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45 साल के भरोसे को मिला नया स्वरूप, इंदौर में सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च
नई पैकेजिंग में परंपरा और आधुनिकता का संगम; 59 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादक किसानों से जुड़ा है इंदौर दुग्ध संघ
इंदौर,2026। मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी डेयरी ब्रांड ‘सांची’ ने अपने 45 वर्षों के विश्वास को आधुनिक स्वरूप देते हुए इंदौर में अपनी नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन की गई पैकेजिंग लॉन्च की। इंदौर के कृषि महाविद्यालय में आयोजित रीब्रांडिंग समारोह में श्री पुरुषोत्तम पाटीदार, संयुक्त आयुक्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर *एमपीसीडीएफ के पूर्व प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी, इंदौर दुग्ध संघ के सीईओ **श्री विशाल मिश्रा, *एनडीडीबी के ग्रुप हेड (मार्केटिंग) श्री स्वप्न सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वितरक एवं रिटेलर्स उपस्थित रहे।
नई ब्रांड पहचान में आधुनिक रंगों, एकरूप लेआउट और आकर्षक डिज़ाइन के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता दी गई है। नई पैकेजिंग में गोंड कला से प्रेरित डिज़ाइन के माध्यम से गाय, ग्रामीण जीवन, दूध और महिला दुग्ध उत्पादक जैसे तत्वों को प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य 45 वर्षों से उपभोक्ताओं के विश्वास का प्रतीक रहे सांची ब्रांड को बदलते समय और आधुनिक उपभोक्ता की अपेक्षाओं के अनुरूप नई पहचान देना है।
*संयुक्त आयुक्त श्री पुरुषोत्तम पाटीदार ने कहा, *“सांची मध्यप्रदेश के सहकारी आंदोलन और लाखों दुग्ध उत्पादक परिवारों की मेहनत से जुड़ा ब्रांड है। 45 वर्षों से उपभोक्ताओं का विश्वास इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। नई ब्रांड पहचान सांची को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नई ऊर्जा देगी। मुझे विशेष खुशी है कि नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की कला और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई देती है। आधुनिक स्वरूप के साथ अपनी जड़ों से जुड़ा रहना सांची की बड़ी ताकत है। मुझे विश्वास है कि यह नई पहचान उपभोक्ताओं के साथ सांची के जुड़ाव को और मजबूत करेगी तथा किसानों की सहकारी व्यवस्था को भी नई गति देगी।”
*एमपीसीडीएफ के पूर्व प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा, *“सांची के 45 वर्षों के सफर में उपभोक्ताओं का विश्वास और दुग्ध उत्पादक किसानों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। नई पहचान इसी विरासत को आगे ले जाने का प्रयास है। सांची ने समय के साथ खुद को बदलते हुए गुणवत्ता और विश्वसनीयता के अपने मूल वादे को हमेशा प्राथमिकता दी है। नई पैकेजिंग उसी भरोसे को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का माध्यम बनेगी। साथ ही, आधुनिक पैकेजिंग सांची के उत्पादों की बाजार में पहचान और बिक्री को मजबूत करने में भी सहायक होगी।”
*एनडीडीबी के ग्रुप हेड (मार्केटिंग) श्री स्वप्न सिन्हा ने कहा, *“सांची की नई ब्रांड पहचान सहकारी डेयरी को आधुनिक उपभोक्ता की बदलती जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक मजबूत और एकरूप ब्रांड पहचान से उपभोक्ताओं को उत्पादों की पहचान में आसानी होगी तथा सांची के विभिन्न दुग्ध उत्पादों को बाजार में बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य सांची की वर्षों से अर्जित विश्वसनीयता को बनाए रखते हुए उसे नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं के बीच और मजबूत करना है।”
*इंदौर दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विशाल मिश्रा ने कहा, *“इंदौर दुग्ध संघ का प्रयास है कि किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक पूरी सहकारी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जाए। सांची की नई ब्रांड पहचान और आधुनिक पैकेजिंग से उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी और उपभोक्ताओं के साथ ब्रांड का जुड़ाव बढ़ेगा। हमारा लक्ष्य दुग्ध उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ सांची के उत्पादों की पहुंच और बिक्री को और विस्तार देना है।”
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, भोपाल की एक महत्वपूर्ण इकाई है तथा वर्तमान में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा संचालित की जा रही है। संघ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों से उनके गांव में ही उचित मूल्य पर दूध खरीदना, आधुनिक संयंत्र में उसका प्रसंस्करण करना तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दूध एवं दुग्ध उत्पाद तैयार कर उन्हें सांची ब्रांड के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
इंदौर दुग्ध संघ वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर दूध का संग्रह करता है। इसका प्रसंस्करण इंदौर स्थित मुख्य डेयरी संयंत्र के साथ खंडवा, झाबुआ, सेंधवा और खरगोन स्थित चार अन्य मिनी डेयरी प्लांटों में किया जाता है। संघ से 1,687 दुग्ध सहकारी समितियां और लगभग 59,197 दुग्ध उत्पादक किसान जुड़े हैं। सांची दूध एवं दुग्ध उत्पादों का वितरण 148 वितरकों और लगभग 1,300 रिटेलर्स के माध्यम से इंदौर दुग्ध संघ के कार्यक्षेत्र में किया जा रहा है।
संघ के अनुसार, अप्रैल 2025 से अब तक 323 नई दुग्ध सहकारी समितियां स्थापित की गई हैं, जबकि 109 समितियों को पुनर्जीवित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इंदौर दुग्ध संघ का औसत दैनिक दूध संग्रह 2,91,776 लीटर रहा।
दूध एवं दुग्ध उत्पादों के भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए इंदौर स्थित मुख्य संयंत्र में 1-2 मीट्रिक टन क्षमता का नया कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित किया गया है। वहीं, एनडीडीबी द्वारा विकसित एएमसीएस मोबाइल ऐप के माध्यम से दूध संग्रह की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है, जिससे संग्रह संबंधी जानकारी रियल टाइम में प्राप्त हो रही है।
दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बिक्री में भी इंदौर दुग्ध संघ ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर संघ ने 8,316 किलोग्राम सांची पेड़ा की बिक्री की। इसके अतिरिक्त विभिन्न शासकीय, अर्द्धशासकीय विद्यालयों एवं संस्थानों में सांची के दो-दो नग पेड़ा के 1,21,000 पैकेट झंडावंदन के लिए उपलब्ध कराए गए।
फ्लश सीजन में प्रदेश के अन्य दुग्ध संघों और स्वयं के अतिरिक्त दूध से इंदौर दुग्ध संघ द्वारा 40 मीट्रिक टन मानक उच्च गुणवत्ता वाला दुग्ध चूर्ण भी तैयार किया गया।
नई ब्रांड पहचान के तहत सांची के दूध की विभिन्न श्रेणियों के साथ दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा और अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एकरूप आधुनिक पैकेजिंग दी गई है। नई पैकेजिंग का उद्देश्य उत्पादों को बाजार में आसानी से पहचान योग्य बनाना और सांची को आधुनिक, विश्वसनीय तथा उपभोक्ता-केंद्रित डेयरी ब्रांड के रूप में और मजबूत करना है।
सहकारी डेयरी व्यवस्था का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण दूध और दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाना, किसानों की समृद्धि और समाज के पोषण को मजबूत करना भी है। संघ द्वारा किसानों से सीधे उचित मूल्य पर दूध खरीदने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के साथ पशु चिकित्सा शिविर, संतुलित पशु आहार की जानकारी तथा वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन का निःशुल्क प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहयोग दिया जाता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप सांची के पाश्चुरीकृत एवं पैक्ड दूध, दही और घी जैसे उत्पादों को उपभोक्ताओं तक सुरक्षित रूप में पहुंचाना संघ की प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘स्वाद, सेहत, सांची’ के मूल संदेश के साथ नई ब्रांड पहचान सांची की 45 वर्ष पुरानी विरासत को आधुनिक उपभोक्ता अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


