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डॉ. मोहित भंडारी ने ‘सर्जिकल स्वराज’ पहल के तहत एक ही दिन में 50 से ज़्यादा रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी करके इतिहास रचा
इंदौर | 15 अगस्त, 2026: भारतीय हेल्थकेयर के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर, जाने-माने बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने इंदौर में एक ही दिन में 50 से ज़्यादा रोबोटिक बैरिएट्रिक (वजन घटाने वाली) सर्जरी सफलतापूर्वक कीं। उन्होंने एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी और बड़े पैमाने पर बेहतरीन सर्जिकल काम का एक नया बेंचमार्क स्थापित किया। यह असाधारण उपलब्धि ‘सर्जिकल स्वराज’ पहल के तहत हासिल की गई। यह एक ऐसी पहल है जो मेडिकल इनोवेशन, एडवांस्ड रोबोटिक टेक्नोलॉजी और आत्मनिर्भर भारत की भावना को एक साथ लाती है।
डॉ. मोहित भंडारी द्वारा शुरू और संचालित ‘सर्जिकल स्वराज’ भारतीय हेल्थकेयर के भविष्य के लिए एक साहसिक सोच को दर्शाता है। इस पहल में छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम और एक बेहतरीन तालमेल वाली मल्टी-डिसिप्लिनरी सर्जिकल टीम (जिसमें एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग प्रोफेशनल, टेक्नीशियन और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल थे) को एक साथ लाया गया, ताकि देश के सबसे महत्वाकांक्षी रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी प्रोग्राम में से एक को एक ही दिन में पूरा किया जा सके।
सर्जिकल स्वराज सिर्फ़ एक शानदार सर्जिकल उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि यह हेल्थकेयर में भारत के बदलाव का जश्न भी है—1947 में आज़ादी के शुरुआती सालों से लेकर आज के दौर तक, जहाँ अत्याधुनिक रोबोटिक टेक्नोलॉजी, क्लिनिकल विशेषज्ञता और स्वदेशी हेल्थकेयर क्षमताएँ सर्जिकल देखभाल के मानकों को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।
इस पहल के बारे में बात करते हुए डॉ. मोहित भंडारी ने कहा:
«“सर्जिकल स्वराज का मकसद सिर्फ़ बड़ी संख्या में सर्जरी करना नहीं है। इसका मकसद यह दिखाना है कि टेक्नोलॉजी, टीमवर्क, सटीक प्लानिंग और क्लिनिकल उत्कृष्टता के ज़रिए भारतीय हेल्थकेयर क्या हासिल कर सकता है। छह रोबोटिक सिस्टम का तालमेल के साथ इस्तेमाल हमारे सर्जिकल इकोसिस्टम की परिपक्वता और मरीज़ों को विश्व-स्तरीय देखभाल देने के हमारे संकल्प को दर्शाता है।”»
उन्होंने आगे कहा: «“यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि यह भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हो रही है। सर्जिकल स्वराज हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता की ओर देश की यात्रा का प्रतीक है। यह हमारी पूरी सर्जिकल टीम के समर्पण और हमारे मरीज़ों के भरोसे को सम्मान देने का एक तरीका है, जो इस असाधारण मिशन का अहम हिस्सा रहे हैं।”»
रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी में एक मील का पत्थर
ये सर्जरी 51 मरीज़ों पर की गईं, जिनमें 30 पुरुष और 21 महिलाएँ शामिल थीं। मरीजों की औसत उम्र 43.6 साल थी (उम्र का दायरा 21 से 77 साल के बीच था), जबकि उनका औसत वज़न 122 किलोग्राम था। इस पहल से यह साबित हुआ कि सावधानीपूर्वक योजना, सटीकता और तालमेल के साथ काम करके बड़े पैमाने पर सुरक्षित और कुशलता से एडवांस्ड रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी की जा सकती है।
डॉ. मोहित भंडारी को दुनिया के सबसे सफल बैरिएट्रिक सर्जनों में से एक माना जाता है। उन्होंने 40,000 से ज़्यादा बैरिएट्रिक सर्जरी की हैं, जो दुनिया भर में किसी भी एक बैरिएट्रिक सर्जन द्वारा की गई सबसे ज़्यादा सर्जरी हैं। उनके संस्थान, ‘मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स’ को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स’ ने एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे ज़्यादा बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले केंद्र के तौर पर मान्यता दी है।
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सर्जिकल स्वराज’ रोबोटिक सर्जरी, मोटापे के इलाज, मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं और एडवांस्ड हेल्थकेयर डिलीवरी में भारत की बढ़ती लीडरशिप को दिखाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल भारत के सर्जिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की मज़बूती, मेडिकल प्रोफेशनल्स की काबिलियत और जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं में एडवांस्ड रोबोटिक टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल को उजागर करती है।
जब भारत अपनी आज़ादी के 80 साल पूरे कर रहा है, तब ‘सर्जिकल स्वराज’ देश के आत्मविश्वास, इनोवेशन और मेडिकल क्षेत्र में बेहतरीन काम का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल के ज़रिए, डॉ. मोहित भंडारी और उनकी टीम का मकसद भारत की हेल्थकेयर क्षमताओं में और ज़्यादा भरोसा जगाना है। साथ ही, यह दिखाना है कि कैसे टेक्नोलॉजी, विशेषज्ञता और सामूहिक प्रतिबद्धता मिलकर सर्जरी और मरीज़ों की देखभाल के भविष्य को आकार दे सकते हैं।


