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वाणी साहित्य उत्सव 2026 इंदौर में 29 से 31 अक्टूबर को; साहित्य, संस्कृति और विचारों का राष्ट्रीय संगम
• 27 सत्रों, 45 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं, पुस्तक लोकार्पण, कविता-कुंभ और मुशायरे के साथ तीन दिनों तक सजेगा साहित्यिक महोत्सव
इंदौर, 26 अक्टूबर 2026। वाणी प्रकाशन ग्रुप द्वारा आयोजित वाणी साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक इंदौर में किया जाएगा। तीन दिवसीय यह साहित्यिक महोत्सव साहित्य, संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन विमर्श को एक साझा मंच प्रदान करेगा। उत्सव में देश के 45 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार, लेखक, कवि, अनुवादक, चिंतक, कलाकार एवं सांस्कृतिक व्यक्तित्व सहभागिता करेंगे। कुल 27 सत्रों में आयोजित होने वाला यह महोत्सव साहित्यिक संवाद, वैचारिक आदान-प्रदान और रचनात्मक अभिव्यक्ति की विविध धाराओं को एक साथ प्रस्तुत करेगा।
उत्सव के अंतर्गत साहित्य, कविता, कथा-साहित्य, अनुवाद, कॉपीराइट, एआई के दौर में लेखन, महिलाओं के सृजन, पौराणिक कथाओं के पुनर्पाठ, संविधान और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में संवाद सत्रों के साथ पुस्तक लोकार्पण, कविता-कुंभ, मुशायरा, कहानी कार्यशाला, बच्चों के लिए विशेष कार्यशाला तथा साहित्यिक और सांस्कृतिक स्मृति सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
वाणी प्रकाशन ग्रुप की सीईओ अदिति माहेश्वरी ने कहा, “वाणी साहित्य उत्सव हमारे लिए केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं, विचारों और सांस्कृतिक विविधता को एक साझा मंच पर लाने का एक सार्थक प्रयास है। हमारा विश्वास है कि साहित्य समाज से संवाद करने, नए प्रश्न उठाने और भविष्य की संभावनाओं को समझने का सशक्त माध्यम है। आज, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक लेखन एवं प्रकाशन की दुनिया को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं, तब लेखकीय स्वतंत्रता, कॉपीराइट, अनुवाद और भाषाई विविधता जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। वाणी साहित्य उत्सव 2026 के माध्यम से हम स्थापित साहित्यकारों और नई पीढ़ी के रचनाकारों के बीच संवाद के अवसर निर्मित करना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि इंदौर में आयोजित यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति नई रुचि जगाने के साथ-साथ रचनात्मक विचारों के आदान-प्रदान को भी नई ऊर्जा देगा।”
अदिति ने आगे बताया कि उद्घाटन सत्र में शिव शेखर शुक्ल, अरुण माहेश्वरी, शीन काफ़ निज़ाम, वाणी त्रिपाठी टिक्कू, उदय प्रकाश और माधव कौशिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। प्रमुख आकर्षणों में डॉ. शशि थरूर की सहभागिता, विभिन्न पुस्तकों का लोकार्पण, राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक संवाद और कविता – कुंभ एवं मुशायरे जैसे आयोजन शामिल हैं। इस साहित्यिक महोत्सव में उदय प्रकाश, शम्भूनाथ, राधावल्लभ त्रिपाठी, माधव कौशिक, सत्य व्यास, रामेश्वर राय, अभय कुमार दुबे, शशि थरूर, अक्षत गुप्ता, विवेक चतुर्वेदी और तरुण भटनागर सहित अनेक प्रतिष्ठित रचनाकार एवं विचारक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। छह से अधिक प्रमुख पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रमों के साथ कविता और शायरी के विविध रंग भी उत्सव का हिस्सा होंगे। कविता – कुंभ एवं मुशायरे में ओपन माइक के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।
वाणी साहित्य उत्सव 2026 की रूपरेखा इस विचार पर आधारित है कि साहित्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, इतिहास और भविष्य के प्रश्नों से निरंतर संवाद करता है। उत्सव में परंपरा और आधुनिकता, भारतीय भाषाओं और अनुवाद, रचनात्मक स्वतंत्रता और कॉपीराइट तथा तकनीक और साहित्य के बदलते संबंधों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन स्थापित साहित्यिक हस्तियों के अनुभवों, नए लेखकों की दृष्टि, कविता और कहानी की रचनात्मक ऊर्जा तथा विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाएगा। बच्चों के लिए विशेष कार्यशाला और ओपन माइक जैसे आयोजन साहित्य से नई पीढ़ी के जुड़ाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण होंगे।
वाणी साहित्य उत्सव 2026 के माध्यम से इंदौर देश के साहित्यिक और सांस्कृतिक संवाद के एक महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति, ज्ञान, विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति के राष्ट्रीय मंच के रूप में पाठकों, लेखकों और साहित्यप्रेमियों को एक साथ आने का अवसर प्रदान करेगा।


