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विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस: कॉस्मेटिक सर्जरी को लेकर जागरूक रहने की जरूरत
सिर्फ सुंदर दिखने के लिए नहीं, कई स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में भी मददगार है कॉस्मेटिक सर्जरी
इंदौर। प्लास्टिक सर्जरी का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में केवल सुंदरता बढ़ाने या फिल्मी सितारों की कॉस्मेटिक सर्जरी की तस्वीर उभरती है, जबकि आधुनिक दौर में कॉस्मेटिक सर्जरी केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं रह गई है। यह जन्मजात विकृतियों को सुधारने, दुर्घटना या उम्र बढ़ने से आए शारीरिक बदलावों को बेहतर करने और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, इंदौर के विशेषज्ञों ने लोगों से कॉस्मेटिक सर्जरी को लेकर सही जानकारी अपनाने और किसी भी प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की अपील की।
इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी (ISAPS) की वर्ष 2024 की ग्लोबल सर्वे के अनुसार दुनिया भर में वर्ष 2024 के दौरान करीब 3.8 करोड़ एस्थेटिक प्रक्रियाएं की गईं। इनमें लगभग 1.74 करोड़ सर्जिकल और 2.05 करोड़ नॉन सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल रहीं। वर्ष 2020 की तुलना में इन प्रक्रियाओं में 42.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो आधुनिक तकनीकों के प्रति बढ़ते भरोसे और लोगों में बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, इंदौर के कॉस्मेटिक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. रवि बिलूनिया के अनुसार कॉस्मेटिक सर्जरी का उद्देश्य केवल बेहतर दिखना नहीं, बल्कि उन शारीरिक बदलावों को सुधारना भी है जो किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। वर्तमान में राइनोप्लास्टी, ब्लेफेरोप्लास्टी, फेस रीजुवनेशन, लिपोसक्शन, एब्डॉमिनोप्लास्टी, स्कार रिवीजन और बॉडी कंटूरिंग जैसी प्रक्रियाओं के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरें, फिल्टर और अधूरी जानकारी कई बार लोगों में अवास्तविक अपेक्षाएं पैदा कर देती हैं। हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट, त्वचा और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी प्रक्रिया का परिणाम भी अलग हो सकता है। ऐसे में कॉस्मेटिक सर्जरी कराने से पहले योग्य प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन से परामर्श, आवश्यक जांच और सही काउंसलिंग बेहद जरूरी है।
आगे डॉ बिलूनिया ने कहा, “आज कॉस्मेटिक सर्जरी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सटीक हो चुकी है। आधुनिक तकनीकों और उन्नत उपकरणों की मदद से कई प्रक्रियाओं में रिकवरी का समय भी कम हुआ है। हर मरीज की जरूरत अलग होती है, इसलिए उपचार की योजना उसकी स्वास्थ्य स्थिति, त्वचा की गुणवत्ता और अपेक्षित परिणाम को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। अब लोग केवल सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि पुराने निशानों, जन्मजात असमानताओं और उम्र के साथ आए बदलावों को सुधारने के लिए भी विशेषज्ञों से संपर्क कर रहे हैं। सही सलाह, वैज्ञानिक योजना और नियमित फॉलोअप से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।”


