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डीएचएल ग्रुप ने टेक टैलेंट पाइपलाइन के लिए भारत की और देखते हुए, अपने पाँचवें आईटी सर्विस सेंटर का शुभारंभ किया
· बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई के बाद, इस जानी-मानी लॉजिस्टिक्स कंपनी ने इंदौर में अपने पाँचवें आईटी सेंटर की शुरुआत की
· इंदौर में खुलने वाला यह केंद्र, भारत में पहली आईटी सर्विसेज (ITS) ट्रेनिंग एकेडमी होगी
इंदौर, 5 सितंबर, 2025 – डीएचएल ग्रुप ने आज इंदौर में अपने नए डीएचएल आईटी सर्विसेज (आईटीएस) सेंटर के शुभारंभ की घोषणा की, जिससे जाहिर होता है कि ये ग्रुप लंबे समय में भारत को डिजिटल इनोवेशन और टेक्नोलॉजी टैलेंट का केंद्र बनाने के इरादे पर अटल है। बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई में अपनी दमदार मौजूदगी को और बेहतर बनाते हुए, देश में पाँचवें डीएचएल आईटीएस सेंटर की शुरुआत की गई है, जो टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग एकेडमी भी है।
डीएचएल आईटी सर्विसेज़, डीएचएल ग्रुप का ही एक हिस्सा है जो दुनिया की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी का डिजिटल आधार है। इसे दुनिया भर के लगभग 6,000 आईटी प्रोफेशनल्स का सहयोग मिला है। ये टीम ऑन-प्रिमाइसेस और क्लाउड एनवायरमेंट में पूरी तरह सुरक्षित, स्केलेबल और रिज़िलिएन्ट सॉल्यूशंस की पेशकश करती है, ताकि डीएचएल बिना किसी परेशानी के 24/7 अपना काम करता रहे। डीएचएल आईटीएस नए जमाने की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके और पूरे ग्रुप के लिए एक समान स्टैंडर्ड का पालन करके डिजिटल इनोवेशन को आगे बढ़ाता है, इससे दुनिया भर में कंपनी के कामकाज के साथ-साथ ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होता है। इंदौर सेंटर की शुरुआत के साथ ही, अब दुनिया भर में डीएचएल आईटीएस के एक्सपर्ट्स की संख्या लगभग 6,000 हो गई है, जिसमें भारत के 1,300 एक्सपर्ट शामिल हैं।
डीएचएल ग्रुप भारत के लिए लंबे समय के अपने संकल्प पर कायम है, और उसी के तहत डीएचएल आईटीएस का यह विस्तार किया गया है। बीते कुछ सालों में, ग्रुप ने ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने संचालन को बढ़ाने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निवेश की घोषणा की है।
इस मौके पर डीएचएल ग्रुप की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं आईटी सर्विसेज की ग्लोबल हेड, सुप्रिया राव पटवर्धन ने कहा, “डिजिटाइजेशन हमारी स्ट्रेटजी 2030 को सही राह दिखाने वाले पाँच मेगाट्रेंड्स में से एक है, और हमारे कारोबार का डिजिटल बैकबोन बनाने में भारत की भूमिका सबसे अहम है।”
“भारत में होनहार लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी और स्किल डेवलपमेंट पर सरकार के मजबूत फोकस की वजह से, हमें ऐसे ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड डिजिटल सॉल्यूशंस प्रदान करने में मदद मिल रही है, जो प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के साथ-साथ हमारे ग्राहकों के अनुभव को बेमिसाल बनाते हैं।”
इंदौर: विकास के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प
ब्रिलियंट समिट में बने इंदौर के नए डीएचएल आईटीएस सेंटर में पहले ही 100 कर्मचारियों ने कामकाज की शुरुआत कर दी है। इंदौर को शिक्षा के बेहतर माहौल और बेहद दमदार रिटेंशन रेट की वजह से चुना गया है, जो इसे लंबे समय तक लोगों की काबिलियत को निखारने वाला सबसे बेहतर केंद्र बनाता है।
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए जोहान बर्ग्स, एसवीपी, डिजिटल सॉल्यूशंस के ग्लोबल हेड एवं आईटीएस इंडिया के हेड, ने कहा, “इंदौर में ये सेंटर शुरू करने वाली पहली बड़ी इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स कंपनी बनकर, हमें गर्व महसूस हो रहा है। हम टियर-2 शहरों में अपने कारोबार को बढ़ाना और उभरते हुए नए टैलेंट पूल का उपयोग करना चाहते हैं, और इसीलिए हमने ये कदम उठाया है। इंदौर में कई जाने-माने शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिनके साथ मिलकर हम करिकुलम को बेहतर बना सकते हैं ताकि छात्रों के लिए डीएचएल ग्रुप के साथ जुड़ने की राह आसान हो सके। इसके अलावा, इस शहर में होनहार कामकाजी लोगों का रिटेंशन रेट बहुत अधिक है, जिससे कंपनी के साथ स्थानीय कर्मचारियों के मजबूत जुड़ाव का पता चलता है।”
भारत में नौकरियों के अवसर बढ़ाना और टेक टैलेंट के स्किल्स को बेहतर बनाना
ऑफिस से कामकाज की शुरुआत करने के बाद, इसने सिर्फ 18 महीनों में पाँच सेंटर्स के जरिए अपने दायरे को बढ़ाया है। इससे जाहिर है कि, कंपनी भारत में दुनिया की बेहतरीन डिजिटल केपेबिलिटी तैयार करने और यहां के टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के इरादे पर अटल है। आज, आईटीएस इंडिया 1,300 से ज़्यादा डिजिटल एवं लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट्स के साथ, डीएचएल ग्रुप के भीतर सबसे तेजी से बढ़ने वाले टेक्नोलॉजी हब में से एक बन गया है।
हाल ही में लॉन्च किया गया इंदौर सेंटर लगातार जारी इस सफर का बेहद अहम पड़ाव है। यह सेंटर दुनिया भर के प्रोजेक्ट्स में अपना सहयोग देने के साथ-साथ भारत में डीएचएल आईटीएस की पहली टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग एकेडमी के तौर पर भी काम करेगा, जहाँ कर्मचारी डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन, एआई और लीडरशिप का हुनर सीख पाएंगे। यह केंद्र कर्मचारियों को डीएचएल के ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ेगा और एकेडमिक एवं इंडस्ट्री लीडर्स के साथ मिलकर काम करेगा। इससे प्रोफेशनल विकास में तेजी आएगी और बड़े पैमाने पर इनोवेशन करने की हमारी क्षमता भी मजबूत होगी।
बर्ग्स ने आगे कहा, “हमने सिर्फ आठ सालों में, और ख़ासकर पिछले दो सालों में भारत में टैलेंट का पावरहाउस तैयार किया है। हमारी पेशकश सिर्फ नौकरी देने से कहीं बढ़कर है, हम टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी के लिए करियर के रास्ते, ग्लोबल एक्सपोजर, और लीडरशिप के मौके बना रहे हैं। पूरे भारत में पाँच सेंटर्स की शुरुआत और लगातार तीन सालों से ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ का दर्जा मिलने के साथ, हमें यहाँ बनाए जा रहे भविष्य पर नाज है।”
आज, डीएचएल आईटीएस इंडिया 15 से ज़्यादा टेक्नोलॉजी पार्टनर्स केसाथ मिलकर काम करता है, साथ ही इसने कई जानी-मानी यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर पाँच एकेडमिक पार्टनरशिप भी शुरू की हैं, ताकि करिकुलम को इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से बनाया जा सके। हमने लगातार सीखते रहने पर खास ध्यान दिया गया है, ताकि भारत की टीमें ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान देने के साथ-साथ डीएचएल के दुनिया भर के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को ताकत देने वाले इनोवेशन को भी आगे बढ़ाएँ।
हम ग्रुप के टेक्नोलॉजी पार्टनर हैं, जहाँ लॉजिस्टिक्स की जानकारी और टेक्नोलॉजी के नए ट्रेंड्स एक-दूसरे से मिलते हैं। हमारी टीमें एआई पर आधारित लॉजिस्टिक्स से लेकर रोबोटिक्स, IoT और एडवांस्ड एनालिटिक्स तक, हर चीज को सुरक्षित और स्केलेबल प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाते हुए ऐसे ग्लोबल सॉल्यूशंस पेश कर रही हैं, जो आईटीएस को ग्रुप के लिए सस्टेनेबल बनाते हैं और मुकाबले में दूसरों से बढ़त देते हैं।
अंत में राव पटवर्धन ने कहा, “बड़े पैमाने पर इनोवेशन को बढ़ावा देकर, हम इस बात का ध्यान रखते हैं कि टेक्नोलॉजी पर आधारित लॉजिस्टिक्स में डीएचएल दुनिया में सबसे आगे बना रहे और आईटीएस इंडिया, टेक टैलेंट तक अपनी पहुँच के साथ उस भविष्य को आकार देने में बेहद अहम भूमिका निभाता है।”
डीएचएल आईटी सर्विसेज़ दुनिया भर में लगभग 6,000 बेहद कुशल आईटी प्रोफेशनल्स की एक टीम है, जो डीएचएल को 24/7 अपना कामकाज जारी रखने में मदद करती है। ये टीम ऑन-प्रिमाइसेस और क्लाउड में पूरी तरह सुरक्षित, स्केलेबल और रिज़िलिएन्ट सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। यह टीम पूरे ग्रुप के लिए एक समान स्टैंडर्ड का पालन करते हुए, नए जमाने की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से डिजिटल सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाती है।


