- Tia Bajpai and Arian Romal’s ‘Number 1’ Set for July 10 Release; Singer Returns to Hindi Music After Seven Years
- सोनी ने BRAVIA 9II और BRAVIA 7II के लॉन्च के साथ भारत में आरजीबी बैकलाइट मास्टर ड्राइव प्रो™ से लैस ट्रू आरजीबी टेक्नोलॉजी पेश की
- ओप्पो इंडिया ने रेनो16 सीरीज पेश की
- इंदौर में डाबर ग्लुकोज़ ने युवा एथलीट्स को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया ‘एनर्जाइज़ इंडिया’कैंपेन
- 'इंडियाज़ गॉट नोवा' के साथ दिखेगा एआई+ का नया अंदाज, इंडस्ट्री का अनोखा ओपन रिव्यू प्रोग्राम भी रहेगा जारी
गुरुग्राम आधारित स्टार्टअप जनसोलर, किसानों को पूरे भारत में 1000 से अधिक डीलर्स के नेटवर्क के साथ सोलर एनर्जी का उपयोग करने में कर रहा है मदद
गुरुग्राम अप्रैल 2021: भारत एक कृषि प्रधान देश है, भारत के किसान देश के लिए समृद्धि और विकास के सबसे महत्वपूर्ण चालकों में से एक रहे हैं। वर्ष 2020 में, भारत में 16.6 मिलियन से अधिक किसानों ने राष्ट्र को प्रचुर मात्रा में भोजन प्रदान करने का अथक प्रयास किया। ये किसान लगभग हर वर्ष अपनी दिनचर्या में पानी की कमी, अनियमित वर्षा, आधुनिक खेती के ज्ञान की कमी और स्थानीय व्यापार चुनौतियों जैसी सैकड़ों कठिनाइयों का सामना करते हैं।
जैसे-जैसे देश आगे बढ़ रहा है और देश के किसान सभी समस्याओं को हल करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, इन्हें बेहतर रूप से जानने के लिए और बेहतर जीवन जीने के लिए टेक्नोलॉजी उनका प्राथमिक उपकरण बनती जा रही है। इंटरनेट के साथ, आधुनिक भारतीय किसान अपने खेतों में बेहतर उत्पादन करने के लिए नवीनतम योजनाओं और टेक्नोलॉजीस के लिए भरपूर ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
जैसे-जैसे किसान आधुनिक दुनिया से जुड़ रहे हैं, सुदूर ग्रामीण भारत के सामने बिजली की समस्या और खेती करने के लिए आधुनिक मशीनों के उपयोग हेतु रोजमर्रा की लागत सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में सामने आ रही हैं। जबकि किसान बेहतर फसलों की खेती के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं, यह बेहतर बीजों, सिंचाई के लिए बिजली के उपकरणों, भंडारण इकाइयों और बिजली की बाड़ की उच्च लागत पर प्राप्त होता है। कई किसान खेती के साथ ही मुर्गी पालन, मछली पालन और पशुपालन करने के द्वारा अपने काम का विस्तार कर रहे हैं। लेकिन इन नए कार्यों के लिए उन्हें अधिक बिजली और बेहतर उपकरणों की आवश्यकता होती है।
इन विद्युत उपकरणों के संचालन की औसत लागत किसानों के पहले से बढ़े हुए खर्चों को और अधिक बोझिल कर देती है। यहाँ सोलर एनर्जी किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है। जनसोलर जैसी कंपनीज द्वारा प्रदान किए जाने वाले ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम्स सचमुच बिजली के बिलों में काफी हद तक गिरावट ला सकते हैं। बेहतर सोलर सिस्टम्स के साथ, किसान बिजली पर अपने मासिक खर्चों में कटौती कर सकते हैं और बिजली का भरपूर उपयोग कर सकते हैं, भले ही उनके खेतों में बिजली उपलब्ध नहीं हो।
जनसोलर देशभर में सभी को बिजली बचाने और अपने बैटरी सिस्टम्स को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले सोलर पैनल्स, बैटरीज और इन्वर्टर्स के साथ अपग्रेड करने के लिए बेहतर सोलर प्रोडक्ट्स प्रदान करता है ताकि हर कोई बेहतर जीवन जीने के लिए सूर्य की शक्ति का भरपूर उपयोग कर सके। भारत में किसानों की मदद करने के साथ, जनसोलर बिजली बचाने और बिजली कटौती और लोड शेडिंग की समस्याओं से बचने के लिए अपने घरों में सोलर सिस्टम्स का उपयोग करने के लिए सोलर एंथुसियास्ट का एक मजबूत नेटवर्क बना रहा है। जनसोलर ने सोलर एनर्जी का उपयोग करने के लिए सभी को सोलर सॉल्यूशंस प्रदान करने हेतु पूरे भारत में 1000 से अधिक भागीदारों का एक डीलरशिप नेटवर्क बनाया है।
जनसोलर की सस्ती सोलर कॉम्बो रेंज जनग्रिफ 2001, जनग्रिड 3001, जनग्रिड 4001, जनग्रिड 5001 के रूप में उपलब्ध हैं। ये कॉम्बो बड़े सिंचाई नेटवर्क के लिए छोटे पंप्स का समर्थन कर सकते हैं। इनमें विभिन्न रेंज में सोलर पैनल, सोलर बैटरी, सोलर इन्वर्टर्स, सोलर मैनेजमेंट यूनिट्स, सोलर चार्ज कंट्रोलर्स, MC4 कनेक्टर्स, DC वायर्स जैसे उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल हैं।


