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रेनॉ निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरएनएआईपीएल) ने पार किया 45 लाख पावरट्रेन यूनिट्स के उत्पादन का आंकड़ा
संयंत्र में किया गया 28.3 लाख इंजन एवं 16.7 लाख गियरबॉक्स का उत्पादन
चेन्नई, 28 अक्टूबर, 2024: रेनॉ निसान अलायंस के लिए वैश्विक स्तर पर समर्पित मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र रेनॉ निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरएनएआईपीएल) ने ओरगाडैम, चेन्नई (भारत) स्थित अपने कारखाने में 4.5 मिलियन (45 लाख) पावरट्रेन यूनिट्स के उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इनमें 28.3 लाख इंजन और 26.7 लाख गियरबॉक्स शामिल हैं। यहां उत्पादन की शुरुआत 2010 में हुई थी।
आरएनएआईपीएल भारतीय एवं निर्यात बाजार के लिए रेनॉ और निसान की कारों का उत्पादन करती है। 2010 में उत्पादन शुरू होने के बाद से इसने अब तक 27.5 लाख से ज्यादा कारों का उत्पादन किया है। इस अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग कारखाने में एल्युमीनियम इनगट्स को पिघलाने, पिघले हुए एल्युमीनियम को कास्टिंग शॉप में कास्ट करके सिलेंडर हेड व सिलेंडर ब्लॉक जैसे इंजन पार्ट्स बनाने, मशीनिंग शॉप में उन्हें सही आकार एवं आकृति देने और असेंबली शॉप में उन्हें असेंबल करने तक इंजन निर्माण की सभी गतिविधियों के सुचारु संचालन की सुविधा है। इस संयंत्र में 800 सीसी से 1500 सीसी तक के विभिन्न इंजन तैयार करने की क्षमता है। आरएनएआईपीएल में गियर मशीनिंग, शाफ्ट मशीनिंग, क्लच हाउस मशीनिंग और गियर हीट ट्रीटमेंट समेत गियरबॉक्स बनाने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
मई, 2010 में उत्पादन शुरू करने के बाद से आरएनएआईपीएल ने सात अलग-अलग प्रकार के इंजन और तीन प्रकार के गियरबॉक्स का उत्पादन किया है। आरएनएआईपीएल के पावरट्रेन उत्पादन ने 2016 में यानी मात्र छह साल में 10 लाख इंजन के उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया था। साथ ही निर्यात के लिए ईवी रिड्यूसर कंपोनेंट की 1,60,000 यूनिट का उत्पादन भी किया है।
आरएनएआईपीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर कीर्ति प्रकाश ने कहा, ’45 लाख पावरट्रेन का उत्पादन आरएनएआईपीएल के लिए बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है। अपने चेन्नई कारखाने में बनने वाली कारों के लिए पावरट्रेन बनाने के साथ-साथ हमने दुनियाभर के अन्य देशों में पावरट्रेन यूनि्टस एवं कंपोनेंट्स का निर्यात भी किया है। रेनॉ निसान अलायंस की तरफ से 60 करोड़ डॉलर की निवेश घोषणा के तहत भविष्य में हम अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को हमारे नए मॉडल्स के लिए इंजन एवं गियरबॉक्स उत्पादन करने के लिए भी तैयार कर रहे हैं।’
आरएनएआईपीएल में बनने वाले टॉप वैरिएंट इंजन में से एक एचआर10 टर्बो इंजन है, जिसमें अनूठी मिरर बोर सिलेंडर कोटिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है, जिसका इस्तेमाल निसान जीटी-आर जैसी विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कारों में किया जाता है। इस टेक्नोलॉजी से इंजन के अंदर की रेजिस्टेंस कम होती है, वजन कम होता है और सुगम एक्सलरेशन एवं एफिशिएंट फ्यूल यूज के लिए बेहतर हीट मैनेजमेंट एवं कंबस्शन भी सुनिश्चित होता है।
आरएनएआईपीएल पावरट्रेन डिवीजन में बनाए जाने वाली हर यूनिट की गुणवत्ता को पूरा महत्व दिया जाता है। पावरट्रेन यूनिट के उत्पादन के दौरान गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कारखाने में रोबोटिक विजन कैमरा टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है। साथ ही सिक्वेंशियल प्रोसेस फ्लो से सुनिश्चित होता है कि कोई भी यूनिट मैन्यूफैक्चरिंग के अगले स्टेज तक तब तक न जाए, जब तक कि उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित एवं प्रमाणित न कर लिया जाए।


