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बैंकर्सक्लब ने इंदौर में रखा कदम, अनुभवी रिटायर्ड बैंकर्स के सहयोग से एमएसएमई को प्रदान करेगा फाइनेंशियल एडवाइज़री सर्विसेस
• पीएनबी बैंक के रिटायर्ड डीजीएम मनमोहन छाबड़ा को इंदौर मार्केट का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया
• डेट और इक्विटी फंडिंग, डेट रिस्ट्रक्चरिंग, एनपीए समाधान, एमएसएमई एडवाइज़री, नियामक अनुपालन जैसी सेवाएं प्रदान करेगा
• इंदौर मार्केट से वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक राजस्व का 25% से 30% योगदान मिलने की उम्मीद
इंदौर, 27 मार्च 2025: अनुभवी रिटायर्ड बैंकर्स के साथ मिलकर फाइनेंशियल एडवाइज़री को नए आयाम देने वाला फिनटेक एग्रीगेटर स्टार्टअप बैंकर्सक्लब, अब इंदौर में भी अपनी सेवाएँ शुरू कर रहा है। मध्य प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए, बैंकर्सक्लब ने पीएनबी बैंक के पूर्व डीजीएम मनमोहन छाबड़ा को नियुक्त किया है, जिनके पास 36 साल का बैंकिंग अनुभव है। अब इंदौर के लोगों को भी बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी बेहतरीन सलाह और सेवाएँ मिल सकेंगी।
स्टार्टअप बैंकर्सक्लब एक ऐसा एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है जो एमएसएमई, स्टार्टअप्स और बड़े व्यवसायों को अनुभवी बैंकर्स से जोड़कर फाइनेंशियल सलाह और समाधान देता है। अब इस स्टार्टअप ने इंदौर के साउथ तुकोगंज में अपना ऑफिस खोला है, जिससे शहर में इसकी सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, भौगोलिक दृष्टि से इंदौर, भोपाल और मुंबई के करीब होने के कारण इसका विस्तार और तेजी से होने की उम्मीद है।
बैंकर्सक्लब की सर्विसेस में क्लब डेट और इक्विटी फंडिंग, डेट रिस्ट्रक्चरिंग, अंतरराष्ट्रीय विस्तार, एनपीए समाधान, मर्जर और एक्विजिशन, एमएसएमई सलाह, नियामक अनुपालन और अन्य वित्तीय समाधान शामिल हैं। ये सेवाएं न केवल बिजनेस ग्रोथ में मदद करती हैं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं, जिससे स्टार्टअप्स और व्यवसायों को मजबूत वित्तीय दिशा मिलती है।
विस्तार के बारे में बात करते हुए, बैंकर्सक्लब की को-फाउंडर बर्नाली दास ने कहा, “हम इंदौर में अपने प्रवेश को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है, और यहां बहुत संभावनाएं हैं। हम अपने संचालन के पहले ही वर्ष में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने पर उत्साहित हैं। रिसर्च से पता चलता है कि एमएसएमई क्रेडिट की 47% मांग पूरी नहीं हो पाती, क्योंकि या तो व्यवसाय वित्तीय रूप से मजबूत नहीं होते या वे अनौपचारिक फंडिंग चैनल्स को प्राथमिकता देते हैं। इसके माध्यम से हम एमएसएमई को सशक्त बनाकर उनकी वृद्धि में योगदान दे सकते हैं, विशेष रूप से सरकारी नीतियों से मिलने वाली सकारात्मक परिस्थितियों का लाभ उठाकर। हालांकि, इस अंतर को प्रभावी ढंग से भरने के लिए, हमें टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचना होगा, जहां वित्तीय विकल्पों के प्रति जागरूकता सीमित है। बैंकर्सक्लब का लक्ष्य कैपिटल प्रोवाइडर्स और एमएसएमई के बीच के अंतर को खत्म करने और व्यवसायों को महानगरों के साथ ही छोटे शहरों में भी सशक्त बनाना है।”
अपनी नई भूमिका को लेकर उत्साहित, बैंकर्सक्लब इंदौर के सीओओ मनमोहन छाबड़ा ने कहा, “मैं बैंकर्सक्लब से जुड़कर और मध्य प्रदेश में बढ़ते व्यवसायों को अनुभवी बैंकिंग प्रोफेशनल्स से जोड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे प्लेटफॉर्म पर फॉर्मर बैंकर्स के अनुभव का लाभ उठाकर, हम शहर के एमएसएमई को विकास के नए अवसरों को खोजने, वित्तीय स्थिति सुधारने और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करेंगे। मैं इस मिशन में योगदान देने और इस क्षेत्र में बैंकर्स क्लब के विस्तार के लिए तत्पर हूं।“
बैंकर्सक्लब अपने ग्राहकों तक पहुंचने के लिए रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) और पूर्व बैंकर्स, लोकल बैंक्स, ऋणदाताओं और डिजिटल मार्केटिंग पहल का उपयोग करने की योजना बना रहा है। इंदौर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही, स्टार्टअप को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उसकी कुल वार्षिक आय का 25% से 30% हिस्सा इंदौर बाजार से आएगा।
बैंकर्सक्लब भारत का पहला फिनटेक एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है, जो फॉर्मर बैंकिंग प्रोफेशनल्स के अनुभव को फिर से उपयोग में लाकर फाइनेंशियल एडवाइज़री सर्विसेस प्रदान करता है। इसका उद्देश्य भारत के साथ ही ग्लोबल लेवल पर कॉर्पोरेट्स को भारतीय एडवाइज़र्स के कौशल से जोड़कर ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करना और राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान देना है। कंपनी तेजी से विस्तार करते हुए दक्षिण भारत की मेट्रो सिटीज़ के साथ ही अन्य प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे देशभर में एमएसएमई और कॉर्पोरेट इकोसिस्टम को मजबूती मिल सके।


