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WORLD THEATRE DAY: पर Sheena Chohan ने थिएटर को लिखा भावुक पत्र, कहा— “थिएटर ने मेरे हर किरदार को गढ़ा, यह मेरा सबसे बड़ा गुरु रहा है।”
विश्व थिएटर दिवस के मौके पर अभिनेत्री शीना चौहान ने थिएटर के प्रति अपना प्यार और आभार एक भावुक पत्र के जरिए व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि थिएटर ने उनके जीवन और अभिनय को गहराई से आकार दिया है।
शीना की थिएटर यात्रा बहुत छोटी उम्र से शुरू हो गई थी। जब वह सिर्फ दो साल की थीं, तब उन्होंने कोलकाता में पहली बार मंच पर कदम रखा। बाद में उन्होंने “A Midsummer Night’s Dream” में हर्मिया का किरदार निभाया, जहां से उन्होंने अभिनय को गंभीरता से सीखना शुरू किया।
कसौली के द लॉरेंस स्कूल में पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने कई नाटकों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नृत्य और मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग को भी अपने अभिनय में शामिल किया, जिससे उन्हें किरदारों को गहराई से समझने में मदद मिली।
दिल्ली आने के बाद उन्होंने प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक अरविंद गौर के साथ काम किया। यहां उन्होंने कई स्ट्रीट प्ले किए और दर्शकों से सीधे जुड़ना सीखा। इससे उनके अभिनय में सच्चाई और मजबूती आई।
बाद में उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और कई अच्छे प्रोजेक्ट्स में काम किया। लेकिन उन्होंने हमेशा माना कि थिएटर ने ही उन्हें असली अभिनय सिखाया।
अपने पत्र में शीना ने लिखा कि थिएटर उनके लिए सबसे बड़ा गुरु रहा है। उसी ने उन्हें अनुशासन, मेहनत, और हर किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना सिखाया। उन्होंने कहा कि वह हर रोल में थिएटर से सीखी बातें अपनाती हैं और खुद को निर्देशक के अनुसार ढालने की कोशिश करती हैं।
अरविंद गौर ने भी शीना की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत मेहनती, ईमानदार और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
आज भी शीना थिएटर से जुड़ी हुई हैं और हाल ही में उन्होंने “लैला मजनू” नाटक में प्रदर्शन किया। उनका सफर दिखाता है कि थिएटर ने उनके करियर और व्यक्तित्व को मजबूत बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।


