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संगीता घोष ने ‘दिव्य दृष्टि’ के लिये रोप क्लाइबिंग सीखी
जब अभिनय की बात आती है तो कई सारे कलाकार ऐसे हैं जो काफी मेहनत करते हैं और संगीता घोष उन्हीं में से एक हैं। जानी-मानी अभिनेत्री संगीता घोष की पिशाचनी की भूमिका ने दर्शकों को लुभाया है। पिशाचनी की भूमिका के लिये तैयारी करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है।
पिशाचनी को इस शो में उड़ते हुए और इमारतों से कूदते हुए दिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं उनके पास कई अन्य दिव्य शक्तियां भी हैं, जिसने दर्शकों को हैरान किया है। जानी-मानी अभिनेत्री, संगीता घोष अपनी भूमिका के लिये कई तरह की तैयारियां कर रही हैं और उन्होंने फैसला किया कि वे अपने सारे स्टंट खुद करेंगी।
लगन के साथ काम करने वाली और परफेक्शन पसंद करने वाली संगीता ने बड़े ही उत्साह के साथ रोप-क्लाइबिंग सीखी। अपने किरदार को बखूबी निभाने के लिये वह कभी भी कुछ नया सीखने से पीछे नहीं हटतीं, चाहे वह रोप-क्लाइबिंग जितना जोखिमभरा काम ही क्यों ना हो।
स्टारप्लस अपने दर्शकों के लिये एक अन्य अनूठा शो ‘दिव्य दृष्टि’ लेकर आया है। ‘दिव्य दृष्टि’ दो बहनों की
कहानी है, जिन्हें कि
दिव्य शक्तियां मिली हुई हैं। दृष्टि जहां भविष्य देख सकती है वहीं दिव्या में
उसे बदलने की अद्भुत शक्ति है। कोई भी दिव्य शक्ति बिना किसी खतरे के नहीं आती और
इसलिये उन दोनों बहनों को भी दुष्ट पिशाचनी से बचकर रहना होगा।
पिशाचनी के रूप में संगीता घोष को देखना अद्भुत अनुभव है, उन्होंने अपने नये अवतार से दर्शकों को लुभाया है।


