- Sony Entertainment Television’s MasterChef India concludes on a high note; Vikram & Ajinkya crowned Winners
- अगले एक साल में 62% महिलाएँ क्रिप्टो में निवेश की योजना बना रही हैं: CoinSwitch सर्वे
- Women’s Day Special! Actresses Who’ve Anchored Women-Centric Narratives in Films
- Pratibha Ranta Reveals the Reason Behind Choosing Accused as her Second Film After Laapataa Ladies: Didn’t want to repeat myself, it felt right
- technology should accelerate creativity, not restrict it: Ritu Shree
बेवजह घूमने वाले पहुंचे अस्थायी जेल
लॉकडाउन में पुलिस सख्त, कर रही कार्रवाई
इंदौर. कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने 28 मई तक सख्त लॉकडाउन लगाया है. कुछ जरूरी सुविधाओं को छोड़कर किसी को भी बाहर निकलने की परमिशन नहीं. इसको लेकर सख्ती बरती जा रही है और पुलिस ने आने-जाने वालों को रोकना शुरू किया है. बावजूद इसके लोग बाहर घूमने से बाज नहीं आ आए और बाहर निकल पड़े. जब पुलिस ने रोका तो बहाने बनाना शुरू कर दिए. किसी ने माता या पिता के बीमार होने की बात कही तो तो किसी ने वह दूध लेने जाने का बहाना बनाया. लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी और सभी को अस्थाई जेल भेजा गया.
कलेक्टर द्वारा रात में जारी सख्त जनता कर्फ्यू के आदेश के बाद सुबह से पुलिस सख्त नजर आई. शहर के मुख्य चौराहों पर बैरिकेटिंग का मार्ग बंद कर दिए गए और यहां पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए. बाहर निकलने वालों की संख्त चैकिंग की गई. हालांकि पहले दिन पुलिस की सख्ती का लोगों पर असर नहीं दिखा और वे बाहर घूमते नजर आए. सुबह के समय पुलिस ने जब सड़क पर चेकिंग शुरू की तो लोग तरह-तरह के बहाने बनाते दिखे। कोई दवाई का पुराना पर्चा लेकर निकला था तो कोई दूसरे का परिचय पत्र. कोई परिवार में बीमारी का बहाना बनाकर निकलना चाह रहा था.
कुछ लोग पुराने पास लेकर सड़क पर निकले. पहले तो बहाने बनाए लेकिन जब वे उचित कारण नहीं बता पाए तो उन्हें अस्थाई जेल भेज दिया गया. इस दौरान किसी ने माता-पिता के बीमार होने की बात कही तो किसी दूध व अन्य जरूरी सामग्री बेचने या लाने की बात कही. पुलिस ने कुछ को तो लौटा दिया लेकिन जो साबित नहीं कर पाए तो उन्हें अस्थाई जेल में भेज दिया. इस दौरान जरूरी काम वाले भी इन लोगों के कारण परेशान हुए क्योंकि उन्हें थोड़ा इंतजार कर परेशान होना पड़ा. कई लोग ऐसे भी मिले जो वाकई जरूरी काम से जा रहे थे. उन्हें जाने दिया गया. कुछ ऐसे भी लोग थे, जिन्हें आदेश के बारे में पता नहीं था. उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया गया.


