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MoSPI एवं शिक्षा मंत्रालय के स्टैटाथॉन 2026 के ग्रैंड फिनाले का मानव रचना, हरियाणा में शुभारंभ
25 फाइनलिस्ट टीमें भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली एवं प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान विकसित करेंगी
फरीदाबाद, 18 जून 2026: भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से आयोजित स्टैटाथॉन 2025-26 के 36 घंटे के राष्ट्रीय स्तर के ग्रैंड चैलेंज के ग्रैंड फिनाले का आयोजन 17-18 जून 2026 को मानव रचना अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान एवं अध्ययन संस्थान (एमआरआईआईआरएस), फरीदाबाद, हरियाणा, में किया जा रहा है।
स्टैटाथॉन सांख्यिकी, डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों के नवोन्मेषी उपयोग को बढ़ावा देने वाली एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रशासन एवं सुशासन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान विकसित करना है। इस वर्ष प्रतियोगिता को देशभर के विद्यार्थियों से व्यापक प्रतिसाद प्राप्त हुआ और 5,300 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत लगभग 125 विद्यार्थियों वाली 25 टीमों का चयन ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया है।
उद्घाटन सत्र में श्री रोहित भारद्वाज, अतिरिक्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI); डॉ. एन.एच. सिद्धलिंगा स्वामी, सलाहकार, एआईसीटीई; डॉ. प्रदीप धागे, सहायक निदेशक, नवाचार प्रकोष्ठ, एआईसीटीई; श्री राजीव कपूर, प्रबंध निदेशक, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान; तथा डॉ. एन.सी. वाधवा, महानिदेशक, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान सहित नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ, मेंटर्स, जूरी सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नवाचार, डेटा-संचालित प्रशासन तथा विभिन्न क्षेत्रों के मध्य सहयोग की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे देश के लिए भविष्य के अनुरूप एक सुदृढ़ सांख्यिकी इकोसिस्टम का निर्माण किया जा सके।
उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए श्री रोहित भारद्वाज, अतिरिक्त महानिदेशक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने कहा, “स्टैटाथॉन केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, बल्कि ऐसे समाधानों के विकास का मंच है जिन्हें वास्तविक प्रशासनिक प्रणालियों में लागू किया जा सकता है। हमने पिछले संस्करणों में विकसित कई विचारों को पायलट चरण तक पहुंचते हुए देखा है और हम ऐसे समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो वास्तविक उपयोगिता प्रदर्शित करते हैं। इस हैकाथॉन के अंतर्गत प्रस्तुत चुनौतियां आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली के समक्ष मौजूद वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ी हैं, जिनमें बहुभाषी डेटा संग्रहण, तीव्र डेटा प्रोसेसिंग, डेटा सुरक्षा और सांख्यिकीय आंकड़ों के प्रसार जैसे विषय शामिल हैं। हम प्रतिभागियों को ऐसे व्यवहारिक, स्केलेबल और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिन्हें सरकारी कार्यप्रणालियों में समाहित किया जा सके तथा जो भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने में योगदान दें। यह यात्रा हैकाथॉन पर समाप्त नहीं होती, बल्कि यहीं से प्रारंभ होती है।”
अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्री राजीव कपूर, प्रबंध निदेशक, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान ने कहा, “स्टैटाथॉन 2026 के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी करना तथा देश के प्रतिभाशाली युवा नवप्रवर्तकों का हमारे परिसर में स्वागत करना मानव रचना के लिए गौरव का विषय है। यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और युवा प्रतिभाओं के बीच सहयोग की शक्ति का उदाहरण है, जो राष्ट्रीय महत्व की चुनौतियों के समाधान के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए हैं। यहां विकसित किए जा रहे समाधान भारत की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली एवं प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार लाने की क्षमता रखते हैं। विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर देश के लिए स्टैटाथॉन जैसे मंच युवा नवप्रवर्तकों को व्यापक सामाजिक प्रभाव वाले स्केलेबल समाधान विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करते हैं।”
इस अवसर पर डॉ. एन.एच. सिद्धलिंगा स्वामी, सलाहकार, एआईसीटीई ने कहा, “स्टैटाथॉन भारत के विकसित हो रहे नवाचार इकोसिस्टम का प्रतिबिंब है, जिसे स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी पहलों ने और अधिक सशक्त बनाया है। वर्तमान समय में डेटा एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में उभरा है और यह मंच युवा नवप्रवर्तकों को सरकारी संस्थानों के समक्ष मौजूद वास्तविक चुनौतियों के समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। यहां विकसित किए जा रहे विचार केवल शैक्षणिक अभ्यास नहीं हैं, बल्कि उनमें व्यापक स्तर पर अपनाए जाने और क्रियान्वित किए जाने की क्षमता है, जिससे प्रशासन और समाज दोनों को लाभ प्राप्त हो सकता है। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि प्रतिभागियों को नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने तथा देशभर के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले समाधान विकसित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।”
ग्रैंड फिनाले का समापन 18 जून 2026 को होगा, जिसमें फाइनलिस्ट टीमें विशेषज्ञ जूरी के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी, जिसके पश्चात विजेताओं की घोषणा की जाएगी। प्रतियोगिता के अतिरिक्त इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे स्केलेबल समाधानों की पहचान करना भी है जिन्हें राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली में पायलट परियोजनाओं के रूप में अपनाया जा सके तथा सार्वजनिक प्रशासन में उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
स्टैटाथॉन 2026 के माध्यम से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय का नवाचार प्रकोष्ठ भारत की सांख्यिकीय अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, सार्वजनिक निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने तथा देश को डिजिटल रूपसे सशक्त एवं डेटा-संचालित भविष्य की दिशा में अग्रसर करने के लिए कार्य कर रहे हैं।


