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यूटीआई वैल्यू फंड – पूरे मार्केट कैप में अवसरों की तलाश करने वाला फंड
वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशकों को ऐसे फंडों में निवेश करना चाहिए जो लगभग पूरे बाजार को कवर करते हों—दूसरे शब्दों में कहें तो, वेल-डाइवर्सिफाइड (अच्छी तरह से विविधतापूर्ण) फंड।
आमतौर पर निवेशकों का झुकाव लार्ज-कैप फंडों की तरफ ज्यादा होता है क्योंकि ये बाजार के कुल पूंजीकरण का लगभग 80-85% हिस्सा कवर करते हैं। हालांकि लार्ज-कैप बड़े बाजार/सूचकांकों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ये फंड हमेशा पूरे बाजार में मौजूद सभी अवसरों को कैप्चर नहीं कर पाते।
पूरे बाजार के दायरे में अलग-अलग मार्केट कैप (लार्ज, मिड, स्मॉल), अलग-अलग निवेश शैलियां (ग्रोथ बनाम वैल्यू) या बाजार के कुछ हिस्सों में आने वाले उतार-चढ़ाव के अवसर शामिल हो सकते हैं। बाजार की यही विविधता फंड मैनेजरों को पूरे मार्केट कैप और विभिन्न निवेश शैलियों में अनोखे अवसर खोजने का मौका देती है, और साथ ही पोर्टफोलियो के जोखिम को कम रखने में मदद करती है।
यूटीआई वैल्यू फंड ऐसा ही एक फंड है, जो विभिन्न बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में उनके वास्तविक मूल्य की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध निवेश अवसरों की तलाश करता है। यह फंड वैल्यू इन्वेस्टिंग की रणनीति अपनाता है। इसका मूल सिद्धांत है—ऐसी कंपनियों के शेयर खरीदना, जिनकी बाजार कीमत उनके वास्तविक मूल्य से कम हो। आंतरिक मूल्य का अर्थ है किसी कंपनी द्वारा भविष्य में अपने शेयरधारकों के लिए उत्पन्न किए जाने वाले नकदी प्रवाह का वर्तमान मूल्य।
फंड के अनुसार, कम मूल्यांकन वाली कंपनियां मुख्य रूप से दो प्रकार की हो सकती हैं।
पहला, ऐसी कंपनियां जिनकी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और लंबे समय तक विकास करने की क्षमता को बाजार पूरी तरह पहचान नहीं पाता। ऐसी कंपनियां सामान्य कारोबारी चक्रों से अलग लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
दूसरा, ऐसी कंपनियां जो फिलहाल आर्थिक चक्र, कारोबारी माहौल में बदलाव या अपने पिछले निर्णयों के कारण अस्थायी चुनौतियों का सामना कर रही हों।
यदि ऐसी कंपनियों का मूल कारोबार मजबूत हो और भविष्य में नकदी प्रवाह, लाभप्रदता तथा पूंजी पर प्रतिफल में सुधार की संभावना दिखाई देती हो, तो उनका कम मूल्यांकन निवेश का आकर्षक अवसर बन सकता है।
दोनों ही परिस्थितियों में फंड का उद्देश्य ऐसी मजबूत कंपनियों में निवेश करना है, जिनके शेयर बाजार की अपेक्षाओं की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हों।
यूटीआई वैल्यू फंड की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। 30 जून 2026 तक इस फंड का कुल एयूएम 9,400 करोड़ रुपये से अधिक था। फंड का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से लार्ज कैप कंपनियों पर केंद्रित रहता है, जबकि मिड कैप में निवेश का अनुपात बाजार में उपलब्ध मूल्यांकन के अवसरों के अनुसार घट-बढ़ सकता है।
30 जून 2026 तक फंड का निवेश वितरण इस प्रकार था—
लगभग 64% लार्ज कैप कंपनियों में
शेष निवेश मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में
फंड के कुल पोर्टफोलियो का लगभग 42% हिस्सा इन शीर्ष 10 कंपनियों में निवेशित है: एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, भारती एयरटेल लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, इन्फोसिस लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और टेक महिंद्रा लिमिटेड।
यूटीआई वैल्यू फंड उन इक्विटी निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो अपना इक्विटी पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं और दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि की तलाश में हैं।
यह फंड मध्यम जोखिम प्रोफ़ाइल वाले उन निवेशकों के लिए भी सही है जो बाजार की स्थितियों के अधीन, मध्यम से लंबी अवधि में उचित रिटर्न पाना चाहते हैं।


