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डॉक्टर्स के स्पंदन ग्रुप ने सवाल-जवाब पर आधारित गीतों के साथ बांधा समा बांधा
इंदौर, 13 अक्टूबर 2024: स्पंदन डॉक्टर्स कल्चरल ग्रुप ने रविन्द्र नाट्य गृह में आयोजित अपने 140वें कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान किया। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने सवाल-जवाब पर आधारित गीतों की एक अनूठी श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अतुल भट्ट के लोकप्रिय गीत “ज़िंदगी कैसी है पहेली हाय” से हुई। इसके बाद डॉ. शैलेक्षी वर्मा और डॉ. निकिता भटनागर ने “तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ” गाकर माहौल को रोमांटिक बना दिया। डॉ. राजेन्द्र चौबे ने गीत के माध्यम से एक प्रश्न पूछा “तू कहां ये बता इस नशीली रात में”, जिसका जवाब डॉ. पिनाक भटनागर ने “जाता कहाँ है दीवाने” गाकर दिया।
इसके बाद मंच पर एक के बाद एक डॉक्टरों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डॉ. प्रमोद नीमा और मून जैन ने “भली- भली सी इक सूरत, भला सा इक नाम” गाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
मंच संचालन करते हुए डॉ संजय लोंढे ने श्रोताओं से प्रश्न किया “तुमसे अच्छा कौन है”, जिसके जवाब में डॉ. राजेन्द्र चौबे और डॉ मून जैन ने एक युगल गीत प्रस्तुत किया। डॉ. हेमंत मंडोवरा और डॉ निकिता भटनागर ने “आर ए टी रेट, सी ए टी कैट” गाकर हास्य का तड़का लगाया। डॉ मनोज भटनागर ने “अकेले अकेले कहाँ जा रहे हो” गाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। डॉ. अतुल भट्ट और डॉ रुचि शाह ने “कुहू कुहू बोले कोयलिया” गाकर माहौल को मधुर बनाया। डॉ. राजेन्द्र चौबे और निकिता भटनागर ने “छुप गये सारे नजारे ओऐ क्या बात हो गई” गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और डॉ. पिनाक भटनागर ने युगल गीत “इक मंजिल दो राही” प्रस्तुत किया। डॉ मून जैन और डॉ शैलेक्षी वर्मा ने “मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले” गाया। डॉ मून जैन और डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने “तेरे मन की गंगा और मेरे मन की जमुना का” पेश किया।
डॉ. हेमंत मंडोवरा और रुचि शाह ने “हाल कैसा है जनाब का” गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। डॉ. शैलेक्षी वर्मा और डॉ. निकिता भटनागर ने “जरा सा झूम लूँ मैं” गाकर माहौल को और भी रोमांचक बना दिया। डॉ. हेमंत मंडोवरा, डॉ. मून जैन, डॉ रुचि शाह और डॉ प्रमोद नीमा ने मिलकर गाया “आ देखें जरा, किसमें कितना है दम”, गाया, जिसने कार्यक्रम में जान डाल दी। डॉ. हेमंत मंडोवरा ने “ओ मनचली कहाँ चली” गाकर दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया। अंत में, डॉ. अतुल भट्ट और डॉ रुचि शाह ने “जाने जां, ढूँढता फिर रहा” गाया और मून जैन के गीत “झूम झूम झूम बाबा” से गीतों का समापन हुआ।
अंत में पूरे स्पंदन ग्रुप ने स्टेज पर आ कर मैडले गीतों के माध्यम से सवालों और जवाबों के गीतों की झड़ी लगा लगाई और दर्शकों को भी साथ में जोड़ लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय लोंढे ने किया और संगीत संयोजन इंदौर की सुप्रसिद्ध जोड़ी कपिल राठौर और अभिजीत गौड एवं टीम ने किया। स्पंदन ग्रुप के इस अनूठे कार्यक्रम ने साबित किया कि डॉक्टर न केवल मरीजों की सेवा करते हैं बल्कि संगीत के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
स्पंदन डॉक्टर्स कल्चरल ग्रुप के बारे में:
स्पंदन डॉक्टर्स कल्चरल ग्रुप एक ऐसा मंच है जो डॉक्टरों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। ग्रुप समय-समय पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।


