- Before Munna Bhaiyya & Compounder, They Were College Bros: Abhishek Banerjee & Divyenndu’s 23-Year-Old Bond Comes Full Circle
- Can Akshay Kumar Be Deemed The Milestone Man?
- “छठी मैया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है”: तमन्ना भाटिया
- Tamannaah on Studying the Relevance of Chhath for Chhathi Maiya Song from The Vvaan: I spent time studying and understanding the significance of the ritual
- 15 Characters That Define Akshay Kumar’s Extraordinary Career
सिकल सेल दिवस 19 जून को, इसके उपलक्ष्य में इंदौर में सात दिवसीय सिकल सेल विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे
“स्वस्थ जीवन की ओर एक जागरूक पहल” की थीम के साथ 13 से 20 जून तक चलेगा विशेष अभियान
सांसद सेवा प्रकल्प और एडवांस्ड होम्योपैथिक मेडिकल रिसर्च एवं वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
इंदौर। विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को मनाया जाएगा। इसके उपलक्ष्य में सांसद सेवा प्रकल्प एवं एडवांस्ड होम्योपैथिक मेडिकल रिसर्च एवं वेलफेयर सोसायटी, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय सिकल सेल जागरूकता अभियान इंदौर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जाएगा। “स्वस्थ जीवन की ओर एक जागरूक पहल” की थीम शुरू हुआ यह अभियान 13 जून से 20 जून तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को सिकल सेल जैसे घातक अनुवांशिक रोग के प्रति आमजन को सजग करना और इसकी रोकथाम के प्रति समाज में लोगों को जागरूक करना है।
सात दिवसीय अभियान लोकसभा सांसद श्री शंकर लालवानी और होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. ए. के. द्विवेदी के नेतृत्व में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विविध जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क रक्त जांच शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही हिमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस टेस्ट का महत्व बताकर आमजन में जनजागरूकता लाई जाएगी। साथ ही नुक्कड़ नाटक, पेप्पलेट एवं बुकलेट का वितरण, पोस्टर प्रदर्शनी और संवादात्मक सत्र भी किए जाएंगे।
क्या है सिकल सेल रोग
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि सिकल सेल रोग एक अनुवांशिक रक्त विकार है। जिसमें रक्त की लाल कोशिकाएं अर्द्धचंद्राकार हो जाती है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे मरीज को थकान, तेज दर्द, रक्ताल्पता, हड्डियों की समस्याएं और अंग विकृति हो सकती है। यह स्थिति कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए इस बीमारी को यदि समय रहते पहचाना जाए और सही जानकारी हो तो हम इसे अगली पीढ़ियों तक फैलने से रोक सकते हैं। यह केवल चिकित्सकीय प्रयास नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। हमारा प्रयास है कि हम इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम पूरे वर्ष भर आयोजित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करें। गौरतलब है कि डॉ. द्विवेदी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष होकर केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कार्य परिषद सदस्य भी है। जो समय-समय पर सिकल सेल, अप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाते हैं।
यह अभियान एक स्वास्थ्य चेतना की नई शुरुआत होगा
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए एनीमिया मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए सिकल सेल जागरूकता अभियान इंदौर में जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। यह अभियान एक स्वास्थ्य चेतना की नई शुरुआत होगा। समाज के लिए संदेश है कि विवाह से पूर्व हीमोग्लोबीन इलेक्ट्रोफोरेसिस टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए। परिवार में यदि कोई सिकल सेल पीड़ित हो तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। वहीं अपने साथ दूसरों को भी जागरूक कराना चाहिए, यही सच्ची सामाजिक सेवा है।


