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किसी प्रकार की छंटनी नहीं होगीः प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी, पंजाब नैशनल बैंक
पंजाब नैशनल बैंक के वित्तीय वर्ष 2021 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम
नई दिल्ली. देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों पर चर्चा के लिए आज एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। बैंक के एमडी एवं सीईओ श्री सीएच. एस.एस. मल्लिकार्जुन राव ने पीएनबी के जून तिमाही के वित्तीय परिणामों तथा कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान आर्थिक स्थिति के संबंध में मीडिया से संक्षिप्त चर्चा की।
मीडिया से चर्चा करते समय श्री राव ने कहा कि इस वर्ष अक्तूबर से अर्थव्यवस्था में अधिक प्रभावी रूप से सुधार आएगा और इस वित्तीय वर्ष में समग्र ऋण वृद्धि की दर 4-6 प्रतिशत रह सकती है। अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक व वित्तीय मुद्दों के अलावा उन्होंने एमएसएमई, क्यूआईपी, निवल ब्याज मार्जिन (एनआईएम) पर भी चर्चा की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यतः निम्न मुद्दों पर चर्चा हुई:
जून तिमाही में निवल हानि की संभावनाओं के बीच बैंक ने रु.308 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया ।
बैंक ने (ओरियन्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स एवं यूनाइटेड बैंक ऑफ इण्डिया के समामेलन के बाद) समेकित इकाई के रूप में प्रमुख आंकड़े जारी किए।
जून,2020 तिमाही के दौरान अधिशेष प्रावधानों में 1.5% की कमी आई।
कर-पूर्व लाभ में 65% की कमी आई।
पीएनबी में वित्तीय वर्ष के लिए ऋण लागत लगभग 2.5% रहने की आशा है।
पीएनबी ने बताया कि इसके लगभग 5-6% बही ऋण पुनर्गठित किए जा सकते हैं, अंतिम आंकड़े योजना के प्रारूप पर निर्भर करते हैं – जैसा श्री के.वी. कामत की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों में दिया गया है।
समग्र अर्थव्यवस्था में अक्तूबर, 2020 से “और अधिक मजबूती से” सुधार होने की आशा है ।
इस वित्तीय वर्ष में समग्र ऋण वृद्धि की दर 4-6 प्रतिशत रह सकती है, जिसमें एमएसएमई एवं रिटेल सेक्टर में 8 -10 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी।
चीन के सामान पर पाबंदियों की वजह से एमएसएमई सेक्टर में अधिक अवसर उपलब्ध होने के कारण प्रदर्शन अच्छा होने की संभावना है।
हॉस्पिटेलिटी, टूरिज्म एवं एविएशन सेक्टरों में वापसी में अधिक समय लग सकता है।
बैंक के निदेशक मण्डल द्वारा भविष्य में प्रस्तावित आस्ति पुनर्गठन विंडो के संबंध में योजना को मंजूरी मिल सकती है और सितम्बर तक इस सुविधा के लिए पात्र खातों की संख्या में बारे में अनुमान लगाया जा सकता है।
इस वित्तीय वर्ष में कोविड-19 के कारण बैंक के निवल ब्याज मार्जिन (एनआईएम) एवं निवल ब्याज आय (एनआईआई) पर आशानुरूप कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पीएनबी की तीसरी तिमाही के अंत तक अथवा चौथी तिमाही के प्रारंभ में क्वालीफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यू.आई.पी.) की योजना है। पूंजी प्राप्त करने के लिए सरकार का रुख करने की अभी कोई योजना नहीं है।
पीएनबी में 1.03 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और जैसे-जैसे कारोबार में वृद्धि होगी, स्टाफ की संख्या में भी वृद्धि होगी।
पीएनबी के बही ऋणों में से रुपये 30,000 करोड़ के ऋणों ने आरबीआई मोरेटोरियम का विकल्प नहीं लिया है (केवल 20 -22 प्रतिशत खाताधारकों ने इसका विकल्प चुना है)
ओरियन्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स एवं यूनाइटेड बैंक ऑफ इण्डिया के पीएनबी के साथ विलय के बाद कर्मचारियों की किसी प्रकार की छंटनी नहीं की जाएगी।
जून, 2020 तिमाही के अंत में पीएनबी के बही ऋण रु. 7.21 ट्रिलियन हो गए हैं। बैंक को आशा है कि रुपये 36000 से रुपये 38000 करोड़ के ऋण आरबीआई द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पुनर्गठन विंडो का विकल्प चुन सकते हैं।
रुपये 7.21 ट्रिलियन के कुल बही ऋणों में से रुपये 1.27 ट्रिलियन के ऋण एमएसएमई श्रेणी में आते हैं। जिनमें से लगभग 14 प्रतिशत गैर-निष्पादनकारी आस्तियों की श्रेणी में है।


