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“किसी को बुरा दिखाकर अच्छा नहीं बना जा सकता” – पेड पीआर और नेगेटिविटी पर सोनल चौहान का बड़ा बयान
मनोरंजन जगत में ट्रोलिंग और पैसे देकर की जाने वाली नेगेटिव पीआर अब एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। इसी वजह से अब ज़्यादा से ज़्यादा कलाकार इसके खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं। अभिनेत्री सोनल चौहान ने भी हाल ही में इस पर नाराज़गी जताई और कहा कि आजकल जानबूझकर फैलायी जा रही नकारात्मकता और ऑनलाइन बदनाम करने की कोशिशों से कलाकारों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है, जबकि ऐसा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है।
आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों की राय बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में कई बार कलाकारों को उनके काम से जुड़ी सच्चाई के बजाय बनाई हुई और झूठी कहानियों का सामना करना पड़ता है। सोनल, जिन्होंने धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है और जिनके पास मिर्ज़ापुर: द फिल्म जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं, ने इस पूरे माहौल को गलत और नुकसानदेह बताया।
सोनल ने कहा,
“कलाकारों के खिलाफ चल रही ये पेड पीआर अब बंद होनी चाहिए। अब यह हद से ज़्यादा हो चुका है। इतनी नेगेटिविटी की कोई ज़रूरत नहीं है। किसी को नीचे दिखाकर कोई खुद अच्छा नहीं बन सकता। हम एक-दूसरे के लिए खुश क्यों नहीं हो सकते? हम सब बहुत मेहनत करते हैं। अगर हम एक-दूसरे को गिराने के बजाय इंडस्ट्री को सपोर्ट करें, तो माहौल कहीं ज़्यादा बेहतर हो सकता है। हमें बस थोड़ा अच्छा और सकारात्मक बने रहने की ज़रूरत है।”
सोनल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अभिनेत्री तारा सुतारिया ने भी बताया था कि किस तरह पेड नेगेटिव पीआर उनके खिलाफ इस्तेमाल की जा रही है। इससे इंडस्ट्री के उस अंधेरे पहलू पर रोशनी पड़ती है, जहां प्रचार के नाम पर लोगों को नुकसान पहुँचाया जाता है। भले ही बॉलीवुड जैसी तेज़ रफ्तार इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा होना तय है, लेकिन लगातार ट्रोलिंग और निशाना बनाकर किए गए पीआर हमले न सिर्फ कलाकारों की मानसिक शांति को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनके टैलेंट और मेहनत से भी ध्यान हटा देते हैं।
मिर्ज़ापुर: द फिल्म समेत अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स की तैयारी कर रहीं सोनल चौहान की यह बात लोगों के दिलों को छूती है। उनका कहना साफ है कि असली कामयाबी किसी और को गिराकर नहीं मिलती, और अगर तोड़फोड़ की जगह आपसी समर्थन हो, तो पूरी इंडस्ट्री कहीं बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकती है।


