आईवीएफ को लेकर झिझक छोड़ें, सही समय पर इलाज से माता-पिता बनने का सपना हो सकता है पूरा: डॉ. पायल जैसवाल

आज भी हमारे समाज में आईवीएफ (IVF) और इन्फर्टिलिटी को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। लोग इस बारे में खुलकर बात करने से हिचकिचाते हैं। इसलिए सबसे ज्यादा जरूरत जागरूकता बढ़ाने की है। यह बात डॉ. पायल जैसवाल, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, इंदौर ने कही।

डॉ. जैसवाल ने कहा कि इन्फर्टिलिटी एक आम समस्या है। बहुत से लोगों को लगता है कि यह बहुत कम लोगों को होती है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि संतान न होने के लिए केवल महिला को जिम्मेदार मानना गलत है। कई मामलों में पुरुष भी इसकी वजह हो सकते हैं। इसलिए पति और पत्नी, दोनों को जांच और इलाज के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आईवीएफ कोई अलग या शर्म की बात नहीं है। यह एक सामान्य इलाज है, जिसमें डॉक्टर दंपति को गर्भधारण करने में मदद करते हैं। सबसे जरूरी है कि लोग अपनी समस्या को स्वीकार करें और बिना झिझक डॉक्टर से सलाह लें।
डॉ. जैसवाल ने बताया कि बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, इंदौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब सुविधा उपलब्ध है। यहां हर मरीज की समस्या को समझकर उसके अनुसार इलाज किया जाता है। अच्छे इलाज और आधुनिक तकनीक की मदद से अस्पताल ने कई दंपतियों को माता-पिता बनने का सुख दिया है। इससे उनके जीवन में नई खुशी और नई उम्मीद आई है।

उन्होंने कहा कि आजकल कई महिलाएं अपने करियर या दूसरी जिम्मेदारियों के कारण शादी या परिवार बढ़ाने का फैसला देर से लेती हैं। ऐसे में एग फ्रीजिंग (ओओसाइट फ्रीजिंग) एक अच्छा विकल्प है। इसमें कम उम्र में अंडाणु सुरक्षित रखे जाते हैं, ताकि बाद में जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि उन्होंने कहा कि सिर्फ बढ़ती उम्र ही इन्फर्टिलिटी का कारण नहीं होती। इसके कई और कारण भी हो सकते हैं। इसलिए सही जांच के बाद हर मरीज का इलाज उसकी जरूरत के अनुसार किया जाता है।

बारिश के मौसम में सावधानी रखने की सलाह देते हुए डॉ. जैसवाल ने कहा कि स्वस्थ खान-पान अपनाएं, जंक फूड से बचें और संक्रमण से बचाव करें। अच्छी सेहत का सीधा असर प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा कि पुरुष अक्सर अपनी समस्या बताने या जांच कराने में झिझकते हैं। जब तक वे खुलकर डॉक्टर से बात नहीं करेंगे, तब तक सही इलाज देना मुश्किल होता है। इसलिए पुरुषों को भी बिना किसी शर्म या डर के डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डॉ. पायल जैसवाल ने कहा कि आईवीएफ को लेकर लोगों की सोच बदलने की जरूरत है। सही जानकारी, समय पर जांच और सही इलाज से बहुत से दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना पूरा हो सकता है।

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