- स्कैम २०२४: अपने पहले माइक्रोड्रामा की शूटिंग को लेकर अभिनेत्री विद्या मालवड़े ने साझा किया अनुभव: 'मुझे थोड़ी घबराहट हो रही थी...'
- Scam 2024 Actor Vidya Malavade on Shooting Her First Microdrama: l was a little scared about...
- यूनिक हॉस्पिटल में 30 बेड के निःशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड का 5 नवंबर को लोकार्पण
- Ranbir Kapoor and Sai Pallavi Lead the Way, But These Ramayana Characters Have Us Equally Excited
- दिवाली की सफाई से दांतों की सफाई तक: त्योहारों के मौसम में मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखने पर डॉ. सोनिया दत्ता की राय
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में ‘स्कूल ऑफ आयुष’ और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव
सांसद शंकर लालवानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव को सौंपा प्रतिवेदन
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में “स्कूल ऑफ आयुष” तथा “सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आयुष – होम्योपैथिक रिसर्च सेंटर” की स्थापना के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी के नेतृत्व में तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष मंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव से भेंट कर उन्हें इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. राकेश सिंघई एवं प्रो. सखाराम मुजल्दा भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय NAAC से A+ ग्रेड प्राप्त देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल है तथा विश्वविद्यालय परिसर में आयुष शिक्षा, चिकित्सा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्कूल ऑफ आयुष” और “सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आयुष – होम्योपैथिक रिसर्च सेंटर” स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
प्रतिवेदन में आयुष मंत्रालय से संस्थान की स्थापना, अस्पताल एवं अत्याधुनिक अनुसंधान अवसंरचना के निर्माण हेतु आवश्यक वित्तीय सहयोग, प्रशासनिक स्वीकृति एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। विश्वविद्यालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा सांसद श्री शंकर लालवानी को आश्वस्त किया कि प्रस्ताव पर सकारात्मक एवं प्राथमिकता के साथ विचार किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि यदि यह परियोजना स्वीकृत होती है, तो इंदौर में आयुष शिक्षा, होम्योपैथिक चिकित्सा, उच्चस्तरीय अनुसंधान और नवाचार का राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट केंद्र विकसित होगा, जिससे मध्यप्रदेश सहित पूरे देश को लाभ मिलेगा।


