए इस सर्वे में यह साफ दिखाई देता है कि भारतीय महिलाओं के बीच डिजिटल एसेट्स को लेकर जागरूकता और भागीदारी दोनों बढ़ रही हैं।
सर्वे के अनुसार, 62% महिला उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अगले 6 से 12 महीनों में क्रिप्टो में निवेश करने की बहुत अधिक संभावना रखती हैं, जबकि 23% ने कहा कि वे कुछ हद तक निवेश करने की संभावना रखती हैं। यह संकेत देता है कि बाजार में नई महिला निवेशकों की मजबूत भागीदारी आने वाली है। केवल 3% महिलाओं ने कहा कि वे निवेश करने की संभावना नहीं रखतीं, जो डिजिटल एसेट्स के प्रति बढ़ती जिज्ञासा और भरोसे को दर्शाता है।
मिलेनियल और मिड-करियर महिलाएँ इस रुझान को आगे बढ़ा रही हैं। 25–34 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएँ कुल उत्तरदाताओं में 43% हैं, जबकि 28% महिलाएँ 35–44 वर्ष आयु वर्ग से हैं। यानी सर्वे में शामिल 70% से अधिक महिलाएँ 25 से 44 वर्ष की आयु के बीच हैं।
सर्वे यह भी बताता है कि केवल 8% महिलाएँ निवेश के लिए पेशेवर सलाहकारों पर निर्भर करती हैं, जबकि 18% मित्रों या परिवार की सलाह पर भरोसा करती हैं। वहीं लगभग 57% महिलाएँ क्रिप्टो निवेश से जुड़े फैसले खुद लेती हैं।
इसके साथ ही कई महिलाएँ क्रिप्टो निवेश को सावधानी के साथ अपनाती हुई दिखती हैं। करीब 60% महिलाएँ अपनी मासिक आय का 5% से कम हिस्सा क्रिप्टो में निवेश करती हैं। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल एसेट्स को फिलहाल मुख्य निवेश के बजाय पोर्टफोलियो में विविधता लाने के एक साधन के रूप में देखा जा रहा है।
CoinSwitch के वीपी – बिज़नेस, बालाजी श्रीहरि ने कहा, “भारत में महिलाओं के बीच क्रिप्टो को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि कई महिलाएँ इसे काफी सोच-समझकर अपना रही हैं। सर्वे से पता चलता है कि महिलाएँ अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए धीरे-धीरे डिजिटल एसेट्स को समझ रही हैं और निवेश से पहले विश्वसनीय जानकारी और शिक्षा की तलाश कर रही हैं।”
भागीदारी केवल कॉर्पोरेट पेशेवरों तक सीमित नहीं है। जहाँ निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएँ 34% उत्तरदाताओं का हिस्सा हैं, वहीं 28% गृहिणियाँ हैं, जो इस सर्वे में भाग लेने वाला दूसरा सबसे बड़ा समूह हैं। एसेट पसंद की बात करें तो बिटकॉइन अभी भी सबसे प्रमुख विकल्प बना हुआ है। 56% महिलाओं ने कहा कि वे इसमें निवेश करने में सहज महसूस करती हैं, जबकि 27% महिलाएँ ऑल्टकॉइन्स को प्राथमिकता देती हैं।
शिक्षा और जानकारी भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। लगभग 44% उत्तरदाताओं का मानना है कि शुरुआती स्तर के लिए आसान सीखने वाले संसाधन उन्हें क्रिप्टो में निवेश करने में मदद करेंगे। इसके बाद नियामकीय स्पष्टता (19%) और उपयोग में आसान प्लेटफॉर्म (16%) को महत्वपूर्ण माना गया है।
कुल मिलाकर, सर्वे के निष्कर्ष बताते हैं कि भारत में महिलाएँ क्रिप्टो को लेकर बढ़ते भरोसे, आर्थिक आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक निवेश सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं।


