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हार्ट फेल से जूझ रहे 5 बच्चों के 50 वर्षीय पिता को टेम्पररी अर्टिफिशियल हार्ट ने दी जीवन की नई आशा
इंदौर, अगस्त 2022; एक ऐसे व्यक्ति जो हार्ट फेलियर से जूझ रहे थे, उन्हें सबसे उन्नत लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस, “इम्पेला” का उपयोग करके नया जीवन देने का प्रयास विजय नगर स्थित अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर में डॉ. सरिता राव, सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट और डॉ के रोशन राव, सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट के नेतृत्व में डॉ विकास गुप्ता, सीनियर कार्डिएक एनेस्थेटिस्ट, डॉ क्षितिज दुबे, सीनियर कार्डियक सर्जन एवं टीम ने किया। मध्यभारत में पहली बार इस तरह की सर्जरी की गई है।
शुजालपुर के 50 वर्षीय मरीज श्री अर्जुन जी को मधुमेह था, वे बीमार थें और उन्हें कई बार दिल का दौरा पड़ चूका था, जिससे अंततः उनका हार्ट फेलियर हो गया था । 25 जुलाई को वे अपनी एक हफ्ते पुरानी इकोकार्डियोग्राम और एंजियोग्राम रिपोर्ट के साथ बहुत आशा लिए अपोलो हॉस्पिटल्स पहुंचें। सारी रिपोर्ट्स और मरीज को अच्छी तरह देखने के बाद, डॉ के. रोशन राव और डॉ सरिता राव के नेतृत्व वाली टीम को पता था कि उनके पास ज्यादा समय नहीं है। इजेक्शन फ्रैक्शन (हार्ट पंपिंग) 5% होने के कारण, मरीज के लिए समय तेजी से ख़त्म हो रहा था। टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट सहित अन्य कई विकल्पों के बारे में सोचा, लेकिन रोगी की स्थिति और स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उपलब्ध सभी विकल्प उनके लिए ठीक नहीं थे।
सीमित विकल्पों और समय के साथ, टीम ने एक अपेक्षाकृत नई प्रक्रिया को चुनने का फैसला किया, जिसमें “लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस” नामक एक मैकेनिकल दिल, जिसे इम्पेला भी कहा जाता है, उसे मरीज को लगाना होता है। इस सिस्टम में एक पतली, लचीली ट्यूब (कैथेटर) के अंत में एक छोटा रक्त पंप होता है। यह आमतौर पर रोगी के कमर में रक्त वाहिका के माध्यम से डाला जाता है। एक बार प्रत्यारोपित होने के बाद, यह दिल की बाईं ओर से शरीर के विभिन्न भागों में रक्त पंप करता है।
यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बायां वेंट्रिकल हार्ट के कक्षों में सबसे मोटा है और पूरे शरीर में ऊतकों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करता है, इसलिए हार्ट फेल होने की स्थिति में इसे ठीक रखना जरुरी होता है। प्रत्यारोपित होने पर उपकरण शरीर के बाहर एक्सटर्नल कंसोल से जुड़ा होता है। और बाएं वेंट्रिकल को दिल के कुछ काम करके आराम करने में मदद करता है, जिससे मरीज का दिल बेहतर तरीके से काम कर पाता है और चिकित्सक को एंजियोप्लास्टी, स्टेंट प्लेसमेंट आदि जैसे आवश्यक उपचार करने में मदद मिलती है।
इम्पेला दुनिया का सबसे उन्नत लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस है और चुंबकीय क्षेत्र के आधार पर काम करता है। इससे खून का थक्का जमना लगभग बंद हो जाता है, जिससे स्ट्रोक की आशंका कम हो जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें मरीज के पैरामीटर्स को जल्दी से अडॉप्ट करने की क्षमता होती है।
इस प्रक्रिया के बारे में डॉ. सरिता राव, सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर ने कहा, “हार्ट फेल के मरीजों का हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं किया जा सकता है गंभीर रूप से बीमार हृदय रोगी और जिनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है, वे इस प्रक्रिया से अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं। यह सबसे नई और उन्नत हृदय प्रक्रियाओं में से एक है और हम इसे अपने शहर में लाकर खुश हैं क्योंकि हम अपने मरीजों को सबसे बेहतर चिकित्सा सेवाएं देना चाहते हैं।
अपने इलाज की पूरी प्रक्रिया के बारे में श्री अर्जुन जी कहते हैं कि “यह किसी चमत्कार से कम नहीं है, मैंने सारी उम्मीद खो दी थी क्योंकि मैं कई डॉक्टरों से मिल चूका था और कई अस्पताल भी जा चूका था। हर जगह से मुझे नाउम्मीद होकर ही लौटना पड़ा था। अपोलो में डॉ राव से मुलाकात ने मेरी जिंदगी बदल दी। उन्होंने कहा कि आप मुश्किल स्थिति में हैं लेकिन मुझे उम्मीद है, इस नई तकनीक से हम आपका इलाज कर सकते हैं। आज इस प्रक्रिया के तीन दिन बाद मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, मुझे कोई दर्द नहीं है और मैं जीवन को एक नई आशा के साथ देखता हूं। मुझे नया जीवन देने के लिए मैं अपोलो इंदौर की पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं। मरीजों को मेरा संदेश जब आप किसी चिकित्सा समस्या से पीड़ित हों तो कृपया घबराएं नहीं, इंदौर में हमारे पास कई विकल्प हैं, आपको देश-विदेश के अस्पतालों में जाने की कोई जरूरत नहीं है। मेरे ऑपरेशन को एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान लाइव दिखाया गया था और मैं सुन सकता था कि देश-विदेश के बड़े-बड़े डॉक्टर मेरे केस के बारे में बात कर रहे थे।
इस बारे में डॉ के. रोशन राव, सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर ने कहा कि जब उन्होंने हमसे संपर्क किया तो उन्होंने पहले जो भी इलाज करवाया था उसके बावजूद हमने उनकी मदद करने के बारे में सोचा। श्री अर्जुन जी का हार्ट फेल हो चूका था इसका मतलब था कि उनके पास बहुत कम समय बचा था । इसलिए हमने उन्हें पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया और मैंने उन्हें टेम्पररी अर्टिफिशियल हार्ट “इम्पेला” के बारे में जानकारी दी। हमने उन्हें बताया कि हम टेम्पररी अर्टिफिशियल हार्ट की मदद से उनकी एंजियोप्लास्टी करेंगे। वे इस प्रक्रिया के लिए राजी हो गए और हमने इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस सर्जरी को हैदराबाद में आयोजित एशिया-पैसिफिक वर्कशॉप में लाइव दिखाया गया था।”
डॉ अशोक बाजपेयी, सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर ने कहा, “अपोलो हॉस्पिटल्स, इंदौर में, हम अपने मरीजों को सबसे अच्छा इलाज और परिणाम देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हमारी मेहनती टीम सही विशेषज्ञता और तकनीक का उपयोग करती है। हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि मरीज और उसके परिवार को उपचार के हर चरण के बारे में सही जानकारी दी जाए। मुझे यकीन है कि उन्नत लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस का उपयोग, जीवन बचाने की हमारी यात्रा में एक नई शुरुआत होगी।


