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समावेशी खेलों को नई गति: इंडिया ऑटिज़्म सेंटर और स्पेशल ओलंपिक्स भारत के बीच समझौता
नेशनल : इंडिया ऑटिज़्म सेंटर (आईएसी), जो ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम तथा संबंधित तंत्रिका-विकासात्मक स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए एक समावेशी और विश्वस्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु समर्पित अग्रणी गैर-लाभकारी संस्था है तथा ‘समावेश’, भारत की सबसे बड़ी आवासीय ऑटिज़्म सहायता एवं देखभाल सुविधा की संचालक संस्था है, ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ स्पेशल ओलंपिक्स भारत के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस सहयोग का उद्देश्य समावेशी खेल अवसरों को बढ़ावा देना, संरचित प्रशिक्षण तक पहुँच को सुदृढ़ करना तथा बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगताओं वाले खिलाड़ियों के लिए सहायता प्रणालियों को मजबूत बनाना है, जिससे उनकी भागीदारी, आत्मविश्वास और समग्र विकास को प्रोत्साहन मिल सके।
यह समझौता ज्ञापन ग्यारह जून, दो हज़ार छब्बीस से प्रभावी होगा और तीन वर्षों की अवधि तक लागू रहेगा। इस पर आज आईएसी पैट्रन्स फाउंडेशन के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जयशंकर नटराजन तथा स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष एवं स्पेशल ओलंपिक्स एशिया-प्रशांत सलाहकार परिषद की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा ने हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी एक दीर्घकालिक और समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विशेष आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों को खेलों में भाग लेने, अपने कौशल विकसित करने और अपनी पूर्ण क्षमता को साकार करने में सक्षम बनाएगा।
यह सहयोग चिकित्सा, शिक्षा, पुनर्वास और समावेशी विकास के क्षेत्र में आईएसी की विशेषज्ञता को भारत भर में बौद्धिक दिव्यांगताओं वाले व्यक्तियों के लिए खेल एवं विकास कार्यक्रमों के संचालन में स्पेशल ओलंपिक्स भारत के व्यापक अनुभव के साथ जोड़ता है।
इस साझेदारी के अंतर्गत आईएसी खेल केंद्र, स्पेशल ओलंपिक्स भारत के लिए एक समर्पित स्थल सहयोगी के रूप में कार्य करेगा और खेल प्रशिक्षण, अभ्यास सत्रों, प्रतियोगिताओं, टूर्नामेंटों तथा समावेशी मनोरंजक गतिविधियों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। आईएसी प्रशिक्षण शिविरों, कार्यशालाओं, मूल्यांकन कार्यक्रमों और क्षेत्रीय खेल पहलों के आयोजन में भी सहयोग प्रदान करेगा तथा सभी प्रतिभागियों के लिए सुगम पहुँच, सुरक्षा और निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करेगा।
स्पेशल ओलंपिक्स भारत अपनी आधिकारिक डिजिटल माध्यमों, जिनमें इसकी वेबसाइट, अनुप्रयोग और सामाजिक माध्यम मंच शामिल हैं, पर आईएसी खेल केंद्र को औपचारिक रूप से स्थल सहयोगी के रूप में मान्यता प्रदान करेगा। इससे समावेशी खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगताओं वाले खिलाड़ियों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को और अधिक रेखांकित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर इंडिया ऑटिज़्म सेंटर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जयशंकर नटराजन ने कहा, “आईएसी में हमारा विश्वास है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमताओं की पहचान करने, आत्मविश्वास विकसित करने और समाज में सार्थक भागीदारी करने का अवसर मिलना चाहिए। स्पेशल ओलंपिक्स भारत के साथ यह साझेदारी हमारी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके माध्यम से हम ऐसे समावेशी मंच तैयार कर रहे हैं जहाँ ऑटिज़्म और विकासात्मक दिव्यांगताओं वाले व्यक्ति खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति का अनुभव कर सकें। संरचित प्रशिक्षण, सुलभ आधारभूत संरचना और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से हम खिलाड़ियों को आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और उपलब्धि की सशक्त भावना विकसित करने में समर्थ बनाना चाहते हैं।”
स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष एवं स्पेशल ओलंपिक्स एशिया-प्रशांत सलाहकार परिषद की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा, “खेलों में लोगों को जोड़ने, आत्मविश्वास विकसित करने और समावेशन के नए मार्ग खोलने की अद्वितीय क्षमता होती है। आईएसी के साथ हमारा यह सहयोग बौद्धिक दिव्यांगताओं वाले खिलाड़ियों को सुलभ प्रशिक्षण स्थलों और सहयोगात्मक वातावरण के माध्यम से नए अवसर प्रदान करेगा। हम जमीनी स्तर पर भागीदारी को सुदृढ़ करने तथा खिलाड़ियों को खेल उत्कृष्टता के उच्चतर स्तरों तक पहुँचाने के लिए मिलकर कार्य करने को उत्सुक हैं।”
यह साझेदारी अनुकूलित खेलों, ऑटिज़्म, समावेशन और सामुदायिक सहभागिता से संबंधित संयुक्त अनुसंधान पहलों का भी अन्वेषण करेगी। साथ ही संयुक्त प्रकाशनों, ज्ञान-विकास तथा परिणाम-आधारित रूपरेखाओं के निर्माण के अवसरों पर भी कार्य किया जाएगा। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थाएँ खेल सहभागिता को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों के विकास को सुदृढ़ करने, प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवकों की क्षमता-वृद्धि करने तथा खिलाड़ियों के लिए जमीनी स्तर के प्रशिक्षण से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक प्रगति के सतत मार्ग तैयार करने का लक्ष्य रखती हैं।


