अंतरराष्ट्रीय जर्नल के संपादकीय मंडल में शामिल हुए डॉ. द्विवेदी; एनीमिया जागरूकता अभियान से भी लोगों को मिल रही प्रेरणा

इंदौर। होम्योपैथी चिकित्सा, शोध और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे इंदौर के प्रो. (डॉ.) अश्विनी कुमार द्विवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ होम्योपैथिक केस रिपोर्ट्स (IJHCR) ने उनके अकादमिक प्रोफाइल के मूल्यांकन के बाद उन्हें संपादकीय मंडल का सदस्य नियुक्त किया है। नियुक्ति वर्ष 2026 से 2031 तक रहेगा।

जर्नल की ओर से भेजे गए संदेश में डॉ. द्विवेदी को उनके अकादमिक प्रोफाइल के मूल्यांकन के बाद संपादकीय मंडल में नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही उन्हें शोध पत्र, समीक्षा लेख और रोग-प्रकरण रिपोर्ट भेजने के लिए आमंत्रित किया गया है तथा उनके विद्यार्थियों एवं सहयोगी चिकित्सकों को भी अपने शोध कार्य के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

देश-विदेश के मरीजों तक पहुंची होम्योपैथी चिकित्सा

डॉ. ए.के. द्विवेदी होम्योपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे समय से चिकित्सा, शिक्षा, शोध और जनजागरूकता से जुड़े हुए हैं। जटिल रोगों के उपचार एवं रोग-प्रकरणों पर उनके कार्य को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी लोग होम्योपैथी चिकित्सा के लिए उनसे संपर्क करते हैं।

अप्लास्टिक एनीमिया, कैंसर, एडेनोकार्सिनोमा, मेटास्टेसिस, पैनसाइटोपीनिया और आईटीपी जैसे गंभीर एवं जटिल रोगों के रोग-प्रकरणों पर उनके कार्य की चर्चा होती रही है। उनका जोर केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि रोगियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और जीवनशैली तथा भारतीय खान-पान के महत्व को समझाने पर भी है।

एनीमिया जागरूकता अभियान बना प्रेरणा

डॉ. द्विवेदी द्वारा चलाए जा रहे एनीमिया जागरूकता अभियान ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। अभियान के माध्यम से एनीमिया की समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा भारतीय खान-पान को अपनाकर शरीर में रक्त निर्माण के लिए आवश्यक पोषण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अभियान से प्रेरित होकर अलग-अलग शहरों में भी इसी मॉडल पर एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम चलाने की पहल किए जाने की बात सामने आई है। उनका यह प्रयास चिकित्सा के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में अनुकरणीय माना जा रहा है।

शोध को बढ़ावा देने का अंतरराष्ट्रीय मंच

आईजेएचसीआर स्वयं को सहकर्मी-समीक्षित, मुक्त-प्रवेश वाला शोध जर्नल बताता है, जिसमें होम्योपैथी, संबद्ध आयुष और स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े रोग-प्रकरण, रोग-प्रकरण श्रृंखला, चिकित्सकीय अवलोकन और शोध कार्य प्रकाशित किए जाते हैं।

जर्नल ने डॉ. द्विवेदी को यह भी बताया है कि उनकी अनुशंसा से भेजे गए शोध-पत्रों के लिए संपादकीय स्वीकृति के अधीन अधिकतम संभव प्रकाशन शुल्क छूट या रियायत पर विचार किया जाएगा।

डॉ. द्विवेदी की इस नियुक्ति को इंदौर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। चिकित्सा सेवा के साथ शोध, शिक्षा और जनजागरूकता को जोड़कर काम करने वाले चिकित्सक के रूप में उनकी यह नई जिम्मेदारी होम्योपैथी के क्षेत्र में इंदौर की पहचान को और मजबूत करने वाली है।

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