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विश्व सिकल सेल दिवस के पूर्व होम्योपैथी विद्यार्थियों ने ली जागरूकता शपथ
विवाह पूर्व सिकल सेल जांच कराने एवं 10 लोगों को प्रेरित करने का संकल्प
इंदौर, 18 जून। श्री गुजराती समाज, इंदौर द्वारा संचालित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के फिजियोलॉजी विभाग के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस (19 जून) के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रथम वर्ष बीएचएमएस के विद्यार्थियों को सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं विवाह पूर्व सिकल सेल जांच अवश्य कराएंगे तथा कम से कम 10 अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
शपथ कार्यक्रम का संचालन डॉ. एके द्विवेदी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विभाग, एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसे समय पर जांच, आनुवंशिक परामर्श एवं जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। यदि विवाह से पूर्व सिकल सेल वाहक (केरियर) की पहचान कर ली जाए तो आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है।
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि वे पिछले 29 वर्षों से शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विषय में रक्त एवं रक्त संबंधी रोगों का अध्यापन कर रहे हैं तथा समाज में रक्ताल्पता (एनीमिया) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान संचालित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया एवं एनीमिया जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होना आवश्यक है, तभी भारत “एनीमिया मुक्त भारत 2047” एवं “सिकल सेल मुक्त भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिकल सेल एनीमिया हीमोग्लोबिन जीन में परिवर्तन के कारण होने वाला आनुवंशिक रोग है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य गोल आकार के स्थान पर हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार प्रभावित होता है तथा रोगी को एनीमिया, कमजोरी, बार-बार संक्रमण, तीव्र दर्द एवं विभिन्न अंगों की जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि “अपनी स्थिति जानें – विवाह से पूर्व सिकल सेल जांच कराएं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित बनाएं उपस्थित विद्यार्थियों ने सिकल सेल मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के होम्योपैथी विद्यार्थियों एवं फिजियोलॉजी विभाग के शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा जन-जागरूकता अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।


