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नए अध्ययन में सामने आए एंथोसायनिन के फायदे, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार
• अमेरिका में उगाई जाने वाली ब्लूबेरी में मौजूद एंथोसायनिन हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक
नई दिल्ली, भारत, 07 अगस्त 2026 : द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक नए अध्ययन और मेटा-एनालिसिस के अनुसार, लाल, नीले और बैंगनी रंग के खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले प्राकृतिक बायोएक्टिव तत्व एंथोसायनिन का अधिक सेवन स्वस्थ लोगों में हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
एंथोसायनिन प्राकृतिक पौधों से मिलने वाले ऐसे तत्व हैं, जो कई फलों और सब्जियों को लाल, बैंगनी और नीला रंग देते हैं। बेरीज़ इनमें सबसे समृद्ध स्रोत मानी जाती हैं। खासतौर पर अमेरिका में उगाई जाने वाली ब्लूबेरी एंथोसायनिन का अच्छा स्रोत है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
शोधकर्ताओं ने 27 वैज्ञानिक प्रकाशनों में प्रकाशित 18 संभावित समूह अध्ययनों (प्रोस्पेक्टिव कोहोर्ट स्टडीज़) और बिना किसी बीमारी वाले स्वस्थ लोगों पर किए गए 65 क्लिनिकल ट्रायल्स का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से अधिक मात्रा में एंथोसायनिन का सेवन करते थे, उनमें कम मात्रा में सेवन करने वालों की तुलना में हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बेहतर पाया गया।
• हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम 26% तक कम पाया गया।
• हार्ट अटैक का जोखिम 18% तक कम पाया गया।
• टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम 11% तक कम पाया गया।
• हृदय संबंधी कारणों से मृत्यु का जोखिम 9% तक कम पाया गया।
• हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम 8% तक कम पाया गया।
क्लिनिकल ट्रायल्स में यह भी पाया गया कि प्रतिदिन 50 मिलीग्राम या उससे अधिक मात्रा में एंथोसायनिन का सेवन करने से रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) की कार्यक्षमता और इंसुलिन के स्तर में सुधार देखा गया। शोधकर्ताओं के अनुसार, एंथोसायनिन से भरपूर खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से यह मात्रा आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
भारत के लिए क्यों है यह अध्ययन महत्वपूर्ण
हृदय संबंधी बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज़ के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस अध्ययन के निष्कर्ष भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारत में हृदय संबंधी बीमारियों, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और जीवनशैली से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए इस अध्ययन के निष्कर्ष काफी महत्वपूर्ण हैं।
रोज़ाना के भोजन में प्राकृतिक रूप से लाल, नीले और बैंगनी रंग के फलों एवं सब्जियों को शामिल करने से आहार की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। अमेरिका में उगाई जाने वाली ब्लूबेरी का सेवन ताज़ा, फ्रोजन या सूखे रूप में किया जा सकता है। इसे दही, ओट्स, स्मूदी, नाश्ते के विभिन्न व्यंजनों, सलाद, डेज़र्ट और कुछ भारतीय व्यंजनों में भी आसानी से शामिल किया जा सकता है।
अमेरिकी हाई बुश ब्लूबेरी काउंसिल का भारत में प्रतिनिधि करने वाले राज कपूर ने कहा, “यह शोध हमारे रोज़मर्रा के आहार में विविधता लाने और प्राकृतिक रूप से रंगीन फलों एवं खाद्य पदार्थों को शामिल करने के महत्व को रेखांकित करता है। अमेरिका में उगाई जाने वाली ब्लूबेरी एंथोसायनिन का अच्छा स्रोत है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। साथ ही इसे भारतीय खानपान का हिस्सा बनाना भी बेहद आसान है।”
शोध में यह दावा नहीं किया गया है कि कोई एक खाद्य पदार्थ अकेले किसी बीमारी की रोकथाम या उसका इलाज कर सकता है। इसके बजाय, निष्कर्ष बताते हैं कि संतुलित आहार के हिस्से के रूप में एंथोसायनिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और चिकित्सकीय सलाह के साथ मिलकर बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर एडीन कैसिडी ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि खानपान में किए गए छोटे और आसानी से अपनाए जा सकने वाले बदलाव, लंबे समय में हृदय संबंधी बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में योगदान दे सकते हैं।


