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छत्रपति शिवाजी सभी धर्मों के हिमायती थे: माथुर
शोध प्रबंध पुस्तक का विमोचन
इन्दौर,. छत्रपति शिवाजी कुशल सेना नायक एवं महान योद्धा थे. उनके शासन में सभी धर्म के लोग विभिन्न पदों पर नियुक्त थे. वे सभी धर्मों के हिमायती थे। छत्रपति शिवाजी की सेना में हजारों कीलेदार मुस्लिम थे.
ये विचार पूर्व महाधिवक्ता एवं समाजसेवी आनंद मोहन माथुर के हैं जो उन्होंने डॉ. श्रीमती कल्पना जोशी की शोध पुस्तक छत्रपति शिवाजी की राजनीति एवं आर्थिक नीतियों का विवेचन का विमोचन करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए. कार्यक्रम का आयोजन भगतसिंह दिवाने ब्रिगेड एवं एकेडमी ऑफ इंडियन न्यूमिस्मेटिक्स एण्ड सिग्लियोग्राफी की ओर से हिन्दी साहित्य समिति सभागृह में किया गया था.
श्री माथुर ने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को आगे बढ़ाने में उनकी मां जीजाबाई और शाहजी का बहुत बड़ा योगदान रहा. पुस्तक पर चर्चा करते हुए प्रो. सरोज कुमार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी सही मायनों में धर्म निरपेक्ष थे। उनके दरबार में महिलाओं को बड़ा सम्मान था. महिलाएं किसी भी वर्ग या जाति की हो शिवाजी महाराज उनका बड़ा सम्मान करते थे.
डॉ. शशिकांत भट्ट ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने बहुत कम समय में बहुत अधिक स्नेह प्राप्त किया, क्योंकि वे महान सेना नायक और दिलेर इंसान थे. वे कुशल राजनीतिक भी थे। शोध पुस्तक की लेखिका श्रीमती डॉ. कल्पना जोशी ने कहा कि पुस्तक लेखन के लिए काफी परिश्रम किया. अतिथि स्वागत इतिहासकार जगदीश उपाध्याय प्रवीण भट्ट, डॉ. आषुतोष जोशी ने किया.
कार्यक्रम का संचालन विजयसिंह यादव ने किया और आभार माना डॉ. तपन भट्टाचार्य ने. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.


