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दिव्यांग बच्चों को नया जीवन देने का प्रकल्प अनुकरणीय कार्य: त्रिपाठी
अ.भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ के बाल विकलांगता निवारण शिविर में 151 दिव्यांगों का चयन
इंदौर। सेवा और परमार्थ के कामों में और अधिक रफ्तार होना चाहिए। दिव्यांग बच्चों को नया जीवन देने का यह प्रकल्प एक प्रशंसनीय और अनुकरणीय कार्य है। समाज के संपन्न और सक्षम लोग उदारता एवं परमार्थ के भाव से जरूरतमंदो की सेवा के लिए आगे आते हैं तो निश्चित ही यह पीड़ित मानवता की सेवा की दिशा में सराहनीय प्रयास है। राज्य शासन के संबंधित विभागों की ओर से भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए हर संभव सहायता जब जब जरूरत होगी हमेशा मिलती रहेगी। इस सेवा के कार्य में जुटे सभी लोग बधाई एवं साधुवाद के हकदार हैं।
संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने आज साऊथ तुकोगंज स्थित पंजाब अरोड़वंशीय भवन पर अ.भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ केंद्रीय इकाई द्वारा आयोजित बाल विकलांगता निवारण आॅपरेशन शिविर के शुभारंभ प्रसंग पर उक्त विचार व्यक्त किए।
पद्मश्री एवं पद्मविभूषण से अलंकृत आचार्य डाॅ. गोकुलोत्सवजी के सानिध्य में समाजसेवी जयसिंह-टीना जैन एवं संतोष-मोना कटारिया इस अवसर पर मुख्य अतिथि और ज्ञानश्री बापना, सुशीला बेताला, प्रमिला देवरा, शैला झेलावत, सुरेश धारीवाल, सुभाष संघवी, पानबाई जैन, सरोज कोठारी, डाॅ. अरूण-योगिता जैन एवं सुनील जुनेजा, छत्रीबाग सांई मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील जैन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
संभागायुक्त त्रिपाठी ने संभाग के विभिन्न जिलों से आए लगभग 500 बाल विकलांगों में से आॅपरेशन के लिए चयन करने वाले प्रख्यात चिकित्सक डाॅ. प्रमोद नीमा एवं उनकी टीम के साथ शिविर स्थल का अवलोकन भी किया और इस शिविर में हर तरह से सहयोग देने वाले समाज बंधुओं का सम्मान भी किया। प्रारंभ मंे जैन महिला संघ की ओर से अध्यक्ष विजया जैन, रेखा जैन, अनिता जैन, कोमल बंबोरिया, कौशल्या जैन आदि ने अतिथियों की अगवानी की।
शिविर में 15 वर्ष से कम आयु के 151 दिव्यांग बच्चों के चयन की प्रक्रिया शाम तक चलती रही। शेष रहे बच्चों के आॅपरेशन भी समयबद्ध योजना के तहत किए जाएंगे। आज चयनित बच्चों के आॅपरेशन अन्नपूर्णा रोड़ स्थित यूनिक हाॅस्पिटल में किए जाएंगे। प्रतिदिन 4 से 5 आॅपरेशन होंगे और सभी आॅपरेशन पूरे होने में तीन माह का समय लग जाएगा। इस दौरान दिव्यांग मरीज के साथ एक सहयोगी के आवास एवं भोजन की व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी। छत्रीबाग स्थित सांई मंदिर संस्थान ट्रस्ट एवं यूनिक सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल की सहभागिता में ये आॅपरेशन होंगे।
केंद्र सरकार की विकलांग सलाहकार समिति के सदस्य पंकज मारू ने भी कार्यक्रम में आश्वस्त किया कि सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से आॅपरेशन के बाद दिव्यांगों को केलिपर्स एवं अन्य कृत्रिम अंग जल्द से जल्द उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
पद्मश्री एवं पद्म विभूषण डाॅ. गोकुलोत्सवजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। यदि मनुष्य स्वस्थ रहेगा तो समस्त मानवता की सेवा करने में समर्थ रहेगा। मानव में माधव के दर्शन का भाव हमारे व्यवहार में आना चाहिए, तभी सेवा का सही लक्ष्य प्राप्त हो सकेगा। डाॅ. प्रमोद नीमा ऐसे सेवाभावी और विनम्र चिकित्सक हैं, जिनके हाथों में अमृत है। जो भी इनके पास आता है, स्वस्थ हो कर लौटता है। इतनी कम उम्र में 7500 दिव्यांगों सफल आॅपरेशन का विश्वकीर्तिमान बना चुके डाॅ. नीमा भी बधाई और अभिनंदन के पात्र हैं। जिन लोगो ने इस शिविर मंे अपनी सेवाएं दी हैं, वे भी आशीर्वाद एवं अभिनंदन के योग्य हैं।
कार्यक्रम में अध्यक्ष श्रीमती विजया जैन, डाॅ. प्रमोद नीमा, पंकज मारू, जयसिंह जैन आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन किया संस्थापक अध्यक्ष रेखा जैन ने और आभार माना विजया जैन ने। जून माह में 108 बुजुर्गो के घुटना प्रत्यारोपण आॅपरेशन भी महिला संघ की ओर से कराए जाएंगे।संलग्न चित्र – अ.भा. श्वेतांबर जैन महिला संघ द्वारा आयोजित बाल विकलांगता निवारण शिविर का अवलोकन करते संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी। दूसरे चित्र में दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ करते संभागायुक्त एवं अन्य अतिथि। अंतिम चित्र में शिविर में आए दिव्यांग बच्चे एवं उनके परिजन।


