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एनएसई ने मनाया भारत के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 के 30 वर्ष पूरे होने का जश्न
इंदौर, मार्च 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने आज निफ्टी 50 इंडेक्स के 30 वर्ष पूर्ण होने का जश्न मनाया। निफ्टी 50 भारत का प्रमुख इक्विटी बेंचमार्क है और इसे दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले इंडाइसेस में से एक माना जाता है। इस खास अवसर पर मुंबई स्थित एनएसई के एक्सचेंज प्लाज़ा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बाजार से जुड़े कई प्रमुख लीडर्स, निफ्टी 50 कंपनियों के प्रतिनिधि, रेगुलेटर्स और भारत के पूँजी बाजार से जुड़े प्रतिभागी शामिल हुए।
इस समारोह में श्री तुहिन कांत पांडे, चेयरमैन, सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) श्री तुहिन कांत पांडे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं, श्री एस. गुरुमूर्ति, पब्लिक इंटेलेक्चुअल, लेखक और भारतीय रिजर्व बैंक के स्वतंत्र निदेशक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर श्री श्रीनिवास इंजेती, चेयरमैन, एनएसई और श्री आशीषकुमार चौहान, एमडी एवं सीईओ, एनएसई भी उपस्थित रहे।
श्री तुहिन कांत पांडे, चेयरमैन, सेबी, ने कहा, “निफ्टी 50 के तीन दशक पूर्ण होने का जश्न मनाना सिर्फ एक इंडेक्स की कहानी नहीं है। यह भारत के पूँजी बाजार और उन्हें मजबूत बनाने वाली संस्थाओं की सम्पूर्ण यात्रा को भी उजागर करता है। इन तीस वर्षों में निफ्टी न सिर्फ कॉर्पोरेट इंडिया की तस्वीर बनकर सामने आया है, बल्कि निवेशकों के भरोसे का पैमाना और बाजार की दिशा बताने वाला अहम् सूचक भी बन गया है। यह यात्रा एक्सचेंज, रेगुलेटर्स, बाजार से जुड़ी संस्थाओं और देशभर के लाखों निवेशकों के मिलकर किए गए प्रयासों से संभव हुई है।”
श्री एस. गुरुमूर्ति, पब्लिक इंटेलेक्चुअल, लेखक और भारतीय रिजर्व बैंक के स्वतंत्र निदेशक ने कहा, “पिछले कुछ दशकों में भारत की वित्तीय व्यवस्था एक अलग और खास तरीके से विकसित हुई है। कई देशों में बाजार सिर्फ वित्तीय नए प्रयोगों के सहारे बढ़े, लेकिन भारत में बाजार मजबूत संस्थाओं, रेगुलेटर्स की निगरानी और सावधानी के साथ आगे बढ़े हैं। इसी संतुलन ने ऐसा माहौल स्थापित किया है, जहाँ विकास और स्थिरता साथ-साथ चल रहे हैं। सेबी, रिजर्व बैंक और दूसरे रेगुलेटर्स ने समय के साथ निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। यही वजह है कि आज भारत का बाजार ऐसा माध्यम बन रहा है, जहाँ पारदर्शिता, जवाबदेही और निवेशकों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इसका प्रभाव यह है कि अब देश और विदेश दोनों जगह के निवेशक भारत के बाजार में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।”
इस मौके पर श्री श्रीनिवास इंजेती, चेयरमैन, एनएसई, ने कहा, “पिछले तीन दशकों में निफ्टी 50 सिर्फ एक बाजार इंडेक्स भर नहीं रहा, बल्कि यह भारत की आर्थिक रफ्तार का मजबूत प्रतीक बन गया है। 1990 के दशक के बीच जब इसे शुरू किया गया था, तब इसका उद्देश्य उदारीकरण की ओर बढ़ रही अर्थव्यवस्था में बाजार को एक भरोसेमंद आधार देना था। आज निफ्टी 50 कंपनियों की मजबूती और निवेशकों के भरोसे को दिखाने वाला अहम् इंडेक्स बन चुका है। निफ्टी की यह यात्रा कहीं न कहीं भारत की अपनी यात्रा को भी दर्शाती है, जिसमें लोगों की उम्मीदें, कारोबार की तेजी और निवेशकों का भरोसा शामिल है। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एनएसई जैसी मजबूत संस्थाएँ और निफ्टी 50 जैसे पारदर्शी इंडेक्स लाखों लोगों की बचत को देश की तरक्की से जुड़े कारोबारों तक पहुँचाने में अहम् भूमिका निभा रहे हैं।”
श्री आशीषकुमार चौहान, एमडी और सीईओ, एनएसई, ने कहा, “विगत 30 वर्षों में निफ्टी 50 सिर्फ एक साधारण बाजार इंडेक्स नहीं रहा। आज यह भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर की सक्रियता और देश के पूँजी बाजार की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है। डेरिवेटिव्स बाजार के विकास में भी इस इंडेक्स की अहम् भूमिका रही है। इसके साथ ही यह देश में बढ़ते पैसिव निवेश की मजबूत नींव बन चुका है, जिसके आधार पर इंडेक्स फंड और ईटीएफ जैसे विकल्प सामने आए हैं। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है और ऐसे समय में एनएसई इंडेक्स व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि निवेशकों को पारदर्शी और भरोसेमंद मानक मिलते रहें और वे देश की प्रगति में भागीदार बन सकें।”
निफ्टी 50 को 22 अप्रैल, 1996 को लॉन्च किया गया था, जिसकी आधार तिथि 3 नवंबर, 1995 रखी गई थी। इसे भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों की 50 बड़ी और सक्रिय कंपनियों के प्रदर्शन को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया था। विगत तीन दशकों में यह भारत के इक्विटी बाजार का एक अहम् आधार बन चुका है। यह कॉर्पोरेट इंडिया की बढ़त को भी उजागर करता है और व्यवस्थित व तय नियमों पर आधारित इंडेक्स व्यवस्था के जरिए निवेशकों को देश की आर्थिक प्रगति में भाग लेने का अवसर देता है।
3 नवंबर, 1995 से 27 फरवरी, 2026 तक निफ्टी 50 ने दीर्घकालिक मजबूत रिटर्न दिए हैं:
- निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई): 12.74% सीएजीआर
- निफ्टी 50 प्राइस रिटर्न इंडेक्स (पीआरआई): 11.23% सीएजीआर
समय के साथ निफ्टी 50 भारत में पैसिव निवेश की एक मजबूत नींव बन गया है। इसी के आधार पर इंडेक्स फंड, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और दूसरे निवेश उत्पाद शुरू हुए। साथ ही यह बड़े संस्थागत निवेशकों से लेकर छोटे निवेशकों तक, सभी के लिए एक अहम् बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
शुरुआत से ही निफ्टी 50 का हिस्सा रही कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। यह भारत की बड़ी कंपनियों की मजबूती और उनकी लगातार बनी हुई भूमिका को प्रदर्शित करता है।
इस अवसर पर एनएसई ने ‘निफ्टी पैनोरमा’ नाम की एक किताब भी जारी की, जिसे श्री उर्विश कंथारिया ने लिखा है। इस किताब में निफ्टी के सफर और उसके विकास को विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही ‘निफ्टी 50: थर्टी इयर्स ऑफ इंडियाज़ मार्केट इवोल्यूशन’ शीर्षक से एक श्वेत पत्र भी अतिथियों ने जारी किया। कार्यक्रम के दौरान दो खास वीडियो भी दिखाए गए। एक वीडियो में भारत के वित्तीय बाजार के विकास में निफ्टी की भूमिका और निवेशकों पर उसके असर को बताया गया, जबकि दूसरे वीडियो में निफ्टी 50 कंपनियों के प्रतिनिधियों और बाजार से जुड़े लोगों के अनुभव साझा किए गए।
इस अवसर पर निफ्टी 50 से जुड़ी कंपनियों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
समारोह का समापन अतिथियों द्वारा एनएसई की घंटी बजाकर किया गया, जो भारत के पूँजी बाजार की निरंतर बढ़त और मजबूती की भावना को दर्शाता है।


