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बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
क्रिएट स्टोरीज द्वारा किड्स हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम
इंदौर. हेल्थ और प्रॉपर हाईजीन की अवेयरनेस के लिए खेल-खेल में…हेल्थ का आयोजन क्रिएट स्टोरीज द्वारा एक स्कूल में किया गया.
आयोजक दीपक शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के पीछे का उद्देश्य था कि अलग-अलग रोज़मर्रा जिंदगी में छोटी-छोटी चीजों को नजऱंदाज़ कर देते है. इसे पीडीअट्रिशन डॉ अमित बंग ने बच्चों को कई विषयों छूने से जर्म्स, हैण्ड वाश, छींकना और खांसना, ओरल हाईजीन, ओबेसिटी, डाइट में उदहारण के साथ बच्चों को आपस में ही एक्टिविटी करा के समझाया.
पीडिएट्रिशन डॉ. अमित बंग के बच्चों और पेरेंट्स को जानकारी देते हुए बताया कि आजकल जंक फूड की खपत अधिक होने के कारण स्कूली बच्चों में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इंडियन डेंटल एसोसिएशन के हिसाब से 85 प्रतिशत बच्चे किसी ना किसी तरह की डेंटल या ओरल प्रोब्लेम्स है. लोग मुंह की स्वच्छता के महत्व के बारे में अक्सर अनजान होते हैं।
खराब दांत की वजह से हृदय रोगों सहित कई दूसरी संबंधित जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए दांतों की देखभाल के लिए ब्रशिंग नियमित करें. हर दिन फ्लॉस करें, क्योंकि यह उन हिस्सों को साफ करने में मदद करता है, जहां ब्रश नहीं पहुंच सकता है. इसलिए, ब्रश करने के बाद जीभ को भी साफ करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि भारत में मोटापेके साथ 14.4 एम.एन. बच्चे हैं एवं भारत दुनिया के दूसरे स्थान पर है ओबेसिटी के मामले में ,वैसे तो बच्चों में बढ़ रहे मोटापे का कारण बायोलॉजिकल और लाइफस्टाइल है लेकिन गलत खान-पान भी बच्चे के वजन बढऩे कारण हो सकता है.
मोटापे से डायबिटीज़ टाइप 1, छोटी उम्र में ही उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां, सांस लेने में तकलीफ़, अनिद्रा, तनाव और चिड़चिड़ापन, डिप्रैशन जैसी शिकायत होती है. इसलिए बच्चों को फिट रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें व्यायाम की आदत डाली जाए. तैराकी हर प्रकार के योगा और जिम जाने से बेहतर विकल्प है। इसे पूरे शरीर का एक अच्छा व्यायाम हो सकता है.
चित्र- क्रिएट स्टोरीज.


