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शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की गोल्डन जुबली का भव्य आयोजन, 50 वर्षों की सेवा और समर्पण का उत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से जुड़े; उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी की रही उपस्थिति
इंदौर, 2026: जरूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने और दृष्टिहीनता की रोकथाम के संकल्प के साथ कार्यरत शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की गोल्डन जुबली के अवसर पर इंदौर स्थित शंकरा आई सेंटर में भव्य समारोह आयोजित किया गया। संस्था की पाँच दशकों की सेवा, समर्पण और मानवीय प्रतिबद्धता को समर्पित इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सांसद श्री शंकर लालवानी और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वर्चुअल संबोधन में शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की पाँच दशकों की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 1977 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में डॉ. आर.वी. रमणी और डॉ. राधा रमणी द्वारा जरूरतमंदों की सेवा के उद्देश्य से शुरू की गई पहल आज देश के 10 राज्यों तक पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी शुरुआत का इतने व्यापक सेवा नेटवर्क में परिवर्तित होना और पाँच दशकों तक सेवा के संकल्प को निरंतर निभाना अपने आप में उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की सबसे बड़ी विशेषता उसका सेवा-आधारित चिकित्सा मॉडल है, जिसके अंतर्गत लगभग 80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत मरीज उपचार के लिए भुगतान करते हैं। उन्होंने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी समाजसेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।
डॉ. यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों, एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटरों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया को गोल्डन जुबली की बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संस्था आने वाले वर्षों में भी इसी सेवा भाव के साथ समाज के लिए कार्य करती रहेगी।
समारोह में शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी ने नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया लंबे समय से नेत्र स्वास्थ्य एवं समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी दिशा में संस्था द्वारा ‘रेनबो स्क्रीनिंग प्रोग्राम’ के माध्यम से पाँच लाख बच्चों की निःशुल्क नेत्र जाँच करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है, ताकि बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की गोल्डन जुबली का यह समारोह संस्था की उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ-साथ भविष्य में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक उपचार पहुँचाने के संकल्प का अवसर भी बना। संस्था की पाँच दशकों की यात्रा सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
— शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, इंदौर


