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शिक्षाविदों को दी सायबर सुरक्षा की जानकारी
गुजराती विज्ञान महाविद्यालय में सायबर जागरूकता कार्यशाला
इंदौर, 9 जुलाई. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वरूण कपूर द्वारा ब्लैक रिबन इनिशिएटिव के तहत सायबर जागरूकता अभियान की 279 वीं कार्यशाला पमबगुजराती विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित की गई. इसमें 110 शिक्षाविद उपस्थित रहे व सायबर सुरक्षा के विभिन्न नियमों के बारे में जानकारी के साथ-साथ आईटी एक्ट की जानकारी भी प्राप्त की.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री कपूर ने अपराधों के बढऩे के कारणों व उसकी रोकथाम हेतु विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सायबर अपराध बढऩे का कारण वर्चुअल वल्र्ड में सुरक्षा के मापदंड न अपनाना है. वर्चुअल वल्र्ड में जो दिखाई देता है, वह वास्तविक रूप से नहीं होता है लेकिन सभी लोग उसी पर विश्वास कर लेते है और सिक्युरिटी मेजर्स नहीं अपनाते है साथ ही नियमों की जानकारी न होना ही सायबर अपराध बढऩे का मूल कारण है.
सायबर स्टॉकिंग के बारे में विस्तृत रूप से समझाते हुए बताया गया कि वर्चुअल वल्र्ड में कोई बार-बार आपका पीछा करता है, मैसेज करता है या फ्रेण्ड रिक्वेस्ट बार-बार भेजता है, वह सायबर स्टॉकिंग का अपराध कर रहा है. इसकी अवहेलना न करें. यह खरतनाक हो सकता है. इसकी रिपोर्ट करें. इसके साथ ही फोटोग्राफ स्टॉकिंग किस प्रकार से होती है, इसकी भी जानकारी दी गई और यह भी बताया गया कि फोटोग्राफ स्टॉकिंग के माध्यम से ऑनलाईन शिकारी आपके फोटो का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम दे सकते है.
इसलिये अपनी फोटो सोशल नेटवर्किंग पर कम से कम पोस्ट करें व सेल्फी फीवर से बचें. बैंकिंग फ्राड, एटीएम फ्राड व अन्य प्रलोभन देकर जो आधुनिक अपराध घटित हो रहे है, उनके कारण व उनसे बचने के उपाय भी बताये.
जिज्ञासाओं का समाधान किया
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी श्री कपूर द्वारा सरलता से देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया. उपस्थित शिक्षाविदों द्वारा कार्यशाला को अत्यंत ही लाभकारी एवं उपयोगी बताया व श्री कपूर के इस प्रयास की प्रशंसा की और कार्यशाला को सम-सामयिक बताया. इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती किरण दीक्षित ने श्री कपूर को प्रशंसा पत्र प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ. आशीष दुबे द्वारा किया गया. कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक सुभाष सिंह भी उपस्थित रहे.


