वैज्ञानिक शोध एवं होम्योपैथी शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. ए.के. द्विवेदी की सराहना

इंदौर। केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं शिक्षाविद् डॉ. अश्विनी कुमार द्विवेदी (डॉ. ए.के. द्विवेदी) के वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड (Scientific Advisory Board – SAB) में सदस्य के रूप में दिए गए बहुमूल्य योगदान की औपचारिक सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया है। परिषद ने उनके कार्यकाल के दौरान वैज्ञानिक अनुसंधान, शैक्षणिक मार्गदर्शन तथा सक्रिय सहभागिता को अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी बताया है। CCRH देश में होम्योपैथी अनुसंधान की प्रमुख संस्था है, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से होम्योपैथिक चिकित्सा के विकास एवं शोध कार्यों को प्रोत्साहित करती है।

डॉ. ए.के. द्विवेदी ने अपने अनुभव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति समर्पण के माध्यम से न केवल होम्योपैथी अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा प्रदान की, बल्कि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को भी निरंतर प्रेरित किया। परिषद ने माना कि उनके मार्गदर्शन, विशेषज्ञता और दूरदर्शी सोच से वैज्ञानिक गतिविधियों को सशक्त आधार प्राप्त हुआ तथा अनुसंधान कार्यों में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा मिला।

अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. द्विवेदी ने शिक्षा, अनुसंधान और समाजसेवा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का सतत प्रयास किया। उनका योगदान केवल संस्थागत दायित्वों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, एनीमिया उन्मूलन, जनजागरण और समाजहित के विभिन्न अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

“समर्पण, शोध और सेवा का सशक्त नाम हैं डॉ. ए.के. द्विवेदी।”
“ज्ञान को समाजहित से जोड़ना उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रही है।”
“उनकी वैज्ञानिक सोच और दूरदृष्टि होम्योपैथी जगत के लिए प्रेरणास्रोत है।”

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में डॉ. ए.के. द्विवेदी आयुष मंत्रालय के अंतर्गत शिलांग स्थित नार्थ ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एवं होम्योपैथी (NEIAH) की साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी के सदस्य हैं। इसके साथ ही वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर की कार्य परिषद के सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।

डॉ. द्विवेदी एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर, इंदौर के संस्थापक निदेशक भी हैं और चिकित्सा, शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि इंदौर सहित पूरे होम्योपैथी समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय मानी जा रही है।

Leave a Comment