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एनआईएफ ग्लोबल इंदौर के स्टूडेंट डिज़ाइनरों ने लंदन फैशन वीक में दिखाई क्रिएटिविटी
इंदौर। एनआईएफ ग्लोबल इंदौर के स्टूडेंट डिज़ाइनरों ने सितंबर 2026 में आयोजित लंदन फैशन वीक के ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपनी क्रिएटिविटी और डिज़ाइन विज़न को प्रस्तुत किया। स्टूडेंट्स ने फैशन के जरिए म्यूजिक, रिदम और इमोशन को विजुअल और वियरेबल आर्ट के रूप में पेश किया।
स्टूडेंट डिज़ाइनरों के कलेक्शन की थीम “साउंड ऑफ म्यूजिक – रिप्रेजेंटेड थ्रू फैशन” रही। इस कॉन्सेप्ट के तहत स्टूडेंट्स ने म्यूजिक की अदृश्य भाषा को कपड़ों, टेक्सचर, कलर, सिल्हूट, सरफेस टेक्नीक और रनवे प्रेजेंटेशन के जरिए व्यक्त किया। इस दौरान रिदम को सिल्हूट, इमोशन को टेक्सचर और म्यूजिक को फैशन में बदलने का प्रयोग किया गया।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्टूडेंट्स को ट्रेंड-बेस्ड फैशन से आगे बढ़कर कॉन्सेप्ट-ड्रिवन और एक्सपेरिमेंटल डिज़ाइन के लिए प्रेरित करना था। स्टूडेंट्स ने अलग-अलग म्यूजिकल जॉनर, इंस्ट्रूमेंट, कल्चरल रिदम, नेचुरल साउंड और इमोशनल एक्सपीरियंस से प्रेरणा लेकर अपने कलेक्शन तैयार किए। जैज़ की फ्लूडिटी, टेक्नो की फ्यूचरिस्टिक एनर्जी, लोक संगीत की सांस्कृतिक विरासत और साइलेंस की मिनिमलिस्टिक फील को फैशन डिज़ाइन के माध्यम से एक्सप्रेस किया गया।
स्टूडेंट डिज़ाइनरों ने अपने कलेक्शन मेंटर श्रीमती निमिषा गोयल के मार्गदर्शन में तैयार किए। उनके मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स ने कॉन्सेप्ट डेवलपमेंट, डिजाइन एक्सपेरिमेंटेशन, टेक्सचर, सिल्हूट, कलर और रनवे प्रेजेंटेशन पर काम करते हुए अपने आइडियाज को एक कम्प्लीट फैशन कलेक्शन के रूप में विकसित किया।
एनआईएफ ग्लोबल इंदौर की चेयरपर्सन श्रीमती साधना टोडी ने कहा कि ग्लोबल फैशन प्लेटफॉर्म पर स्टूडेंट्स को अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत करने का अवसर मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स स्टूडेंट्स को फैशन को केवल कपड़ों तक सीमित न रखकर म्यूजिक, इमोशन, कल्चर और परफॉर्मेंस के साथ जोड़कर देखने का अवसर देते हैं।


