बादशाह ने ‘चिमणा’ में लगाया अपना सिग्नेचर रैप स्वैग; ‘गोंधळ’ के देसी-रॉ लोकगीत को मिला ग्लोबल म्यूज़िकल मेकओवर!

अवॉर्ड-विनिंग मराठी थ्रिलर ‘गोंधळ’ हिंदी समेत चार और भाषाओं में रिलीज़ के लिए तैयार; पारंपरिक लोकगीत पर चढ़ा कंटेम्पररी देसी हिप-हॉप का तड़का

अपनी मिट्टी से जुड़ी कहानी, पकड़ लेने वाले नैरेटिव और ग्रामीण महाराष्ट्र से गहरे कनेक्शन के चलते दर्शकों का दिल जीत चुकी अवॉर्ड-विनिंग मराठी थ्रिलर ‘गोंधळ’ की कामयाबी का सफर लगातार जारी है। फिल्म ने 2026 के फिल्मफेयर मराठी अवॉर्ड्स में 19 नॉमिनेशन्स में से 6 अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। इसके अलावा फिल्म 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI), गोवा 2025 में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है और कई दूसरे अवॉर्ड्स व सम्मान हासिल कर चुकी है। फिल्म को IMDb पर शानदार 9.0 की रेटिंग भी मिली है, जो दर्शकों से मिल रही जबरदस्त सराहना को बखूबी दर्शाती है।

अब यह चर्चित मराठी थ्रिलर हिंदी समेत चार और भाषाओं में रिलीज़ होकर अपनी पहुंच को और बड़ा करने के लिए तैयार है। फिल्म के म्यूज़िकल सफर में भी एक नया रंग जुड़ गया है। इसका रॉ, ऑथेंटिक लोकगीत ‘एक चिमणा चिवचिवाला’ अब एक स्टाइलिश कंटेम्पररी मेकओवर के साथ लौट आया है, जिसमें पॉपुलर रैपर बादशाह ने अपने सिग्नेचर रैप फ्लेवर का तड़का लगाया है।

‘चिमणा’ नाम से रिलीज़ हुआ यह नया गाना आते ही ऑडियंस के बीच अपनी पकड़ बना रहा है और फिलहाल ट्रेंड भी कर रहा है। पारंपरिक महाराष्ट्रीयन लोकसंगीत की मिट्टी की खुशबू, कैची बीट्स और बादशाह की पहचान बन चुकी रैप एनर्जी को एक साथ लाते हुए यह ट्रैक देसी जड़ों और मॉडर्न साउंड का ऐसा फ्यूज़न पेश करता है, जिसे इग्नोर करना मुश्किल है।

गाने के पीछे के आइडिया पर बात करते हुए बादशाह कहते हैं,

“भारत के रीजनल म्यूज़िक में आज भी अपनी मिट्टी की असली खुशबू और रूह बसी हुई है। हमारी कोशिश है कि ‘गोंधळ’ और ऐसी ही लोक परंपराओं को देसी हिप-हॉप के ज़रिए नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।”

दिव्या कुमार, बादशाह, नागेश मोरवेकर और नेहा खान की आवाज़ों से सजे ‘चिमणा’ ने ओरिजिनल लोकधुन की रूह को बरकरार रखते हुए उसे एक फ्रेश, यूथफुल और ग्लोबल साउंड दिया है। नतीजा है एक ऐसा वाइब्रेंट म्यूज़िकल एक्सपीरियंस, जो पीढ़ियों के बीच की दूरी मिटाते हुए महाराष्ट्र की पारंपरिक लोकधुन को आज की डिजिटल ऑडियंस तक पहुंचाता है।

‘एक चिमणा चिवचिवाला’ की कहानी भी अपने आप में खास है। महाराष्ट्र की समृद्ध लोकसंस्कृति की जड़ों से निकला यह पारंपरिक गीत अब नई पीढ़ी के लिए नए अंदाज़ में पेश किया गया है, जहां बादशाह के रैप ने इसमें एकदम कंटेम्पररी तड़का लगा दिया है। ‘गोंधळ’ की टीम ने बादशाह और पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया है कि उन्होंने इस लोकक्लासिक को एक नई पहचान दी और इसकी आवाज़ को भौगोलिक सीमाओं से कहीं आगे पहुंचाया।

‘गोंधळ’ के सेंटर में है एक ग्रिपिंग और बिल्कुल हटकर थ्रिलर, जो ऑब्सेशन, परंपरा और धोखे की कहानी को सामने लाती है। घुटन भरी ज़िंदगी जी रही युवा दुल्हन सुमन, अपने प्रेमी सरजेराव के गोंधळ अनुष्ठान के प्रति जुनून को ही हथियार बना लेती है और एक पवित्र परंपरा को खतरनाक शतरंज की बाज़ी में बदल देती है। सदियों पुराने रीति-रिवाज़ों की चौखट से शुरू होने वाली यह कहानी धीरे-धीरे एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंचती है, जहां भक्ति, चाहत और धोखे के बीच की लकीर धुंधली होने लगती है। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को कहानी का अहम हिस्सा बनाते हुए फिल्म ऐसा तनाव रचती है, जो दर्शकों को लगातार अंदाज़े लगाने पर मजबूर करता है।

फिल्म के म्यूज़िकल लैंडस्केप को और गहराई देते हैं लीजेंडरी कंपोज़र इलैयाराजा, जो ‘गोंधळ’ के म्यूज़िक डायरेक्टर हैं। उनका संगीत फिल्म के मिट्टी से जुड़े माहौल को और निखारने के साथ-साथ इसकी इमोशनल और ड्रामैटिक दुनिया को भी मजबूती देता है।

‘चिमणा’ में जब परंपरा, रैप और भरपूर एनर्जी एक साथ आती है, तो यह गाना ‘गोंधळ’ से जुड़े लेटेस्ट म्यूज़िकल टॉकिंग पॉइंट्स में अपनी जगह बना रहा है। इसके साथ ही फिल्म की चर्चा अलग-अलग ऑडियंस और प्लेटफॉर्म्स के बीच लगातार बढ़ती जा रही है।

संतोष दावखर के निर्देशन में बनी ‘गोंधळ’ की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स भी उन्होंने ही लिखे हैं। फिल्म का निर्माण दावखर फिल्म्स ने किया है, जबकि दीक्षा दावखर को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, माधवी जुवेकर और ऐश्वर्या शिंदे समेत कई शानदार और अनुभवी कलाकार नज़र आएंगे।

मज़बूत अवॉर्ड जर्नी, मिट्टी से जुड़ी कहानी और अब बादशाह के साथ हाई-एनर्जी म्यूज़िकल कोलैबोरेशन के साथ ‘गोंधळ’ का सफर ग्रामीण महाराष्ट्र के दिल से निकलकर अलग-अलग भाषाओं और भौगोलिक सीमाओं के पार अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है।

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