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आकाश इंस्टीट्यूट के 135 प्रतिभाशाली छात्रों ने इंडियन ओलंपियाड क्वालिफायर इन मैथमेटिक्स (आईओक्यूएम) परीक्षा क्वालिफाई कर आईएनएमओ परीक्षा के लिए अर्हता हासिल की
इस परीक्षा को क्वालिफाई करने वाले छात्र अब ओलंपियाड के दूसरे चरण, इंडियन नेषनल मैथेमेटिक ओलंपियाड (आईएनएमओ) में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।
नई दिल्ली. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले संस्थानों में देश भर में अग्रणी आकाश इंस्टीट्यूट के 135 प्रभावशाली छात्रों ने प्रतिष्ठित इंडियन ओलंपियाड क्वालीफायर इन मैथेमेटिक्स (आईओक्यूएम) परीक्षा क्वालिफाई किया है। इसका मूल्यांकन मैथेमेटिक्स टीचर्स एसोसिएळन आॅफ इंडिया (एमटीएआई), इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) और होमीभाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च) – एचबीसीएसई (टीआईएफआर) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
योग्य छात्र अब इंडियन नेशनल मैथेमेटिक ओलंपियाड (आईएनएमओ) के रूप में ज्ञात ओलंपियाड के दूसरे चरण में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।
आकाश इंस्टीट्यूट से आईओक्यूएम परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या में साल दर साल लगातार वृद्धि हुई है। इस साल 9 वीं कक्षा से 15 छात्रों ने, 10 वीं कक्षा से 42 छात्रों ने, 11 वीं कक्षा से 61 छात्रों ने और 12 वीं कक्षा से 17 छात्रों ने यह परीक्षा पास की है। जबकि 2019 में आकाश इंस्टीट्यूट से 90 छात्रों ने और 2020 में 115 छात्रों ने यह परीक्षा पास की थी। और हाल ही में घोषित परिणाम में 135 छात्रों ने यह परीक्षा पास की है।
प्रभावशाली परिणामों पर छात्रों को बधाई देते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के प्रबंध निदेशक, आकाश चैधरी ने कहा, “हमें अपने छात्रों पर बहुत गर्व है जिन्होंने इस कठिन परिस्थिति में भी अभूतपूर्व परिणाम दिये हैं। हम अपने उन सभी छात्रों को बधाई देना चाहेंगे जिन्होंने आईओक्यूएम परीक्षा 2021 उत्तीर्ण की है। यह उनके जेईई के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। हम माता-पिता को भी समर्थन देने के लिए धन्यवाद देना चाहेंगे। हमारे छात्रों और षिक्षकों द्वारा किये गए कठिन परिश्रम का श्रेय संस्थान में करायी जाने वाली परीक्षा की गुणवत्ता पूर्ण तैयारी को जाता है। मैं उन्हें अगले राउंड के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”
पहले प्री-रिजनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड (पीआरएमओ) और रिजनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड (आरएमओ) के नाम से जाने जाने वाले ओलंपियाड का नाम वर्ष 2020-21 के लिए बदल दिया गया है। नेषनल ओलंपियाड प्रोग्राम इन मैथ्स ने अब पीआरएमओ / आरएमओ का नाम आईओक्यूएम कर दिया गया है। अब परीक्षा पैटर्न में कुछ संशोधन किए गए हैं और साथ ही चरणों की संख्या घटाकर 5 कर दी गई है जो पहले 6 थे।
इस परीक्षा के तहत छात्रों को कुछ सैद्धांतिक और प्रायोगिक सत्रों से गुजरना पड़ता है और पूरे भारत सेे केवल 35-40 छात्र इंटरनेषनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड ट्रेनिंग कैम्प (आईएमओटीसी) को क्वालिफाई करने के लिए एक दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हैं। शिविर छात्रों को सैद्धांतिक, प्रायोगिक और अवलोकन (खगोल विज्ञान के लिए) कार्यों के सभी स्तरों पर ओरियेंटेषन प्रदान करता है। वैचारिक नींव और समस्या को सुलझाने के कौशल पर जोर दिया जाता है।
इससे आगे, केवल 4-6 छात्र जो प्री-डिपार्चर कैम्प क्वालिफाई करते हैं, वे एचबीसीएसई में कुछ कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम में षामिल होते हैं, जिसके लिए विशेष प्रयोगशालाएँ विकसित की गई हैं। छात्रों की मदद के लिए, देश भर के विभिन्न संस्थानों के रिसोर्स पर्सन्स को प्रशिक्षण शिविरों में आमंत्रित किया जाता है।
अंतिम चरण अंतर्राष्ट्रीय स्तर का होता है, और इंटरनेषनल मैथेमेटिकल ओलंपियाड में भारतीय छात्र (4-6) भी भाग लेते हैं। छात्रों के साथ 2-4 शिक्षक या संरक्षक होते हैं।
आकाश इंस्टीट्यूट का उद्देश्य शैक्षणिक सफलता हासिल करने के लिए छात्रों की मदद करना है। इसकी राष्ट्रीय अकादमिक टीम के नेतृत्व में पाठ्यक्रम और सामग्री विकास और षिक्षकों के प्रशिक्षण और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत इन-हाउस प्रक्रिया है। इन वर्षों में, एईएसएल के छात्रों ने विभिन्न मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और एनटीएसई, केवीपीवाई और ओलंपियाड में चयन का ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है।


